देश के कई क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. मार्च में ही अप्रैल-मई जैसी तेज गर्मी से परेशान लोगों को रविवार को हुई हल्की बारिश ने काफी राहत दी. India Meteorological Department (आईएमडी) के अनुसार आने वाले दिनों में देश के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश, बिजली चमकने और कहीं-कहीं ओलावृष्टि जैसी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी हवा में बने विभिन्न साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण यह मौसम प्रणाली बन रही है, जिसका असर मैदानी इलाकों तक महसूस किया जाएगा. इसी वजह से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने येलो/व्हाइट फॉस्फोरस युक्त रैटोल पेस्ट और अन्य अत्यंत विषैले चूहनाशक उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री पर तुरंत रोक लगा दी है. यह कदम जनस्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की सूचना के आधार पर उठाया गया है. कीटनाशी अधिनियम, 1968 के अनुसार केवल वही उत्पाद बिक्री के लिए अनुमोदित हैं जो केंद्रीय कीटनाशी बोर्ड एवं पंजीकरण समिति (CIB&RC) में पंजीकृत हों. येलो/व्हाइट फॉस्फोरस (3% पेस्ट) सूची में शामिल नहीं है और अत्यंत विषैला एवं ज्वलनशील है, जिसके सेवन से गंभीर विषाक्तता और मृत्यु भी संभव है. सरकार ने सभी ई-कॉमर्स ऑपरेटरों को निर्देश दिया है कि वे इन उत्पादों की सभी लिस्टिंग तुरंत हटाएं और भविष्य में पुनः उपलब्ध न होने दें. केवल वैध लाइसेंसधारी विक्रेता ही कीटनाशक बेच सकेंगे, और सभी प्लेटफॉर्म को कंज्यूमर प्रोटेक्शन (ई-कॉमर्स) रूल्स, 2020 का अनुपालन करना अनिवार्य होगा. जिला कृषि रक्षा अधिकारी और कीटनाशी निरीक्षक अपने क्षेत्रों में सघन निगरानी रखें, और अवैध भंडारण या बिक्री की सूचना मिलने पर कीटनाशी अधिनियम 1968 और नियमावली 1971 के तहत त्वरित प्रवर्तन और कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सरकार का लक्ष्य है कि अवैध और घातक रसायनों के प्रसार को रोका जाए और नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो.
उत्तरी पंजाब पर संकेन्द्रित पश्चिमी विक्षोभ एवं दक्षिणी हरियाणा पर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश के उत्तरी भाग में पछुआ एवं पुरवा हवाओं की प्रतिक्रिया के परिणामस्वरूप पिछले 2 दिनों के दौरान प्रदेश के उत्तरी तराई इलाकों तथा संलग्न मध्यवर्ती जिलों में तड़ित झंझावात के साथ रुक रुक कर हुई वर्षा का दौर थमने के साथ प्रदेश के अधिकाँश भाग में तापमान में प्रभावी बढ़त दर्ज की गई. इसी क्रम में आगामी 18 मार्च तक किसी सक्रिय मौसम तंत्र की अनुपस्थिति में प्रदेश का मौसम शुष्क रहने से तापमान में 2-4°C की और बढ़ोत्तरी होने की संभावना है. तदुपरांत आगामी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 19 मार्च से पश्चिमी उत्तर प्रदेश से वर्षा का एक नया दौर आरम्भ होकर 22 मार्च तक प्रदेश भर में सम्भावित वर्षा के कारण अधिकतम तापमान पुनः 5-7°C की त्वरित गिरावट के साथ सामान्य या सामान्य से नीचे पहुँच जाने की संभावना है.
भारत में खेती को बेहतर बनाने के लिए सरकार की एक संसदीय समिति ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं. इस समिति का नाम कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण पर स्थायी समिति (Standing Committee on Agriculture, Animal Husbandry and Food Processing) है. समिति ने कहा है कि किसानों को इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर (EV Tractor) खरीदने पर सब्सिडी दी जानी चाहिए और छोटे व सीमांत किसानों के बच्चों की पढ़ाई में भी सरकार को मदद करनी चाहिए. समिति का मानना है कि इन कदमों से खेती मजबूत होगी और किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी.
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टिहरी ज़िले का सीमावर्ती गाँव, गांगी, एक बार फिर ताज़ी बर्फ़ की चादर से ढक गया है-जिससे पूरे क्षेत्र में ठंड और भी बढ़ गई है. जहाँ मार्च के महीने में हुई इस बर्फ़बारी ने स्थानीय लोगों के लिए सर्दियों का एहसास वापस ला दिया है, वहीं इसने सेब किसानों के चेहरों पर भी मुस्कान बिखेर दी है. बर्फ़ की दूधिया सफ़ेद चादर से ढका गांगी गाँव अब पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बनकर उभरा है, और इस क्षेत्र में आने वाले सैलानियों की संख्या में भी बढ़ोतरी होने लगी है.
द्रास में ताजा बर्फबारी के बाद का नजारा. पूरे क्षेत्र में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई. जिसका असर मैदानी इलाकों में भी दिख रहा है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने कहा है कि 17 मार्च को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है. एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) आने से 18 से 20 मार्च के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उससे सटे मैदानी इलाकों में बारिश या गरज-चमक, बिजली कड़कने, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना है. बड़े पैमाने पर गरज-चमक वाली गतिविधियों के कारण, अगले एक हफ्ते तक दिन का तापमान सामान्य या सामान्य से कम रहने की संभावना है. अगले एक हफ्ते तक लू (Heat Wave) चलने की कोई खास संभावना नहीं है.
पश्चिमी विक्षोभ, जो ऊपरी हवा में एक चक्रवाती सर्कुलेशन के रूप में है, उत्तरी पंजाब और उसके आस-पास के इलाकों में बना हुआ है. एक और ऊपरी हवा का चक्रवाती सर्कुलेशन हरियाणा और उसके आस-पास के इलाकों में, और दूसरा उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में बना हुआ है. एक और ऊपरी हवा का चक्रवाती सर्कुलेशन उत्तर-पूर्वी असम और उससे सटे अरुणाचल प्रदेश में बना हुआ है.
इन दिनों पूरे देश में मौसम बदलता हुआ नजर आ रहा है. तेज गर्मी से लोगों को थोड़ी राहत मिली है. कई जगह हल्की बारिश और ठंडी हवा चलने से मौसम अच्छा लग रहा है. मौसम विभाग के अनुसार आज रात से मौसम फिर बदल सकता है. इसका असर पहाड़ों से लेकर मैदानों तक कई राज्यों में देखने को मिल सकता है. उत्तर में कश्मीर से लेकर पूर्व में बिहार तक कई जगहों पर बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि 17 मार्च की रात से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होगा. इसकी वजह से कई राज्यों के मौसम में बदलाव आएगा. पश्चिमी हिमालय के इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी भी हो सकती है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 16 से 20 मार्च के बीच हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है. कुछ जगहों पर गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं. वहीं मैदानों में भी आंधी और बारिश देखने को मिल सकती है.