जहां एक तरफ खेती को घाटे का सौदा माना जा रहा है, वहीं महाराष्ट्र के बीड जिले के देवला गांव के किसान रवींद्र देवरवाडे ने नई मिसाल पेश की है. उन्होंने सिर्फ 30 गुंठे जमीन में गन्ने के साथ अंतर-फसलें लगाईं और पारंपरिक खेती से हटकर काम किया. सबसे खास बात ये रही कि उन्होंने अपनी फसल को सीधे बाजार में बेचने के बजाय खुद उसका प्रसंस्करण किया. इससे उन्हें 50 से 60 हजार रुपये तक की अतिरिक्त कमाई हुई.सुनिए इसको लेकर किसान रवींद्र देवरवाडे ने क्या बताया..