गाजर घास यानी चटक चांदनी, कांग्रेस घास या मैक्सिकन घास आज किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है. 1950 के दशक में मेक्सिको से भारत आई यह खरपतवार अब देश में करीब 35 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फैल चुकी है. ज्वार की फसल में इससे 80 से 90 फीसदी तक उत्पादन नुकसान होने का दावा किया जाता है, जबकि धान में नुकसान 30 से 40 फीसदी तक पहुंच सकता है.