मध्य प्रदेश की गुना कृषि उपज मंडी में धनिया, सरसों की फसल बेचने आए किसान के आंसू निकल पड़े. आंखों में आंसू लिए किसान हाथ जोड़कर गुहार लगाता रहा. लेकिन मंडी प्रबंधन की तानाशाही ने मामले को गर्मा दिया. किसान दुहाई देता रहा कि उसके घर शादी है और उसे पैसों की जरूरत है. अगर समय से फसल नहीं बिकी और पैसे नहीं मिले तो शादी बर्बाद हो जाएगी. मगर अन्नदाता के आंसू पोंछने के लिए न ही प्रबंधन आया और ना ही कोई किसान नेता आगे आया. दरअसल, गुना की कृषि उपज मंडी में मंगलवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब एक मंडी इंस्पेक्टर की कथित शराबखोरी और तानाशाही के कारण नीलामी प्रक्रिया ठप हो गई. घंटों तक मंडी बंद रहने से आक्रोशित किसानों ने नेशनल हाईवे एबी रोड पर चक्काजाम कर दिया. करीब आधे घंटे तक सडक़ के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिसे बाद में कैंट पुलिस ने मौके पर पहुंचकर और किसानों को समझाइश देकर जाम खुलवाया.