सरकारी दावों में भले ही सुधार की तस्वीर दिखाई जा रही हो, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहती है. बिहार के आरा ज़िले में लोग अब भी बाढ़ राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं. द लल्लनटॉप की इस ग्राउंड रिपोर्ट में बाढ़ पीड़ित बताते हैं कि उन्हें अब भी खाने, साफ़ पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है. सरकारी रिकॉर्ड में बहाली दिखाई दे रही है, लेकिन हकीकत में लोग अब भी बाढ़ के बाद की मुश्किलों से लड़ रहे हैं.