खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही धान किसानों के खेतों में तेजी से हलचल देखने को मिल रही है. किसान धान की नर्सरी यानी बिचड़ा तैयार करने में जुट गए हैं या फिर उसकी तैयारी कर रहे हैं. इसी बीच, किसानों की पूरी उम्मीद अब स्वस्थ और मजबूत पौधों पर टिकी हुई है, क्योंकि धान की अच्छी पैदावार की असली नींव मजबूत नर्सरी से ही रखी जाती है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नर्सरी प्रबंधन सही तरीके से किया जाए तो रोपाई के बाद पौधों की बढ़वार तेज होती है और उत्पादन में भी सुधार देखने को मिलता है.