छत्तीसगढ़ में औषधीय पादप बोर्ड किसानों को मेडिसिनल प्लांट की खेती के लिए जागरूक कर रहा है. बोर्ड के अनुसार ब्राह्मी की खेती कीचड़ वाली जमीन में कटिंग के माध्यम से की जाती है और चार-चार महीने के अंतराल पर साल में तीन बार कटाई संभव है. एक एकड़ में इसकी खेती पर करीब 15–20 हजार रुपये खर्च आता है और यह आय का अच्छा साधन बन रही है.