Muzaffarpur की मशहूर शाही लीची सिर्फ स्वाद और खुशबू के लिए ही नहीं, बल्कि हजारों ग्रामीण परिवारों की रोजी-रोटी का बड़ा सहारा भी बन चुकी है. लीची सीजन शुरू होते ही गांवों में तुड़ाई, छंटाई, पैकिंग और बिक्री का काम तेज हो जाता है, जिससे खासकर महिलाओं को गांव में ही रोजगार मिल जाता है.कई महिलाएं इस सीजन में रोजाना 300 से 1000 रुपये तक की कमाई कर रही हैं. प्रमिला देवी, सीमा देवी और फूलों देवी जैसी महिलाएं लीची के जरिए अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं.