आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता इसूदान गढ़वी ने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता किसानों, पशुपालकों और छोटे उद्योगपतियों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. क्या यह व्यापार समझौता एपस्टीन कांड या अडानी कांड के दबाव में किया गया है? उनके अनुसार, पहले अमेरिकी उत्पादों पर लगभग 30 प्रतिशत कर लगता था, जिसे घटाकर शून्य किया जा सकता है, जबकि भारतीय उत्पादों पर कर का बोझ बढ़ सकता है. वर्तमान में किसानों को अपनी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, फसल बीमा ठीक से लागू नहीं हो रहा है और सिंचाई और बिजली की लागत बढ़ गई है. ऐसे में अगर रियायती विदेशी कृषि उत्पाद बाजार में आते हैं, तो स्थानीय किसानों के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाएगा. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में किसानों को 54 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाती है, जिससे उनकी उत्पादन लागत कम रहती है. इसके परिणामस्वरूप, उनके उत्पाद यहाँ सस्ते हो जाएंगे और स्थानीय बाज़ार में कीमतें गिर सकती हैं.