उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दौरान कृषि और कीटनाशकों के मुद्दे पर गरमागरम बहस हुई. सदन को संबोधित करते हुए यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य में 49 कृषि रक्षा रसायनों को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि बासमती चावल के निर्यात की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पिछले चार सीजन से 11 रसायनों के इस्तेमाल पर 60 दिनों का प्रतिबंध लगाया जा रहा है. मंत्री ने सदन को जानकारी दी कि सरकार गुणवत्तापूर्ण कृषि रसायन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल से 31 दिसंबर के बीच 6,722 नमूने लिए गए, जिनमें से 277 अधोमानक पाए गए और 132 मामले न्यायालय में दर्ज किए गए. इसके अलावा, बुंदेलखंड में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और कीटनाशकों के हानिकारक प्रभावों से बचने के लिए बायो-पेस्टीसाइड पर 75 प्रतिशत अनुदान देने की बात भी कही गई.