
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा पूर्वानुमान में जानकारी दी है कि देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक बिगड़ा रहेगा. मौसम विभाग ने बताया कि 15 अप्रैल को पूर्वोत्तर भारत में बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है. उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ के असर से जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की शुरुआत होगी. वहीं, मध्य और पूर्वी भारत में तापमान में बढ़ोतरी जारी रहेगी और कई इलाकों में 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है. दक्षिण भारत में भी कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के साथ उमस बढ़ेगी.
रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को राज्य सचिवालय से 515 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) का वर्चुअल उद्घाटन किया, और इसे किसानों की समृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महत्वपूर्ण पहल "सहयोग के माध्यम से समृद्धि" के विज़न को साकार करने में मदद करेगी. इन समितियों के जुड़ने के साथ ही, छत्तीसगढ़ में सहकारी समितियों की कुल संख्या बढ़कर 2,573 हो गई है.
महाराष्ट्र के सतारा जिले के पाटण तालुका स्थित तारली बांध परिसर में बन रहे अडानी ग्रुप के कोल्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट के खिलाफ किसानों का विरोध तेज हो गया है. डॉ. भारत पाटणकर ने 5 मई को प्रोजेक्ट बंद कराने की चेतावनी दी है. पाटण और कराड क्षेत्र में हुई बैठक में किसानों और लिफ्ट इरिगेशन योजनाओं से जुड़े पदाधिकारियों ने हजारों की संख्या में बांध पर मोर्चा निकालने का फैसला लिया. आरोप है कि यह प्रोजेक्ट पानी को मोड़ने का काम करेगा, जिससे खेती और गांवों पर असर पड़ेगा. डॉ. भारत पाटणकर ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से कलंबे और डफलवाडी जैसे गांवों की जमीन बंजर होने का खतरा है. साथ ही धरणग्रस्तों को अब तक पानी नहीं मिला, जबकि उनके हिस्से का पानी प्रोजेक्ट की ओर मोड़े जाने का आरोप लगाया जा रहा है.
एनसीपी शरद पवार के नेता जयंत पाटिल ने कहा कि प्याज की कीमतों में भारी गिरावट से किसान गहरे संकट में हैं. उत्पादन लागत करीब 2200 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि किसानों को बाजार में सिर्फ 900 से 1300 रुपये मिल रहे हैं. उन्होंने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर निर्यात बहाल करने और किसानों के लिए उचित समर्थन मूल्य तय करने की मांग की. उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया के हालात और बेमौसम बारिश से फसल को नुकसान हुआ है, जिससे संकट और बढ़ गया है. वहीं, महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने केंद्र और विपक्ष दोनों को किसानों की हालत के लिए जिम्मेदार ठहराया है. संगठन का कहना है कि निर्यात प्रतिबंध और नीतिगत फैसलों से कीमतें गिरी हैं, जिससे किसान लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं. (पीटीआई)
राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र भिवाड़ी में यूरिया की कालाबाजारी और गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए ग्रीनोक्स ऑयल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से 830 बैग यूरिया संदिग्ध हालात में बरामद किए हैं. इन सभी बैगों के इस्तेमाल पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है और उनके नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं. टीम ने कार्रवाई की शुरुआत मुंडावर क्षेत्र से की, जहां खाद-बीज विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों और गोदामों की जांच की गई. इस दौरान पंसारी खाद बीज भंडार, मुंडावर और जय बाबा मनीराम खाद बीज भंडार, हटूंडी में गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं. यहां रिकॉर्ड में गड़बड़ी और स्टॉक में अंतर मिलने पर दोनों प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं. साथ ही उनके लाइसेंस को निलंबित या निरस्त करने की सिफारिश भी की गई है.
मध्य प्रदेश में 9 अप्रैल से पहले चरण की गेहूं खरीदी प्रक्रिया के बाद आज से शेष बचे डिविजन में दूसरे चरण की खरीद शुरू हो गई है. राज्य सरकार ने रबी मार्कटिंग वर्ष 2026-27 के तहत किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की प्रक्रिया को तेज करते हुए व्यवस्थाओं को और मजबूत किया है. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मंगलवार को जानकारी दी कि अब तक 28 हजार 199 किसानों से 12 लाख 52 हजार 470 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है.
नई दिल्ली: (15 अप्रैल) बुधवार को वायदा कारोबार में निवेशकों की ज़्यादा दांवबाज़ी के चलते ग्वार बीज की कीमतें 28 रुपये बढ़कर 5,758 रुपये प्रति क्विंटल हो गईं. नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज पर, मई डिलीवरी के लिए ग्वार बीज के सौदे 28 रुपये, या 0.49 प्रतिशत बढ़कर 5,758 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गए, जिसमें 60,910 लॉट का ओपन इंटरेस्ट था. बाजार जानकारों ने बताया कि हाजिर कीमतों में गिरावट के बावजूद, निवेशकों की ज़्यादा दांवबाज़ी ने वायदा कारोबार में ग्वार बीज की कीमतों को सहारा दिया. (PTI)
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी कि प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अब तक 28,199 किसानों से 12.52 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है और करीब 10.23 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में भेजे गए हैं. इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9 अप्रैल से खरीद शुरू हो चुकी है, जबकि अन्य संभागों में 15 अप्रैल से शुरुआत होगी. राज्य में गेहूं खरीदी के लिए 3,171 केंद्र बनाए गए हैं, जहां किसानों के लिए बैठने, पानी, तौल, सफाई और गुणवत्ता जांच जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं. इस वर्ष किसानों को 2,585 रुपये MSP और 40 रुपये बोनस सहित 2,625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है. सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है, जो पिछले साल से अधिक है. इस बार रिकॉर्ड 19 लाख से ज्यादा किसानों ने पंजीयन कराया है, जो किसानों की बढ़ती भागीदारी को दिखाता है.
बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान और रोशन सिंह जैसे महान क्रांतिकारियों की जन्मस्थली, यूं कहें शहीदों की नगरी और धान, गेहूं, गन्ना सहित अन्य फसलों के साथ अपनी समृद्धि का रास्ता चुनने वाला जनपद शाहजहांपुर में किसान कारवां पहुंचा. यूपी के 75 जनपदों की यात्रा का शाहजहांपुर जनपद का पुवायां गांव 61वां पड़ाव रहा. 60 जिलों की यात्रा सम्पन्न करने के बाद, जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर राजकीय उद्यान पौधशाला बरगदिया में जब किसान कारवां पहुंचा तो ग्रामीणों के बीच एक अलग ही उत्साह देखने को मिला. वहीं, कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में हो रहे बदलाव तथा सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को लेकर केवीके, कृषि विभाग एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किसानों को जानकारी दी गई. किसानों की आय दोगुनी से तिगुनी करने के उपाय बताए गए और उद्योग आधारित कृषि अपनाने की सलाह दी गई.
मध्य प्रदेश बोर्ड की 10वीं कक्षा के नतीजे भी घोषित हो गए हैं. इस बार पन्ना की प्रतिभा सोलंकी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप किया है और 500 में से 499 अंक हासिल किए हैं. 10वीं की परीक्षाएं 13 फरवरी 2026 से 6 मार्च 2026 तक आयोजित की गई थीं, जिसमें कुल 8,97,061 परीक्षार्थी शामिल हुए थे. इस वर्ष 73.42 प्रतिशत नियमित परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, जबकि 26.38 प्रतिशत स्वाध्यायी परीक्षार्थी पास हुए हैं. सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन बेहतर रहा, जहां पास प्रतिशत 76.80 रहा, जबकि अशासकीय विद्यालयों का परिणाम 68.64 प्रतिशत रहा. मेरिट लिस्ट में कुल 378 छात्रों ने जगह बनाई, जिसमें 235 छात्राएं और 143 छात्र शामिल हैं. इस बार भी लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बाजी मारी है. वहीं, जिलों की बात करें तो अनूपपुर जिले का पास प्रतिशत सबसे अधिक 93.85 प्रतिशत दर्ज किया गया.
मध्य प्रदेश बोर्ड की 12वीं कक्षा के नतीजे घोषित हो गए हैं. इस बार भोपाल की खुशी राय और चाँदनी विश्वकर्मा ने टॉप करते हुए 500 में से 494 अंक हासिल किए हैं. यह परीक्षा 10 फरवरी 2026 से 7 मार्च 2026 तक आयोजित की गई थी, जिसमें कुल 6,89,746 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे. इस वर्ष 76.01 प्रतिशत नियमित परीक्षार्थी पास हुए हैं, जबकि 30.60 प्रतिशत स्वाध्यायी परीक्षार्थी सफल रहे. खास बात यह है कि यह परीक्षा परिणाम पिछले 16 वर्षों में सबसे बेहतर माना जा रहा है. सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन भी बेहतर रहा, जहां पास प्रतिशत 80.43 रहा, जबकि अशासकीय विद्यालयों का परिणाम 69.67 प्रतिशत रहा. मेरिट लिस्ट में कुल 221 छात्रों ने जगह बनाई, जिसमें 158 छात्राएं और 63 छात्र शामिल हैं. इस बार भी लड़कियों ने बाजी मारते हुए बेहतर प्रदर्शन किया. वहीं, जिलों की बात करें तो झाबुआ जिले का पास प्रतिशत सबसे ज्यादा 93.23 प्रतिशत दर्ज किया गया.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य का बासमती चावल 47 देशों में निर्यात हो रहा है, जिससे किसानों में खुशी है. लेकिन राज्य को अभी तक बासमती के लिए GI टैग नहीं मिला है, जिससे विवाद बना हुआ है. GI टैग मिलने पर चावल को आधिकारिक पहचान मिलती है. इस मामले को लेकर कोर्ट में केस चल रहा है. सरकार और किसान लगातार इसके लिए प्रयास कर रहे हैं. विपक्ष भी इस मुद्दे को उठा रहा है. अगर मध्य प्रदेश को GI टैग मिल जाता है, तो किसानों को ज्यादा फायदा होगा और निर्यात भी बढ़ेगा.
मुंगेर में सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने अपनी अनोखी कला से बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को खास अंदाज़ में बधाई दी. उन्होंने करीब 10 घंटे की मेहनत से 6 किलो 800 ग्राम के तरबूज पर बारीक नक्काशी कर सम्राट चौधरी की आकर्षक आकृति उकेरी. इस कलाकृति में उन्हें कमल के साथ उभरते हुए दिखाया गया और “बधाई हो सम्राट” संदेश भी लिखा गया. यह अनोखी रचना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोगों के साथ-साथ राजनीतिक हस्तियों द्वारा भी इसकी जमकर सराहना की जा रही है.
पंजाब में इस समय गेहूं की खरीद धीमी पड़ गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. इसकी मुख्य वजह यह है कि बारिश और असमय बढ़ी गर्मी के कारण गेहूं की गुणवत्ता खराब हो गई है. कई जगहों पर दाने सिकुड़े हुए हैं और उनमें नमी ज्यादा है, जिसके कारण वे सरकार द्वारा तय मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं. इसी वजह से सरकारी एजेंसियां गेहूं खरीदने से मना कर रही हैं.
किसान कई दिनों से अपनी फसल लेकर मंडियों में इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनकी फसल नहीं खरीदी जा रही. कुछ किसानों का कहना है कि यह उनकी गलती नहीं है, बल्कि मौसम की मार के कारण फसल खराब हुई है, इसलिए सरकार को नियमों में ढील देनी चाहिए. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर भी गेहूं नहीं बिक पाने से किसानों को आर्थिक नुकसान का डर है.
हालांकि कुछ जगहों पर मौसम साफ होने के बाद नमी कम होने से खरीद में थोड़ी तेजी आई है, लेकिन कुल मिलाकर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. आंकड़ों के अनुसार मंडियों में गेहूं की आवक ज्यादा है, लेकिन खरीद बहुत कम हो रही है. किसान संगठन सरकार से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि किसानों को राहत मिल सके और उनकी मेहनत बेकार न जाए.
अप्रैल का आधा महीना बीतते ही देश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी ने तेज़ी पकड़ ली है. दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिससे बाहर निकलना भी कठिन हो गया है. मौसम विभाग के अनुसार 15 अप्रैल को देश में मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिलेंगे. एक ओर मध्य और दक्षिण भारत के कई इलाकों में लू का प्रकोप रहेगा, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान का असर दिखाई देगा. मध्य भारत, महाराष्ट्र, विदर्भ, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक के कुछ क्षेत्रों में आज लू चलने की संभावना है, जिससे तापमान और बढ़ सकता है. वहीं पूर्वोत्तर भारत और पश्चिमी हिमालयी इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रहेगा. इसके अलावा गुजरात और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश भी देखने को मिल सकती है, जिससे थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.