"भारत ने तय कर लिया है कि खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे. देशवासियों को पता चला है कि सिंधु का समझौता कितना अन्यायपूर्ण है, कितना एकतरफा है. भारत की नदियों से निकलता पानी दुश्मनों के खेत को सींच रहा है. मेरे देश के किसान और धरती पानी के बिना प्यासी है. ये ऐसा समझौता था जिसने पिछले 7 दशक से मेरे देश के किसानों का अकल्पनीय नुकसान किया है.