
देश के कई हिस्सों में मौसम अचानक बदल गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश, तेज आंधी और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है. इसका असर उत्तर-पश्चिम से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक देखा जा रहा है. दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है. अन्य इलाकों में भी बादल और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. इस बदलाव से गर्मी कम होगी, लेकिन तेज हवाओं से फसलों और बिजली व्यवस्था को नुकसान हो सकता है.
लोकतंत्र में समृद्धि के लिए मतदान की शक्ति ही सर्वोत्तम उपाय है. शासनारूढ़ दल सत्ता में बने रहना चाहता है तथा विपक्ष में रहने वाला दल सत्ता में आना चाहता है. इसकी शक्ति प्राप्ति का साधन मतदान ही है. इसलिए राजनीतिक दल मतदान की ही साधना करते हैं. मतदाता को रिझाने के लिए सन्नद्ध रहते हैं. मतदाता अपने समान हितों के आधार पर मतदान करता है, तब जन आशाएं एवं आकांक्षाएं पूर्ण होने की संभावना बलवती होती है. मतदाता जब अपना मत जाति, संप्रदाय, दल, छोटे-छोटे स्वार्थ को आधार बनाकर करता है तो उसकी आशाओं पर तुषारापात होता है.
खबर सासाराम से है जहां आज शिवसागर थाना क्षेत्र के सिलारी गांव में बिजली की शॉर्ट सर्किट से गेहूं के ढेर सौ बीघा से अधिक का फसल जलकर राख हो गया. बताया जाता है कि खेत के ऊपर से गुजरने वाले हाई वोल्टेज तार से निकली चिंगारी के कारण यह आग फैल गई, जिसमें सिलारी गांव में डेढ़ सौ बीघा से अधिक गेहूं का लहलहाता फसल जल गया, जिससे किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है.
राजस्थान के धौलपुर जिले में मौसम विभाग के अलर्ट के बाद जिले में दो दिन से मौसम का मिजाज बदला हुआ था. आंधी अंधड़ से किसान सहमा हुआ था. लेकिन शनिवार की शाम को तेज बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की सांसे थम सी गई है. बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की खेतों में खड़ी गेहूं फसल में करीब पचास फीसदी नुकसान की संभावना दिखाई दे रही है.
उत्तराखंड के टिहरी जिले के जौनपुर ब्लॉक मुख्यालय में शनिवार शाम अचानक बदले मौसम ने भारी तबाही मचा दी. तेज बारिश के साथ हुई भीषण ओलावृष्टि ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया. कई गांवों में खेत ओलों की मोटी परत से ढक गए, जिससे पूरा इलाका सफेद चादर जैसा नजर आया और खड़ी फसलें पूरी तरह चौपट हो गईं. कुंवा गांव निवासी किसान रघुवीर नौटियाल ने बताया कि यह ओलावृष्टि इतनी तेज थी कि उनकी सात से आठ खेतों में बोई गई राजमा की पूरी फसल नष्ट हो गई. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही आलू, मटर, बींस, धनिया और प्याज जैसी नगदी फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को असम की दो विधानसभा सीटों पर एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में विशाल जनसभाओं को संबोधित किया. शिवराज सिंह पहले असम की बोकाखाट विधानसभा पहुंचे और बिहोरा टी एस्टेट मैदान में एनडीए प्रत्याशी अतुल बोरा के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया उसके बाद उन्होंने नाडुआर विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार पद्म हजारिका के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान शिवराज सिंह ने कहा कि असम अद्भुत है, यहां के लोग सहज, सरल, देशभक्त, भले और ईमानदार हैं. उन्होंने कहा कि असम की चाय विश्व प्रसिद्ध है, अगर कहीं सवेरा होता है, तो वह असम की चाय की सुगंध के साथ ही होता है. साथ ही वो चाय बागान में चाय तोड़ते नजर आए.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण भारत में कई जगह LPG गैस की कमी देखने को मिल रही है, लेकिन ऐसे समय में सहारनपुर के एक किसान परिवार ने आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है. भलस्वा गांव के किसान रकम सिंह सैनी पिछले 9 सालों से अपने घर में बायोगैस प्लांट का उपयोग कर रहे हैं. इस प्लांट में गाय के गोबर और पानी से गैस तैयार की जाती है, जिससे रोज 6 से 8 घंटे तक चूल्हा जलता है और पूरे परिवार का खाना बन जाता है. रोजाना 12 से 15 किलो गोबर से गैस बनती है और इससे बचा अवशेष जैविक खाद के रूप में खेतों में इस्तेमाल होता है, जिससे खेती की लागत कम होती है. उनकी पत्नी गीता सैनी बताती हैं कि पहले लकड़ी और भूसे से खाना बनाना पड़ता था, जिससे धुआं होता था, लेकिन अब रसोई साफ और सुविधाजनक हो गई है. यह परिवार LPG का बहुत कम उपयोग करता है, जिससे एक सिलेंडर 4-5 महीने तक चलता है. रकम सिंह का मानना है कि गांव के संसाधनों से आत्मनिर्भर बनकर न सिर्फ खर्च कम किया जा सकता है, बल्कि पर्यावरण की भी रक्षा की जा सकती है.
हिमाचल प्रदेश में दूध उत्पादक किसानों को अब हर महीने औसतन 34.18 करोड़ रुपये का फ़ायदा मिल रहा है, जो अब तक का सबसे ज़्यादा है, क्योंकि राज्य का दूध फ़ेडरेशन किसानों से हर दिन लगभग 2.70 लाख लीटर दूध ख़रीद रहा है.
एक सरकारी प्रवक्ता ने शनिवार को यहां एक बयान में कहा कि यह वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान हर दिन औसतन 1.57 लाख लीटर की ख़रीद की तुलना में काफ़ी ज़्यादा बढ़ोतरी है.
फ़ेडरेशन घर-घर जाकर दूध इकट्ठा करने की सुविधा दे रहा है, जिससे ख़ास तौर पर राज्य के दूरदराज के इलाकों में रहने वाले छोटे दूध उत्पादकों को फ़ायदा हो रहा है.
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने शनिवार को मांग की कि पंजाब सरकार मालवा क्षेत्र में हाल ही में हुई ओलावृष्टि और बारिश से गेहूं की फसल को हुए नुकसान के लिए प्रति एकड़ 50,000 रुपये का मुआवज़ा जारी करे.
SAD के 'पंजाब बचाओ' अभियान के तहत यहां एक रैली को संबोधित करते हुए, पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश और ओलावृष्टि से बठिंडा, मानसा, फाजिल्का और श्री मुक्तसर साहिब जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा है.
बादल ने कहा, "किसान संकट में हैं. मुझे पूरे राज्य से फोन आ रहे हैं, जिसमें किसान कह रहे हैं कि पिछले साल आई विनाशकारी बाढ़ में उनकी धान की फसल को हुए नुकसान के लिए उन्हें एक भी रुपया नहीं मिला.
मुलताई सहित आठनेर और प्रभातपट्टन क्षेत्र में पंद्रह मिनट तक हुई ओलावृष्टि ने ऐसा नजारा पेश किया जैसे कश्मीर की वादियों में बर्फ बिछी हो. ओलों की गिरावट से सड़कें और खेत एकदम सफेद चादर में ढक गए. बारिश के साथ ओलावृष्टि ने माहौल को और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया, जिससे सड़क पर चलना मुश्किल हो गया. परमंडल क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ, जहां खेतों और ग्रामीण इलाकों में बर्फ का असर सबसे अधिक दिखाई दिया. विजुअल के तौर पर, सड़क और खेत दोनों में बिछी सफेद चादर ने पूरे इलाके का रूप ही बदल दिया.
महाराष्ट्र के बीड जिले के किसान प्रवीण महादेव पितळे ने पारंपरिक खेती छोड़कर तरबूज उगाने की हिम्मत दिखाई. शुरुआती सालों में उनकी मेहनत सफल रही और उन्हें अच्छी आमदनी मिली. लेकिन 2025 में उन्होंने 3 एकड़ में तरबूज लगाए, तो उनकी उम्मीदों पर संकट आ गया. वैश्विक युद्ध के कारण निर्यात ठप हो गया और स्थानीय मंडियों में दाम गिर गए. इसी बीच बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी फसल को खेत में ही बर्बाद कर दिया. बीड जिले में 12 गांवों में भारी तबाही हुई है, 5,548 किसान प्रभावित हुए और 237 हेक्टेयर से अधिक फसल नष्ट हो गई. किसान मांग कर रहे हैं कि बेल वाली फसलों को फसल बीमा में शामिल किया जाए, नुकसान पर अनुदान मिले और कर्ज माफ किया जाए. प्रशासन की मदद और मुआवजे की उम्मीद अब इन किसानों की उम्मीदों का सहारा बन गई है.
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कुछ राज्यों में हुई अतिवृष्टि और ओला-पाला के कारण फसलों को हुए नुकसान का संज्ञान लिया है. उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस नुकसान की पूरी समीक्षा करें और प्रभावित फसलों की स्थिति का आंकलन करें. शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को यह भी कहा कि वे संबंधित राज्यों के अधिकारियों से संपर्क कर सभी जरूरी जानकारी एकत्रित करें. उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया है कि इस संकट की घड़ी में मोदी सरकार उनके साथ खड़ी है और उन्हें किसी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है. मंत्री चौहान आज संबंधित राज्यों के कृषि मंत्रियों से भी बैठक करेंगे और फसल क्षति के मुद्दे पर चर्चा करेंगे, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर राहत और मुआवजा मिल सके.
योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में हो रही लगातार और बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी और कहा कि फसलों के नुकसान का तुरंत आकलन कर किसानों को जल्द मुआवजा दिया जाए. जनहानि, पशुहानि या घायल लोगों को 24 घंटे के भीतर सहायता देने के आदेश भी दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फील्ड में जाकर स्थिति का जायजा लेने और राहत कार्य तेज करने को कहा है.
सरकार ने राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को मिलकर सर्वे करने और सही जानकारी देने को कहा है, ताकि किसानों को समय पर मदद मिल सके. साथ ही किसानों से भी अपील की गई है कि वे अपनी फसल नुकसान की जानकारी प्रशासन को दें. बीमा कराने वाले किसान 72 घंटे के अंदर 14447 नंबर पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं.
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने एक के बाद सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी रहने की संभावना जताई है. एक ओर जहां पहला पश्चिमी विक्षोभ असर दिखा ही रहा है. वहीं, 7 और 8 अप्रैल को एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे मौसम फिर बिगड़ेगा. 5 अप्रैल को देश के कई हिस्सों में मौसम अस्थिर बना रहेगा. पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है.
मौसम विभाग के अनुसार, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा. मध्य भारत के छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी हल्की से मध्यम बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है. दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में भी बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं.
देशभर के कई हिस्सों में मौसम अचानक बदल गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बारिश, तेज आंधी और तूफान का असर उत्तर-पश्चिम से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक देखा जा रहा है. दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है, जबकि अन्य क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है. इस बदलाव से तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी. हालांकि तेज हवाएं, पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. विशेषज्ञों ने किसानों को फसल बचाने के उपाय करने और आम लोगों को खराब मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है. आने वाले दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है.