उत्तर भारत में सर्दियों की दस्तक के साथ मौसम पूरी तरह बदल चुका है और ठंड का असर साफ नजर आने लगा है. पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बढ़ती शीतलहर के बीच जनजीवन और खेती-किसानी की गतिविधियों पर असर पड़ रहा है. वहीं दक्षिण भारत में लगातार बारिश का दौर बना हुआ है. इस लाइव और लगातार अपडेट होते सेक्शन में आपको खाद-बीज से जुड़ी जानकारी, खेती और गार्डनिंग के उपयोगी टिप्स, किसानों के लिए जरूरी सरकारी योजनाएं और कृषि जगत से जुड़े बड़े राष्ट्रीय घटनाक्रम एक ही जगह मिलते रहेंगे. साथ ही बात करेंगे उन्नत क़िस्मों की बीजों के बारे में जिसका लाभ उठाकर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
भारत और अमेरिका में पिछले कई दिनों से ट्रेड डील को लेकर बातचीत जारी है. इस बीच, अमेरिका-भारत व्यापार संबंधों में एक नया मोड़ आया है, जहां अमेरिकी सीनेटर्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चिट्ठी लिखी है और भारत को अमेरिकी मटर दाल पर से टैक्स हटाने की मांग की है. सीनेटर्स ने इस लेटर में कहा कि भारत के लगाए गए हाई टैरिफ के कारण अमेरिकी किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. वहीं, ट्रंप को 16 जनवरी को लिखे इस लेटर में कहा गया कि भारत ने 30 अक्टूबर 2025 से दालों पर 30 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की, जो 1 नवंबर 2025 से लागू हो गया. इससे पहले भारत के ये आयात ड्यूटी-फ्री थे, लेकिन अब अमेरिकी किसानों को इस भारी टैरिफ के चलते भारतीय बाजारों में बड़े नुकसान हो रहा हैं.
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BKU नेता राकेश टिकैत ने माघ मेला 2026 के अवसर पर कहा कि माघ मेले में स्नान का अनुभव बहुत ही विशेष होता है. उन्होंने बताया, "सौभाग्यशाली व्यक्ति को माघ मेले में स्नान का अवसर मिलता है. किसानों की बैठक यहां पर होती है कि पिछले 6 महीने में क्या किया और अगले 6 महीने में क्या करना है." टिकैत ने माघ मेले को किसानों और श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन बताया.
भारत ने नवंबर 2025 में पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य समय से पहले पूरा कर लिया. यह एक बड़ी सफलता है और ईंधन सुरक्षा और प्रदूषण कम करने में मदद करता है. लेकिन शुगर उद्योग के लिए अब एक नई चुनौती खड़ी हो गई है. एथेनॉल बनाने की क्षमता बहुत ज्यादा है, पर मांग उतनी नहीं है. साथ ही शुगर आधारित एथेनॉल की मात्रा कम हो गई है, भंडारण की समस्या है और खरीद की कीमत स्थिर होने के कारण मिलों को नुकसान हो रहा है.
किसान तक का कारवां आज मैनपुरी जिले के बरनाहल ब्लॉक का डालूपुर गांव में पहुंचा है. यह 75 जिलों का 11वां पड़ाव है. इस पड़ाव में कुल सात चरण होंगे. किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र के इंचार्ज डॉ. प्रवीण सिंह, कृषि विभाग के विनोद कुमार और पशुपालन विभाग के अधिकारी अनुभव को साझा करेंगे.
आज इफको (IFFCO) के मैनेजिंग डायरेक्टर किरितकुमार जे पटेल अमित शाह, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री, से उनके निवास कार्यालय में मिले. इस मुलाकात में इफको की गतिविधियों और किसानों के लिए किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा हुई. प्रतिनिधियों ने मंत्री को इफको की उत्पादन और बिक्री की प्रगति के बारे में जानकारी दी, खासकर नैनो खाद और नैनो यूरिया के निर्यात में हुई वृद्धि पर. मुलाकात के दौरान यह भी बताया गया कि इफको की ब्राल साझेदारी के तहत जून 2026 तक ब्राल में नैनो खाद का निर्माण प्लांट शुरू किया जाएगा, जो भारतीय सहकारिता के वैश्विक विस्तार का प्रतीक है. अमित शाह ने किसानों के साथ मिलकर काम करने और सहकारी संस्थाओं की भूमिका को और मजबूत करने पर अपने विचार साझा किए. इफको ने मंत्री को किसानों को नैनो खाद के सही उपयोग और जागरूकता अभियान के बारे में भी अपडेट किया. इस बैठक में सहकारिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के उपायों पर भी चर्चा हुई. बैठक के अंत में इफको ने केंद्रीय मंत्री का धन्यवाद किया और किसानों की भलाई और सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए अपने समर्पण की पुष्टि की.
कृषि की नजर से समृद्ध मैनपुरी जिला एक बार फिर आधुनिक खेती और नए प्रयोगों का केंद्र बना, जब उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप के कार्यक्रम “किसान कारवां” ने अपने गृह जनपद में कदम रखा. इस अभियान के तहत किसान कारवां ब्लॉक बरनाहल के गांव डालूपुर पहुंचा, जहां किसानों को नई खेती की तकनीक, सरकारी योजनाओं और बेहतर उत्पादन के तरीकों की जानकारी दी जाएगी.
देश में कच्चे जूट की कीमत बहुत तेजी से बढ़ गई है. इस वजह से जूट मिलों को जूट मिलना मुश्किल हो रहा है. जूट मिलों की संस्था इंडियन जूट मिल्स एसोसिएशन (IJMA) ने सरकार से कहा है कि इस समस्या को जल्दी ठीक किया जाए, ताकि जूट उद्योग को बचाया जा सके. IJMA ने सुझाव दिया है कि 1 अप्रैल के बाद निजी व्यापारियों को कच्चा जूट खरीदने और बेचने की अनुमति न दी जाए. संस्था का कहना है कि व्यापारी जूट जमा करके रखते हैं, जिससे कीमत और बढ़ जाती है. अगर निजी व्यापार बंद होगा तो जूट सही दाम पर मिलों तक पहुंच सकेगा.
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श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर में तापमान में लगातार गिरावट के कारण शीतलहर का प्रकोप बना हुआ है. ठंड बढ़ने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे गिरकर लगभग -3.2 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जिससे ठंड और ज्यादा बढ़ने की संभावना है.
दिल्ली-NCR में घने कोहरे के कारण IGI एयरपोर्ट के रनवे पर विजिबिलिटी बहुत कम हो गई है. उड़ान में रुकावट और हो रही देरी से लोग परेशान.
उत्तर भारत में ठंड का स्वरूप अब धीरे-धीरे बदलता नजर आ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक उत्तर-पश्चिम भारत में शीतलहर चलने की संभावना नहीं है. हालांकि, घने कोहरे का असर अभी बना रहेगा और पहाड़ी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम सक्रिय रहेगा. IMD ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया कि मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ 18 तारीख तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करता रहेगा. इसके साथ ही अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में घना कोहरा छाए रहने की बहुत ज़्यादा संभावना है. IMD ने अपने पूर्वानुमान में बताया कि वर्तमान पश्चिमी विक्षोभ 18 जनवरी तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करता रहेगा. इसके बाद 19 और 21 जनवरी की रात से दो नए पश्चिमी विक्षोभ एक के बाद एक उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है. इसके असर से 17 से 22 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है. 23 जनवरी को इन इलाकों में व्यापक स्तर पर बारिश और बर्फबारी के साथ कुछ स्थानों पर भारी गिरावट की संभावना जताई गई है. उत्तराखंड में 17 और 18 जनवरी को हल्की बारिश और बर्फबारी तथा 21 से 23 जनवरी के बीच अधिक इलाकों में वर्षा-बर्फबारी हो सकती है. 22 और 23 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की बारिश के आसार हैं. 23 जनवरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान में भी बारिश हो सकती है. इसके अलावा, मौसम विभाग के अनुसार तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे और आसपास के आंध्र प्रदेश व कर्नाटक के इलाकों में अगले 48 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर मानसून की बारिश समाप्त होने के अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं.