
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अगले कुछ दिनों में अपनी रफ्तार बढ़ा सकता है और 23 जून 2026 के आसपास तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के अतिरिक्त हिस्सों के साथ छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों तक पहुंचने की संभावना है. दूसरी तरफ पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में पूरे सप्ताह कहीं-कहीं तेज बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे मौसम में बदलाव के संकेत हैं. वहीं गर्मी से राहत सभी जगह नहीं मिलेगी. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने मंगलवार को और रफ्तार पकड़ते हुए मध्य अरब सागर के शेष हिस्सों, मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों, तेलंगाना और ओडिशा के बाकी इलाकों को कवर कर लिया. इसके साथ ही मॉनसून छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों तक भी पहुंच गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले 2-3 दिनों में गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के अन्य क्षेत्रों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. इसके बाद अगले 3-4 दिनों में झारखंड, बिहार के शेष भागों और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी मॉनसून पहुंचने की संभावना है.
शिवराज सिंह चौहान ने आज की बैठक में सभी जिला प्रशासनों, कलेक्टरों और उनकी टीमों से आग्रह करते हुए कहा कि वे इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें. किसी भी कंटीजेंसी प्लान की सफलता केवल उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है. इन योजनाओं को धरातल पर उतारने और उनका लाभ लोगों तक पहुंचाने में जिला प्रशासन की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है. इसलिए कलेक्टर अपनी पूरी क्षमता, उपलब्ध संसाधनों और प्रशासनिक दक्षता का उपयोग करते हुए इन योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कृषि विभाग, जल संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बना रहे, ताकि किसी भी चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बार फिर किसान प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं. किसानों का कहना है कि आज अमेरिका से एक प्रतिनिधिमंडल भारत आया है, जो एक महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते को लेकर बातचीत कर रहा है. प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप है कि यदि भारत इस समझौते को मंजूरी देता है, तो इसका सीधा असर देश के किसानों और पशुपालकों पर पड़ सकता है. किसानों का मानना है कि इस तरह के समझौते से कृषि और डेयरी क्षेत्र में चुनौतियां बढ़ सकती हैं. इसी आशंका को लेकर किसान संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की.
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह नई दिल्ली में NAFED के ऑक्शन पोर्टल ‘NAFEX.in’ का शुभारंभ करेंगे. यह डिजिटल प्लेटफॉर्म कृषि उत्पादों की नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देगा. इसके साथ ही अमित शाह किसानों के बच्चों के लिए NAFED-KALYAN छात्रवृत्ति योजना, DRISHTI इन्वेंटरी मैनेजमेंट पोर्टल और ERP पोर्टल का भी उद्घाटन करेंगे. इन सभी पहलों का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करना और किसानों व सहकारी संस्थाओं को अधिक सशक्त बनाना है. इससे कृषि विपणन प्रणाली में सुधार और बेहतर प्रबंधन की उम्मीद जताई जा रही है.
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में इन दिनों भीषण गर्मी का कहर जारी है. तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है और एक बार फिर बांदा देश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल हो गया है. तेज धूप और लू के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है, सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं. प्रशासन ने अस्पतालों, CHC और PHC को सक्रिय किया है, साथ ही कूलिंग सेंटर और पेयजल की व्यवस्था की गई है. डॉक्टर भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं.
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज सुबह 10 बजे अल नीनो के संभावित प्रभावों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे. इस वर्चुअल बैठक में सभी राज्यों के कृषि मंत्री, कृषि सचिव और संबंधित अधिकारी शामिल होंगे. इसके साथ ही अल नीनो से प्रभावित हो सकने वाले जिलों के कलेक्टर और कृषि अधिकारी भी जुड़ेंगे. मौसम विभाग के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहेंगे. बैठक में कम वर्षा की स्थिति और उससे कृषि पर पड़ने वाले प्रभावों की समीक्षा की जाएगी तथा किसानों के हित में आवश्यक दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे.
गुजरात के अमरेली जिले में लगातार पांचवें दिन भी बारिश का दौर जारी रहा. जिले के सावरकुंडला ग्रामीण क्षेत्र के बिजपाड़ी, दधिया, चिखली समेत कई गांवों में भारी बारिश दर्ज की गई. मौसम की पहली अच्छी बारिश के बाद दधिया गांव से होकर गुजरने वाली चिखलियो नदी में पहली बार बाढ़ जैसी स्थिति देखने को मिली और नदी दोनों किनारों तक बहने लगी. बारिश से किसानों में खुशी का माहौल है, क्योंकि इससे खेती और बुवाई के कार्यों को गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. वहीं राजुला के खेरली, खारी, मेरियाना, बाबरियाधार सहित कई गांवों में भी अच्छी बारिश हुई. दधिया और माधड़ा गांव में भारी वर्षा के कारण गलियों में पानी बहता नजर आया.
महाराष्ट्र के वाशिम जिले में आखिरकार मानसून ने दस्तक दे दी है. आमतौर पर जून के पहले सप्ताह में शुरू होने वाली बारिश इस बार जून के अंतिम सप्ताह तक नहीं पहुंची थी, जिससे लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. रविवार शाम से जिले के अधिकांश इलाकों में मौसम बदला और रिसोड़, कारंजा, मंगरुलपीर, मानोरा समेत कई शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में शाम 6 बजे के बाद झमाझम बारिश शुरू हो गई. देर रात तक कई जगहों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई. इस बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों में भी खुशी का माहौल है, क्योंकि इससे खेतों को बुआई के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी.
बिहार में अगले तीन दिनों तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है. मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. गया, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, सुपौल, कटिहार और भागलपुर समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही तेज हवाएं चल सकती हैं और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा. मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है.
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है. 23 से 26 जून के बीच दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. इस दौरान गरज-चमक के साथ 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. वहीं उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं. मेरठ, आगरा, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, प्रयागराज और वाराणसी समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. तेज हवाओं के कारण लोगों को सतर्क रहने और खुले स्थानों से बचने की सलाह दी गई है.