एक वक्त था जब देहरादून की पहचान उसके बासमती चावल से भी होती थी. लेकिन अब डर है कि कहीं देहरादून का बासमती चावल गुजरे दिनों की बात न बनकर रह जाए. हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि इस चावल पर संकट मंडरा रहा है. अपने खास स्वाद और खुशबू की वजह से देहरादून बासमती के दीवाने सिर्फ देश ही नहीं विदेशों तक हैं. लेकिन अब इसकी खुशबू कहीं खो सी रही है. वजह है इसकी खेती में गिरावट आना. वो भी कोई मामूली गिरावट नहीं. बल्कि 62 फीसदी की गिरावट. उत्तराखंड जैव विविधता बोर्ड की रिपोर्ट से पता चला है कि देहरादून बासमती की खेती में 5 साल में 62 फीसदी की कमी देखी गई है..