हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने के कारण किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. किसानों का कहना है कि खेती पूरी तरह मौसम पर निर्भर है और बारिश के बिना फसलों का बच पाना मुश्किल हो जाता है. पिछले 4–5 वर्षों से राज्य में मनमुताबिक बारिश नहीं हो रही है, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ रहा है. इस साल भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं. किसानों का कहना है कि यदि आने वाले 10–15 दिनों में बारिश नहीं हुई तो मौजूदा फसल पूरी तरह खराब हो सकती है. खासतौर पर देर से बुवाई करने वाले किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ रहा है, क्योंकि नमी की कमी के चलते फसल का विकास रुक गया है. हालात को देखते हुए किसानों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से खेतों में पानी न बहाएं और उपलब्ध जल संसाधनों का सही प्रबंधन करें. मौसम की मार और जल संकट ने हिमाचल के किसानों के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है.