भारत विविध खानपान वाला देश है, लेकिन अनाज और खास तौर से गेहूं इसकी खाद्य व्यवस्था का आधार है. लेकिन समय के साथ अब गेहूं की खपत में बदलाव साफ दिखाई रहा है. आंकड़े बताते हैं कि 2011-12 से 2022-23 के बीच देश में कुल अनाज उपभोग में अच्छी-खासी गिरावट आई है, चाहे ग्रामीण क्षेत्र हों या शहरी. आज हम आपको भारत में गेहूं की खपत के मौजूदा रुझान को राज्यवार पैटर्न और पिछले सालों में हुए बदलावों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं.