उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में मौसम बदल गया है, और गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है. मौसम विभाग के अनुसार, नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल, बदायूं, बिजनौर, बागपत, मेरठ, बुलंदशहर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, फिरोजाबाद, इटावा, मैनपुरी, औरैया, जालौन, महोबा, हमीरपुर और झांसी और आसपास के इलाकों में अगले दो दिनों तक तेज़ हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इस बीच, पूर्वी उत्तर प्रदेश में शीतलहर चलने की संभावना है, जिससे ठंड बढ़ेगी और कोहरा छाएगा. इस खराब मौसम के दौरान कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है.
जालना जिले में 24 करोड़ 90 लाख रुपये के अतिवृष्टि अनुदान घोटाले में अब तक 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. यह कार्रवाई जालना की आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने की. घटना अंबड और घनसावंगी तहसील की है, जहाँ प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों की फसल को नुकसान हुआ था. सरकार ने प्रभावित किसानों को मदद के लिए अनुदान घोषित किया था. लेकिन कुछ अधिकारी और कर्मचारी फर्जी नाम बनाकर अनुदान की राशि निकाल रहे थे. जांच में पता चला कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज और कंप्यूटर सिस्टम में छेड़छाड़ की. उन्होंने कागजी और डिजिटल रिकॉर्ड नष्ट कर सबूत मिटाने की कोशिश भी की. इस घोटाले में राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, कंप्यूटर ऑपरेटर और नेटवर्क इंजीनियर शामिल थे. अब तक 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. शेष 4 फरार आरोपी की तलाश जारी है. कुछ आरोपियों की संपत्ति जब्त की गई है और बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं.
जमशेदपुर से करीब 60 किलोमीटर दूर पटांडा प्रखंड के गोबर घुसी गांव की महिलाओं ने एक बहुत अच्छा काम किया है. इन महिलाओं ने मिलकर अब तक करीब 10 गांवों को प्लास्टिक मुक्त बनाया है. गांव में पड़े प्लास्टिक और पुराने कपड़ों को इकट्ठा कर वे सुंदर और काम आने वाली चीजें बना रही हैं. गोबर घुसी गांव की करीब 20 महिलाओं का एक समूह है. ये महिलाएं रोज अपने गांव और आसपास के गांवों से प्लास्टिक और पुराने कपड़े इकट्ठा करती हैं. हर दिन करीब 10 किलो कचरा जमा किया जाता है. पहले इस कचरे को धोकर साफ किया जाता है, फिर धूप में सुखाया जाता है और उसके बाद इससे टोकरी, फूलदान, टोपी, ट्रे जैसे फैंसी सामान बनाए जाते हैं. पुराने कपड़ों से पायदान बनाए जाते हैं. पिछले करीब एक साल से महिलाएं यह काम कर रही हैं. इनके बनाए सामान दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों के बाजारों तक पहुंच रहे हैं. इनकी कीमत 50 रुपये से 600 रुपये तक है. हाथ से बने और पर्यावरण के लिए अच्छे होने के कारण इन सामानों की काफी मांग है. इन महिलाओं का काम सिर्फ पर्यावरण बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे उन्हें रोजगार भी मिला है. हर महिला महीने में करीब 5 से 7 हजार रुपये कमा रही है. इससे गांव की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं. गोबर घुसी गांव की महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि कचरे को काम की चीज बनाकर अपनी और अपने गांव की जिंदगी बदली जा सकती है.
ग्वालियर जिले के भितरवार इलाके में भारी ओलावृष्टि हुई, जिससे कई गांवों की फसल खराब हो गई. इसकी जानकारी मिलते ही कलेक्टर रुचिका चौहान सिकरौदा और बड़की सराय गांव पहुंचीं. उन्होंने खेतों में जाकर फसलों को देखा और किसानों से बात की. कलेक्टर ने अधिकारियों को आदेश दिए कि ओलावृष्टि से प्रभावित सभी किसानों का तुरंत सर्वे किया जाए. उन्होंने कहा कि कोई भी सही किसान छूटना नहीं चाहिए और किसी गलत व्यक्ति का नाम सर्वे में नहीं जुड़ना चाहिए. काम में लापरवाही करने और सूचना के बाद भी मौके पर न पहुंचने पर बड़की सराय के पटवारी संजय शर्मा को निलंबित कर दिया गया. कलेक्टर ने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार के नियमों के अनुसार सभी प्रभावित किसानों को मुआवजा मिलेगा. बताया गया कि भितरवार क्षेत्र के 10 से 11 गांव ओलावृष्टि से प्रभावित हुए हैं और अधिकारी लगातार इलाके में जाकर जानकारी जुटा रहे हैं.
राष्ट्रीय राजधानी में धुंध की परत छाई हुई है. वीडियो अक्षरधाम के पास से है. CPCB के अनुसार इलाके का AQI 360 'बहुत खराब' श्रेणी में बना हुआ है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र पर एक के बाद एक तीन पश्चिमी विक्षोभ के असर पड़ने की चेतावनी दी है. इसका सबसे ज्यादा असर आज देखने को मिलेगा. मौसम विभाग के मुताबिक, जब उत्तर भारत के बड़े हिस्से में घना से बहुत घना कोहरा, पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी, जबकि मैदानी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की आशंका है. कई राज्यों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट प्रभावी हैं और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में सुबह और रात के समय घने से बहुत घने कोहरे की चेतावनी जारी है. ऐसे में कई इलाकों में विजिबिलिटी 50 मीटर से भी नीचे जा सकती है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होने की आशंका है.
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