छत्तीसगढ़ की पारंपरिक धान किस्मों को आधुनिक कृषि विज्ञान की मदद से नया स्वरूप मिला है. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) के सहयोग से सफरी, जावा फूल और दुबराज जैसी लंबी धान किस्मों को बौना बनाया गया है. नई किस्मों में फसल गिरने की समस्या कम होगी, जिससे उत्पादन बढ़ेगा, फसल प्रबंधन आसान होगा और किसानों की आय में सुधार की संभावना बढ़ेगी.