भारत में आम सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और किसानों की कमाई का बड़ा जरिया है. देश में करीब 22 लाख हेक्टेयर में आम की खेती होती है. लेकिन कई बार जानकारी की कमी के कारण किसान मंजर और फल बनने के समय कुछ गलतियां कर देते हैं, जिससे उत्पादन कम हो जाता है. डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा बिहार के प्लांट पैथोलॉजी विभाग के हेड डॉ. एस.के. सिंह के मुताबिक, आम में मंजर निकलने से लेकर फल बनने तक का समय सबसे महत्वपूर्ण होता है. इस दौरान करीब 85 से 95 प्रतिशत तक फूल और छोटे फल प्राकृतिक रूप से झड़ जाते हैं. इसकी मुख्य वजह तापमान में बदलाव और नमी की कमी होती है.तो आज के “सलाह मशवरा” के इस एपिसोड में जानिए कि आम के बौर और टिकोले झड़ने से कैसे रोकें?