
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले 2-3 दिनों में पूरे देश को कवर कर सकता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 जुलाई को उत्तर भारत, पूर्वोत्तर, मध्य भारत और पश्चिमी तटीय राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में भी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इथेनॉल को लेकर उठ रहे सवालों पर कहा कि वह केवल इथेनॉल नहीं, बल्कि वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने की बात करते हैं. उन्होंने कहा कि इथेनॉल के इस्तेमाल से किसानों को लाभ होगा और दुनिया के 11 देशों में इसका सफलतापूर्वक उपयोग हो रहा है. नितिन गडकरी ने कहा कि ईंधन में ब्लेंडिंग का अधिकार पेट्रोलियम मंत्रालय के पास है, जबकि वह परिवहन मंत्रालय से जुड़े फैसले लेते हैं.
उन्होंने स्पष्ट किया कि इथेनॉल उत्पादन में उनकी हिस्सेदारी केवल 0.7 प्रतिशत है और इस योजना से उन्हें कोई व्यक्तिगत लाभ नहीं होता. उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से इथेनॉल योजना को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. साथ ही कहा कि यदि किसी को इथेनॉल से कोई समस्या है तो वह सीधे उनके पास शिकायत कर सकता है.
छत्रपति संभाजीनगर: एक सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को बताया गया कि मध्य महाराष्ट्र के मराठवाड़ा इलाके में जनवरी से जून 2026 के बीच 465 किसानों ने आत्महत्या की. इनमें से सबसे ज़्यादा 109 मामले छत्रपति संभाजीनगर जिले से सामने आए. साल 2025 में आठ ज़िलों वाले इस इलाके में प्रशासन के पास किसानों की आत्महत्या के 1,131 मामले दर्ज किए गए थे. छत्रपति संभाजीनगर स्थित डिविजनल कमिश्नर कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा साल में जनवरी से जून के बीच मराठवाड़ा में किसानों की आत्महत्या के 465 मामले दर्ज किए गए. (पीटीआई)
गुजरात के सूरत में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद सीमाड़ा खाडी ओवरफ्लो होने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. सरथाणा, पर्वत पाटिया, चीकूवाड़ी, सनिया, बमरोली और श्याम मंदिर के आसपास पानी भर गया है. ड्रोन वीडियो में कई सड़कें और रिहायशी इलाके जलमग्न दिखाई दे रहे हैं. बाढ़ के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है और कई स्थानों पर आवाजाही बाधित हो गई है.
सम्राट कैबिनेट ने कुल 22 एजेंडों पर मुहर लगाई
कैबिनेट ने पटना AIIMS के विस्तार के लिए दानापुर के मौजा-भूसौला में 26.76 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की
इस परियोजना पर लगभग 348.90 करोड़ की लागत आएगी
AIIMS पटना के विस्तार से सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होगा
मरीजों को एक ही परिसर में बेहतर एवं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी
चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान को नई गति मिलेगी तथा प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक सशक्त बनेगी
बिहार में मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि क्षेत्र के लिए कैबिनेट का फैसला
"बिहार एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BAIDCL)" के गठन को स्वीकृति प्रदान की गई
BAIDCL के गठन से आधुनिक मत्स्य अवसंरचना के विकास, निवेश को प्रोत्साहन, रोजगार सृजन तथा मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगी
कैबिनेट ने परिवहन व्यवस्था के विकास के लिए एक और फैसला लिया
राज्य के चार प्रमुख कॉरिडोर में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के निर्माण हेतु अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (AAR) एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने की स्वीकृति प्रदान की गई है. इसके लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) को नामित किया गया है
प्रस्तावित प्रमुख कॉरिडोर पटना से मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, आरा और गया के लिए होगा
वायनाड: केरल के मंत्रियों टी. सिद्दीक और ए.पी. अनिलकुमार ने बुधवार को वायनाड ज़िला प्रशासन को निर्देश दिया कि वे उस जगह के आस-पास रहने वाले लोगों को ज़रूरी सामान उपलब्ध कराएं, जहां 7 जुलाई को हुए भूस्खलन में तीन लोगों की मौत हो गई थी. ज़िला प्रशासन की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, मंत्रियों ने पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि इलाके की अलग-अलग आदिवासी बस्तियों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जाए. उन्होंने ज़िला चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि वे चुरलमाला में अलग-थलग पड़े परिवारों को चिकित्सा सेवाएं देने के लिए तुरंत एक स्वास्थ्य उप-केंद्र बनाएं, जिसमें डॉक्टर, नर्स और दवाइयां उपलब्ध हों. (पीटीआई)
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के हिमालय से सटे ज़िलों में अगले दो दिनों में बहुत भारी बारिश और उसके बाद 13 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है. इससे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में निचले हिस्सों के जलमग्न होने का खतरा बढ़ गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि शुक्रवार सुबह तक दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी और कूचबिहार में भारी से बहुत भारी बारिश होगी, और बुधवार को एक-दो जगहों पर बहुत ज़्यादा बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने भारी बारिश के कारण दार्जिलिंग और कलिम्पोंग की पहाड़ियों में भूस्खलन और इस क्षेत्र के मैदानी इलाकों में निचले हिस्सों के जलमग्न होने की चेतावनी दी है. (पीटीआई)
गुजरात में मॉनसून सक्रिय होने के कारण पिछले 24 घंटों में 28 जिलों के 195 तालुकाओं में बारिश दर्ज की गई. दक्षिण गुजरात के सूरत, नवसारी, वलसाड, तापी और डांग जिलों में सबसे ज्यादा बारिश हुई है. मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में एक साथ चार मॉनसून सिस्टम सक्रिय होने के कारण भारी बारिश हुई. सूरत और नवसारी में तेज बारिश के चलते स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित की गई है. IMD ने अगले 24 घंटों के लिए दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. हालांकि, अगले कुछ दिनों में बारिश की रफ्तार कम होने की संभावना है. राज्य में अब तक सीजन की औसत बारिश का करीब 24.44 प्रतिशत पानी बरस चुका है. भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने 12 NDRF और 27 SDRF टीमों को तैनात किया है, जबकि मछुआरों को 11 जुलाई तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है.
महाराष्ट्र के पुणे से एक बड़ी खबर सामने आई है. मोशी इलाके में स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की इमारत का एक हिस्सा अचानक ढह गया. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. शुरुआती जानकारी के अनुसार, कचरा डिपो के पास स्थित इस प्लांट में भारी मात्रा में कचरा गिरने के कारण इमारत का हिस्सा कमजोर होकर गिर गया. हादसे के समय कुछ कर्मचारी इमारत के अंदर मौजूद थे, जिनके मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस के मुताबिक, दूसरी मंजिल पर फंसे कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि पहली मंजिल पर कुछ लोगों के फंसे होने की जानकारी सामने आई है. एक घायल व्यक्ति को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए. फिलहाल मलबा हटाने और फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चलाया जा रहा है. प्रशासन की टीम पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है.
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अल नीनो के प्रभाव और उससे जुड़ी कृषि परिस्थितियों पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है. उन्होंने बताया कि हर मंगलवार स्थिति की समीक्षा की जा रही है. मंत्री ने कहा कि जून महीने में देश में सामान्य से 33 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन जुलाई में हालात में सुधार हुआ है और अब बारिश की कमी घटकर 24 प्रतिशत रह गई है. उन्होंने बताया कि पिछले 3-4 दिनों में कई राज्यों में अच्छी बारिश हुई है, जिससे कृषि गतिविधियों को राहत मिली है. पहले कम बारिश वाले जिलों की संख्या 262 थी, जो अब घटकर 178 रह गई है. इन जिलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जुलाई में बेहतर बारिश से खरीफ फसलों की बुआई की संभावनाएं बढ़ी हैं और आने वाले दिनों में बुआई में तेजी आने की उम्मीद है.
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ने देश में किसानों के लिए बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की है, ताकि खरीफ सीजन के दौरान किसी भी किसान को परेशानी का सामना न करना पड़े. उन्होंने बताया कि लगभग 1.75 लाख क्विंटल राष्ट्रीय बीज का रिजर्व भंडार तैयार रखा गया है. यदि कहीं पहली बुआई बारिश की कमी या अन्य कारणों से खराब हो जाती है, तो किसानों को दोबारा बुआई के लिए आसानी से बीज उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आर्थिक जरूरतों का भी ध्यान रख रही है. जिन किसानों के पास किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) नहीं था, उनके लिए विशेष अभियान चलाया गया. 30 जून तक प्राप्त 1,14,613 आवेदनों में से 94,417 किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत किए जा चुके हैं. इसके अलावा सरकार फसल बीमा योजना से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के लिए भी लगातार अभियान चला रही है, ताकि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके.
झारखंड के धनबाद जिले के छाताबाद इलाके में अचानक जमीन धंसने से अफरा-तफरी मच गई. इस घटना में आधा दर्जन से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए और कई मकानों की दीवारों व फर्श में बड़ी-बड़ी दरारें आ गईं. लोगों ने डर के कारण तुरंत अपने घर खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया. हैरानी की बात यह रही कि पास का एक तालाब भी धीरे-धीरे जमीन में समाने लगा, जिससे इलाके में दहशत और बढ़ गई. सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची तथा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू किया. प्रशासन ने भू-धंसान के कारणों की जांच भी शुरू कर दी है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि भूमिगत खनन और बंद पड़ी खदानों के कारण जमीन कमजोर हो गई है. प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है.
लखनऊ में आयोजित प्रदेश स्तरीय आम महोत्सव में सहारनपुर के मुजफ्फराबाद ब्लॉक स्थित रणडौल गांव के 72 वर्षीय किसान बसंत कुमार को आम की दुर्लभ किस्मों के संरक्षण और प्राकृतिक बागवानी के लिए प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र, शील्ड और एक पौधा भेंट किया. बसंत कुमार के पास ढाई एकड़ में 100 साल से अधिक पुराना पुश्तैनी आम का बाग है, जिसकी देखभाल वे प्राकृतिक तरीकों से करते हैं और प्रतिबंधित कीटनाशकों का उपयोग नहीं करते. वर्ष 1984 से अब तक वे करीब 130 बीघा में नए बाग विकसित कर चुके हैं. उनके बाग में आम की 20 से अधिक किस्में हैं. आम महोत्सव में उन्होंने 16 दुर्लभ किस्मों के आम प्रदर्शित किए. बसंत कुमार ने इस सम्मान को अपने गांव, जिले और सभी किसानों का सम्मान बताया तथा भविष्य में पारंपरिक बागवानी और दुर्लभ आम की किस्मों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया.
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने E20 पेट्रोल (20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर हो रही आलोचनाओं पर जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि देश में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है, जिसमें E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से किसी कार को नुकसान हुआ हो. उन्होंने आलोचकों से एक ऐसी कार का नाम बताने की चुनौती दी. गडकरी ने कहा कि भारत हर साल करीब 22 लाख करोड़ रुपये का ईंधन आयात करता है, इसलिए स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना जरूरी है. उन्होंने बताया कि एथनॉल मिश्रण से कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी और प्रदूषण भी घटेगा. उन्होंने कहा कि मक्का से एथनॉल बनाने के फैसले से उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों को करीब 45 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय मिली है. सरकार अब E85, E100 एथनॉल और अन्य वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है.
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में लगातार हुई तेज बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए हैं. रातभर हुई बारिश से जिले के कई जंगली नाले और छोटी-बड़ी नदियों में पानी का स्तर बढ़ गया है. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 12 घंटों तक जिले में बारिश जारी रहने की संभावना है. वहीं, अच्छी बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. लंबे इंतजार के बाद हुई बारिश धान की रोपाई और खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है. खेतों में पर्याप्त पानी पहुंचने से कृषि कार्यों में तेजी आई है. हालांकि, नदी-नालों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है.
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में मॉनसून की तेज बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. मंगलवार सुबह से हो रही लगातार बारिश के कारण शहर की गलियां, सड़कें, बाजार और दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 कई जगहों पर जलमग्न हो गए. सड़कों पर पानी भरने से वाहन धीरे-धीरे चलते नजर आए, वहीं कई इलाकों में लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा. बुढ़ाना तहसील क्षेत्र में भी बारिश का असर देखने को मिला, जहां सड़कें तालाब जैसी नजर आईं. कई गलियों में पानी भर गया, जिसमें बच्चे बारिश का आनंद लेते हुए दिखाई दिए. हालांकि, भारी बारिश ने लोगों को उमस और गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन जलभराव के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा. कई लोग जरूरी कामों के लिए भी घरों से निकलने में परेशान हुए. प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है.
महाराष्ट्र के सातारा जिले की खंडाला तहसील के अतीट गांव में देर रात हुई भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं. पहाड़ियों से तेज गति से आया पानी गांव के पास बहने वाले नाले में पहुंच गया, जिससे नाला उफान पर आ गया और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई. पानी मंदिर परिसर, सड़कों और कई घरों तक पहुंच गया. नाले के किनारे बने घरों में पानी घुसने से लोगों का सामान, अनाज और जरूरी चीजें खराब हो गईं. वहीं, खेतों में पानी भरने से किसानों को भी नुकसान हुआ है और फसलों के प्रभावित होने की खबर है. ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कर जल्द मदद देने की मांग की है. प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले इलाकों और नालों से दूर रहने की अपील की है. फिलहाल हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है.
अल नीनो के संभावित प्रभाव और खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा के लिए 7 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई. बैठक में कृषि, बिजली, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, उपभोक्ता मामले, उर्वरक, पशुपालन, भारतीय मौसम विभाग (IMD) समेत 15 से अधिक मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया. बैठक में IMD ने बताया कि गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मॉनसून करीब 10 दिन की देरी से पहुंचा, लेकिन जुलाई के पहले सप्ताह में अच्छी बारिश होने से देशभर में वर्षा की कमी घटकर 12 प्रतिशत रह गई है. विभाग के अनुसार जुलाई और अगस्त में कमजोर से मध्यम स्तर का एल नीनो विकसित हो सकता है, हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि देश में सामान्य से कम बारिश ही होगी.
देशभर में मॉनसून ने अब रफ्तार पकड़ ली है और इसका असर लगभग हर राज्य में देखने को मिल रहा है. कुछ दिन पहले तक भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को अब झमाझम बारिश से राहत मिली है, लेकिन कई इलाकों में यही बारिश मुसीबत भी बनती जा रही है. लगातार हो रही बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है, जबकि पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है. कई स्थानों पर तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 8 जुलाई के लिए कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, आंधी, वज्रपात और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार मिल रही नमी के कारण अगले 48 से 72 घंटों तक मौसम सक्रिय बना रहेगा. ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.