
देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों तक पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और बिहार के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 4 से 5 दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है. दूसरी ओर, उत्तर-पश्चिम, पश्चिम-मध्य और दक्षिण भारत के मैदानी इलाकों में अगले 6 से 7 दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने की संभावना है. ऐसे में आइए जानते हैं आज के मौसम का हाल. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव तिहाड़ खुर्द में गौ माता नंदिनी की तेरहवीं का आयोजन भावनात्मक माहौल में किया गया. 7 जुलाई को नंदिनी का निधन हो गया था. परिवार ने उसे सिर्फ एक गाय नहीं, बल्कि घर के सदस्य और मां का दर्जा दिया. यही कारण रहा कि अंतिम संस्कार से लेकर तेरहवीं तक सभी रस्में इंसानों की तरह पूरे विधि-विधान से संपन्न कराई गईं. परिवार के सदस्य मंजीत ने बताया कि नंदिनी करीब 18 वर्षों तक उनके परिवार का हिस्सा रही और उसकी सेवा मां की तरह की गई. तेरहवीं कार्यक्रम में हवन यज्ञ, गौ आरती और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के 11 गांवों के लोग, ग्रामीण और गौभक्त शामिल हुए. परिवार ने नंदिनी की पसंद को भी याद रखा और भोज में उसके पसंदीदा रसगुल्ले शामिल किए. इस दौरान परिवार ने बेसहारा गौवंश की समस्या पर चिंता जताते हुए दूध देना बंद करने के बाद गायों को सड़कों पर छोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग की. कार्यक्रम में लोगों ने परिवार की गौसेवा भावना की सराहना की.
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर आदिवासी किसानों और विस्थापित परिवारों का आंदोलन अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है. पिछले 12 दिनों से चल रहे इस धरने में अब कांग्रेस भी शामिल हो गई है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार धरना स्थल पहुंचे और किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं. प्रभावित किसानों का कहना है कि उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला है, जमीनों का सर्वे सही तरीके से नहीं हुआ और पुनर्वास व रोजगार की समस्या बनी हुई है. आंदोलनकारियों ने पुलिस प्रशासन के व्यवहार को लेकर भी शिकायत की, जिस पर उमंग सिंघार ने सागर रेंज के आईजी से बात कर जांच की मांग की. उन्होंने प्रशासन से आंदोलनकारियों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा. अब किसानों और प्रशासन के बीच बातचीत के लिए संयुक्त समिति बनाने का प्रस्ताव रखा गया है. वहीं, इस आंदोलन के कारण केन-बेतवा परियोजना का मुद्दा प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है.
छत्तीसगढ़ में मानसून की सुस्त रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. प्रदेश के एमसीबी जिले समेत कई इलाकों में सामान्य से कम बारिश होने के कारण खरीफ सीजन की खेती प्रभावित हो रही है. जुलाई का आधा महीना बीतने के बावजूद कई गांवों में धान की रोपाई शुरू नहीं हो सकी है, क्योंकि खेतों में पर्याप्त पानी नहीं है. जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा है, वे किसी तरह खेती का काम आगे बढ़ा रहे हैं, जबकि वर्षा आधारित खेती करने वाले किसान पूरी तरह मानसून पर निर्भर हैं. किसानों का कहना है कि इस बार मानसून 15 से 20 दिन देरी से पहुंचा है, जिससे खेती का पूरा चक्र प्रभावित हो गया है और उत्पादन घटने की आशंका बढ़ गई है. वहीं कृषि विभाग ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने और विभागीय सलाह के अनुसार खेती करने की अपील की है, ताकि प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान की भरपाई की जा सके.
देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई थी, लेकिन अब मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मानसून दोबारा सक्रिय होगा, जिससे देश के 20 से अधिक राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है. विभाग ने कई इलाकों के लिए गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नया कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और उत्तर भारत में वर्षा की तीव्रता बढ़ सकती है. उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र तथा नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा, मणिपुर, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. कई स्थानों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं.