भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा मिट्टी की उर्वरकता और मानव स्वास्थ्य को रासायनिक खादों के प्रतिकूल प्रभाव से बचाने के लिए 'खेत बचाओ महाभियान' की शुरुआत की गई है. कृषि विभाग के निदेशक के अनुसार, इस अभियान के तहत किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक खेती के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है. खरीफ महाभियान के अंतर्गत दलहन, तिलहन और मोटे अनाजों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और किसानों को सब्सिडी पर ड्रोन समेत आधुनिक कृषि मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं. ढेंचा बीजों की कमी पर उन्होंने बताया कि इस बार हरी खाद के लिए मूंग पर ध्यान दिया गया है और किसानों के फीडबैक के आधार पर आगे काम किया जाएगा.