
पश्चिमी विक्षोभ के असर से देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है और लोगों को तेज गर्मी से राहत मिली है. उत्तर भारत के कई राज्यों में आंधी, बारिश और ठंडी हवाओं के चलते तापमान नीचे आया है. इस बीच, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने भी आगे बढ़ते हुए पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड के कुछ और हिस्सों में दस्तक मजबूत की है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए कई राज्यों में बारिश, तेज हवा, आंधी, ओलावृष्टि और कुछ इलाकों में लू का अलर्ट जारी किया है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक़ आज भी तेज़ हवाओं (50-60 किमी/घंटा) के साथ आंधी-तूफ़ान की भी आशंका है, लेकिन इसके बाद मौसम में कोई खास बदलाव नहीं होगा. वहीं अगले दो दिनों के दौरान मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में लू (हीट वेव) चलने की बहुत संभावना है.
गुजरात के गांधीनगर में होने वाली किसानों की बड़ी ट्रैक्टर रैली में शामिल होने के लिए मोरबी जिले के किसान रवाना हो गए हैं. मोरबी के किसान पिछले कुछ समय से हेवी बिजली लाइनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं और अब अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए इस रैली में हिस्सा लेंगे.
मोरबी जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ गांधीनगर के लिए निकले हैं. किसान आज गांधीनगर पहुंचेंगे और कल आयोजित होने वाली ट्रैक्टर रैली में शामिल होकर अपनी समस्याएं और मांगें सरकार के सामने रखेंगे.
इस रैली में गुजरात के कई जिलों से किसान शामिल होने वाले हैं. मोरबी के किसानों का कहना है कि भारी बिजली लाइनों से जुड़ी समस्याओं को लेकर उनकी चिंताओं का समाधान किया जाना चाहिए. ट्रैक्टर रैली के जरिए किसान अपनी मांगों को मजबूती से उठाने की तैयारी में हैं.
महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने बीड जिले के दौरे के दौरान विधायक रोहित पवार से अपनी भूख हड़ताल खत्म कर सरकार के साथ बातचीत करने की अपील की. उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान चर्चा से ही संभव है और मंगलवार को कर्जमाफी, कृषि विभाग और सहकारिता से जुड़ी महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे. मंत्री ने ‘अहिल्यादेवी होल्कर कर्जमाफी योजना’ को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि 36,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया है. सरकार किसानों के हित में काम कर रही है और फसल बीमा पर भी पुनर्विचार किया जा रहा है.
फ्रांस के प्रधानमंत्री इमैनुएल मैक्रों के साथ ‘भारत इनोवेट्स’ के लॉन्च कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा," आज यहाँ इतने सारे युवा उद्यमी जुड़े हुए हैं। आपको यहां भारत के भविष्य की एक झलक दिखाई देती है। आपको भारत के युवाओं का आत्मविश्वास, आपको नए भारत की ऊर्जा दिखाई देती है एक ऐसा भारत जो समाधान का उपभोक्ता नहीं बल्कि समाधान में योगदान देने वाला है। यहाँ कुछ लोग AI के ज़रिए ग्रामीण भारत की ज़िंदगी बदलने का काम कर रहे हैं, तो कुछ किसान की मदद के लिए सैटेलाइट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं...आपकी क्षमता को देखते हुए, मैं कहूँगा कि भारत बड़े पैमाने पर और तेज़ी से इनोवेशन करता है। भारत टिकाऊ भविष्य के लिए इनोवेशन करता है, और भारत पूरी दुनिया के लिए इनोवेशन करता है। (वीडियो सोर्स: ANI/DD)
जेवर एयरपोर्ट से 15 जून को पहली विशेष उड़ान लखनऊ के लिए रवाना होगी. इस उड़ान में आम यात्रियों की बजाय उन 172 किसानों को सफर करने का अवसर मिलेगा, जिन्होंने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन दी थी. किसान लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे. यह पहल किसानों के योगदान और त्याग को सम्मान देने के लिए की जा रही है. क्षेत्र में इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर उत्साह का माहौल है. माना जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट उत्तर भारत का एक प्रमुख विमानन केंद्र बनेगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति देगा. किसानों के लिए यह दिन बेहद यादगार रहेगा.
बिहार के समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर गांव के रहने वाले सावन कुमार ने संघर्ष और मेहनत के दम पर बड़ी सफलता हासिल की है. दो साल की उम्र में पोलियो होने के कारण उनके दोनों पैरों में लगभग 70 प्रतिशत दिव्यांगता है, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी. किसान परिवार से आने वाले सावन के पिता बंटाई पर खेती करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद सावन ने पढ़ाई जारी रखी और जेईई एडवांस्ड 2026 में पीडब्ल्यूडी श्रेणी में ऑल इंडिया रैंक 22 हासिल की. कोटा में रहकर तैयारी के दौरान उन्हें 80 प्रतिशत स्कॉलरशिप भी मिली. अब उनका सपना आईआईटी बॉम्बे, दिल्ली या मद्रास से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करना और आगे चलकर सिविल सेवा में जाकर समाज की सेवा करना है. उनकी सफलता लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है.
आधुनिक तकनीक और नवाचार को पारंपरिक खेती के साथ जोड़कर कृषि को अधिक टिकाऊ, उत्पादक और लाभदायक बनाया जा सकता है. आज के समय में खेती केवल परंपरा नहीं, बल्कि एक उन्नत व्यवसाय बन चुकी है, जिसमें नई तकनीकों की अहम भूमिका है. भारत की असली ताकत उसके गांव और किसान हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. जब किसान आर्थिक रूप से मजबूत होंगे, तो देश भी सामाजिक और आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनेगा. इसलिए जरूरी है कि किसानों को नई तकनीक, प्रशिक्षण और संसाधनों से जोड़ा जाए ताकि कृषि का भविष्य उज्ज्वल बन सके.
सासाराम में आज एक घंटे की मुसलाधार बारिश ने पूरे शहर को पानी पानी कर दिया है. एक घंटे की मुसलाधार बारिश में जहां लोगों को मौसम के बदलने से गर्मी से राहत दी. वहीं दूसरी ओर कुव्यवस्था का अलम है कि यह बारिश आफत बनकर आई.
बेंगलुरु दक्षिण ज़िले में बिदादी के पास प्रस्तावित GBIT प्रोजेक्ट के लिए 499 एकड़ ज़मीन के अधिग्रहण को लेकर कर्नाटक सरकार द्वारा जारी अंतिम नोटिफ़िकेशन का कड़ा विरोध करते हुए, किसानों और ग्रामीणों ने 22 जून को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने का फ़ैसला किया है.
यह विरोध प्रदर्शन 'ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप' प्रोजेक्ट के लिए ज़मीन अधिग्रहण का कड़ा विरोध जताने के लिए ग्रामीणों, किसानों और कर्नाटक राज्य रैथा संघ जैसे किसान संगठनों द्वारा किया जाएगा.
जालना जिले के घनसावंगी तहसील के तनवाडी गांव के किसान दामोदर शेंडगे ने पारंपरिक खेती की चुनौतियों के बीच खजूर की बागवानी से सफलता की नई मिसाल पेश की है. उन्होंने वर्ष 2019 में तीन एकड़ जमीन में ईरान मूल के 181 खजूर के पौधे लगाए थे. शुरुआती निवेश अधिक होने के बावजूद आज यह बाग उन्हें लाखों रुपये की आय दे रही है और इस वर्ष लगभग 20 लाख रुपये कमाई की उम्मीद है.
यह बाग चौथे उत्पादन चक्र में है और अब तक लगातार अच्छा उत्पादन दे रही है. किसान जैविक खाद और ड्रिप सिंचाई का उपयोग करते हैं, जिससे लागत कम रहती है. साथ ही वे खाली जमीन में सोयाबीन और गेहूं की अंतरवर्ती खेती भी कर रहे हैं. कम मेहनत, कम लागत और बेहतर बाजार भाव के कारण खजूर की खेती लाभदायक साबित हो रही है और अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के कई जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से हुई जनहानि और पशुहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराया जाए और हर संभव सहायता दी जाए. कासगंज, चंदौली, मिर्जापुर और बाराबंकी में हुई घटनाओं की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री ने घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा. साथ ही अधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने और लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की.
देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 14 जून को उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी जारी की है. यूपी, बिहार, दिल्ली सहित 18 राज्यों में खराब मौसम का असर देखने को मिल सकता है. कुछ क्षेत्रों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है. तेज हवाओं से पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने तथा फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बना हुआ है.