जलवायु परिवर्तन को लेकर हर रोज कई बैठक होते रहते हैं. हर कोई इस विषय पर ज्ञान भी देते रहते हैं. लेकिन इसके असर से प्रभावित होने वाली कृषि को करने वाले किसानों को कुछ पता ही नहीं है. पटना शहर के गंगा किनारे सब्जी की खेती करने वाले किसानों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के बारे में हमें कुछ नहीं पता है. लेकिन पिछले कुछ सालों में खेती में लगने वाला खर्च बढ़ा है. वहीं सरकारी योजनाओं से वंचित है. क़रीब पंद्रह से सोलह हजार रुपये तक किराये पर ज़मीन लेकर खेती की जाती है. शहर के नज़दीक होने से सब्जी बेचने में दिक़्क़त नहीं आती है. लेकिन दाम की कहानी वहीं है. कई पीढ़ी खेती से जुड़े हुए है लेकिन जीवन की गाड़ी आज भी वैसे ही चल रहा है.