फिरोजपुर जिले के सीमावर्ती गांवों के किसानों ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लेकर अपनी चिंता जताई. किसानों ने कहा, यह टिप्पणी सही नहीं है. हम मजबूरी में पराली जलाते हैं, क्योंकि पराली निपटाने के हमारे पास कोई साधन नहीं हैं. प्राकृतिक आपदाओं और बाढ़ से फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है. हम शौक से पराली नहीं जलाते. किसानों की मांग है कि सरकारें पराली का समाधान दें, मशीनरी उपलब्ध कराएं, आर्थिक सहायता दें और सभी प्रदूषण स्रोतों पर बराबर ध्यान दें.