उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के प्रगतिशील किसान सचिन राजपूत ने प्राकृतिक खेती के जरिए गन्ने की खेती का एक सफल मॉडल पेश किया है. सचिन राजपूत बताते हैं कि 'गन्ने के साथ मूंग की सह-फसली खेती करने से मिट्टी में नाइट्रोजन फिक्स होता है, जिससे गन्ने का शानदार उत्पादन मिलता है.' वे बिना डीएपी और यूरिया के केवल जीवामृत के उपयोग से प्रति एकड़ 400 क्विंटल तक उत्पादन ले रहे हैं. खास बात यह है कि वे अपना गन्ना मिलों में भेजने के बजाय सीधे जूस विक्रेताओं को 1600 रुपये प्रति क्विंटल तक की कीमत पर बेचते हैं, जो सामान्य दर से चार गुना अधिक है. सचिन ने अपने खेत पर ही जूस सेंटर भी स्थापित किया है, जहाँ वे प्राकृतिक तरीके से तैयार गन्ने का रस बेचकर साल भर अच्छी आय प्राप्त करते हैं. उनका यह 'शून्य लागत प्राकृतिक खेती' मॉडल अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है.