किसानतक टीम ने पटना स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिसर में विशेषज्ञों से बातचीत की, जहाँ वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने बढ़ती जनसंख्या के कारण खेती योग्य जमीन और पानी में कमी की चिंता जताई। उन्होंने बताया कि बाढ़-सूखा जैसी आपदाओं की पहचान सैटेलाइट इमेज, GIS और रिमोट सेंसिंग से होती है। छोटे किसानों के लिए तकनीक उपयोग कठिन है, इसलिए सामूहिक खेती अपनाने पर मशीनों और तकनीक का लाभ बढ़ सकता है.