उत्तर प्रदेश दुग्ध विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने पर राज्य में दुग्ध उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए अहम कदम उठाए जा रहे हैं. वर्तमान में राज्य में केवल 17 प्रतिशत दूध का प्रसंस्करण होता है, जिसे 50 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है. डेयरी यूनिट स्थापित करने पर सरकार पूंजीगत निवेश पर 35 प्रतिशत तक की सब्सिडी दे रही है. देशी गायों के पालन को बढ़ावा देने के लिए नंदिनी और मिनी नंदिनी योजना के तहत 10 से 25 गायों की डेयरी खोलने पर 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है. उत्तर प्रदेश पूरे देश में दूध उत्पादन और गायों की संख्या में पहले स्थान पर है. इस क्षेत्र को औपचारिक बनाने के लिए 3000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की उम्मीद है. बुंदेलखंड की 'बलिनी' और गोरखपुर के 'बाबा गोरखनाथ' जैसे महिला स्वयं सहायता समूहों ने इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य किया है. आपूर्ति श्रृंखला और चिलिंग प्लांट स्थापित होने से किसानों को सीधा फायदा होगा.