कपास किसानों के लिए राहत भरी खबर है. भोपाल स्थित ICAR-सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग (CIAE) ने ट्रैक्टर से संचालित होने वाला ब्रश-टाइप कॉटन हार्वेस्टर विकसित किया है. संस्थान का दावा है कि यह मशीन कपास की तुड़ाई में 90 प्रतिशत तक समय और 65 प्रतिशत तक लागत की बचत कर सकती है. बढ़ती मजदूरी और श्रमिकों की कमी के बीच यह तकनीक किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है.