दिल्ली ही नहीं बिहार में भी पराली का धुआं सिरदर्द बना हुआ है. सूखे की वजह से बिहार में धान की खेती देरी से हुई. जिन किसानों ने पछेती धान बोया था वो इन दिनों कटाई कर रहे हैं. साथ ही किसानों को गेहूं की भी पछेती किस्म की बुआई करनी है. समय कम होने पर किसान धान की पराली में आग लगा रहे हैं जो प्रदूषण का कारण बन रहा है. हालांकि बिहार सरकार पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अलर्ट मोड पर है. जिसके तहत बिहार सरकार नियम बना चुकी है कि पराली नहीं जलाने पर ही वो किसानों से धान की खरीद करेगी.