केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहानने कहा कि इस बजट में विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए भविष्य का स्पष्ट रोडमैप और ठोस खाका तैयार किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि दशकों तक कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट, विशेषकर असम, को वोट बैंक की राजनीति का प्रयोगस्थल बनाकर रखा, जहां न सड़कें थीं, न मजबूत रेल कनेक्टिविटी, न उद्योग और न ही युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर. मंत्री ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग के बजट में 21 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि की गई है और मनरेगा के स्थान पर लाई गई VB-GRAM-G योजना के लिए 1,51,282 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष 86,000 करोड़ था. उन्होंने कहा कि सरकार ने मजदूरों को 100 के बजाय 125 दिन रोजगार देने का वचन दिया है और उसके लिए बजट में पूरी व्यवस्था की गई है, साथ ही संपूर्ण विकसित गांव की परिकल्पना को जमीन पर उतारने के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं. इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है; कृषि क्षेत्र के लिए 1,32,561 करोड़, एग्री-एजुकेशन और अनुसंधान के लिए लगभग 9,967 करोड़ और किसानों को राहत देने हेतु फर्टिलाइज़र सब्सिडी के रूप में 1,70,944 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे खेती की लागत घटेगी और किसानों को उर्वरक सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगे.
