बिहार (Bihar) के कैमूर (Kaimur) जिले की रहने वाली पूनम यादव (Poonam Yadav) दो बीघा ज़मीन में खेती करती हैं. साथ ही पहलवानी भी कर रही हैं.नौ बार नेशनल स्तर तक पहलवानी का कर चुकीं पूनम आने वाले दिनों में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए जा रही हैं. 2019 से कुश्ती से नाता जोड़ने वाली पूनम यादव कहती हैं कि पिछले कई सालों में कुश्ती के क्षेत्र में काफ़ी बदलाव हुए हैं. वहीं, ग्रामीण क्षेत्र की महिला पहलवानों को मौक़ा भी मिल रहा है. पूनम बताती हैं कि गांव स्तर पर बेहतर सुविधा नहीं होने की वजह से कई तरह की परेशानियां हैं. वाराणसी (Varanasi) में बीएचयू (BHU) में निःशुल्क कुश्ती सीख रही थी, लेकिन पैसे की आर्थिक तंगी की वजह से गांव वापस आना पड़ा और गांव में रहकर खेती के साथ पहलवानी सिखती हूं और अन्य लड़कियों को सिखाती हूं.