Agriculture Top-10 News: आज देश में खेती-किसानी से जुड़ी 10 बड़ी खबरों के साथ मौसम का पूरा हाल, पढ़ें पूरी डिटेल

क‍िसान तक Noida | Jun 10, 2026, 7:31 PM IST

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में फिलहाल गर्मी का असर बना रहेगा. 9 जून को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. आसमान सामान्यतः साफ रहेगा, लेकिन तेज हवाएं चलने की संभावना है जिनकी रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. 10 और 11 जून को आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं. हालांकि 10 जून को बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन 11 जून को दिल्ली में तेज हवाओं के साथ आंधी और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में कुछ गिरावट आने की उम्मीद है.

Agriculture Live Blog

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में फिलहाल गर्मी का असर बना रहेगा. 9 जून को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. आसमान सामान्यतः साफ रहेगा, लेकिन तेज हवाएं चलने की संभावना है जिनकी रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. 10 और 11 जून को आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं. हालांकि 10 जून को बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन 11 जून को दिल्ली में तेज हवाओं के साथ आंधी और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में कुछ गिरावट आने की उम्मीद है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.

Jun 10, 2026, 7:49 PM (2 घंटे में)

धूल भरी आंधी से मंगलवार रात गिरे पेड़, सड़कें बंद होने के बाद दिल्ली पुलिस को 42 कॉल आए

Posted by :- Prateek

नई दिल्ली: एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि मंगलवार रात राजधानी में ज़बरदस्त धूल भरी आंधी और खराब मौसम के कारण पेड़ उखड़ने और सड़कों पर रुकावट आने से जुड़ी 42 कॉल दिल्ली पुलिस को मिलीं. मंगलवार देर शाम दिल्ली में आई और आधी रात के बाद और तेज़ हुई इस आंधी के कारण शहर के कई हिस्सों में भारी अव्यवस्था फैल गई. अधिकारी ने बताया कि पेड़ उखड़ने, टहनियां गिरने, होर्डिंग को नुकसान पहुंचने और खंभे गिरने की कई घटनाएं हुईं, जिनसे मुख्य सड़कें बंद हो गईं और ट्रैफिक पर असर पड़ा. (पीटीआई)

Jun 10, 2026, 7:03 PM (एक घंटा में)

चिनाब पर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के लिए 197 हेक्टेयर वन भूमि पर नजर, इस्‍तेमाल की मांगी मंजूरी

Posted by :- Prateek

नई दिल्ली: चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स ने जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ ज़िले में चिनाब नदी पर 'किरथई स्टेज-II हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट' बनाने के लिए लगभग 197 हेक्टेयर वन भूमि के इस्तेमाल की मंज़ूरी मांगी है. किरथई II सिंधु बेसिन में चल रहे कई अन्य हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स में से एक है. केंद्र सरकार ने पिछले साल पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि (IWT) को रोक देने के बाद इन प्रोजेक्ट्स के काम में तेजी लाने की कोशिश की है. अभी रुकी हुई इस संधि के तहत, सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों के पानी पर पाकिस्तान का नियंत्रण था, जबकि रावी, ब्यास और सतलुज नदियों पर भारत का नियंत्रण था. (पीटीआई)

Jun 10, 2026, 6:42 PM (एक घंटा में)

केरल में 14 जून तक भारी बारिश का अनुमान, मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह जारी की

Posted by :- Prateek

तिरुवनंतपुरम: IMD ने बुधवार को राज्य में 14 जून तक भारी बारिश का अनुमान लगाया और तेज़ हवाओं व खराब मौसम के कारण अगले कुछ दिनों तक केरल-कर्नाटक-लक्षद्वीप तट पर मछली पकड़ने की गतिविधियों से बचने की सलाह दी. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा कि 1 से 12 जून तक केरल-कर्नाटक-लक्षद्वीप तटों पर 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएं चलने और खराब मौसम की संभावना है, और इस दौरान उस इलाके में मछली पकड़ने की गतिविधियों से बचने की सलाह दी. विभाग ने यह भी कहा कि 10 से 14 जून के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है. (पीटीआई)

Jun 10, 2026, 6:13 PM (24 मिनट में)

बेलागवी के सवदत्ती तालुक में भारी बारिश से बाढ़ और अफरातफरी

Posted by :- Prateek

सोमवार को बेलागवी ज़िले के सवदत्ती तालुक में ज़ोरदार बारिश हुई, जिससे खेत पानी में डूब गए और हर तरफ़ अव्यवस्था फैल गई. लगातार बारिश की वजह से खेतों में पानी भर गया और कई निचले इलाकों में जलभराव की सूचना मिली. बैल्होंगाल बस स्टैंड और वीरा रानी चेन्नम्मा सर्कल पर हैरान करने वाले नज़ारे देखने को मिले, जहां सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर पानी का तेज़ बहाव बह रहा था. कई लोगों को अपने पैरों पर टिके रहने के लिए संघर्ष करते देखा गया, क्योंकि बाढ़ का तेज़ पानी उन्हें बहा ले जाने का खतरा पैदा कर रहा था. (इनपुट- सगाय राज)

Jun 10, 2026, 5:55 PM (6 मिनट में)

भारत-बांग्लादेश सीमा पर लगेगी फेंसिंग, कूचबिहार के ग्रामीणों को मिलेगी राहत

Posted by :- Prateek

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के उत्तर अंदारान गांव में भारत-बांग्लादेश सीमा पर लंबे समय से जारी सीमा पार अपराधों से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. राज्य सरकार की ओर से जमीन उपलब्ध कराने के बाद इलाके में फेंसिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है और जमीन का माप कार्य भी जारी है. स्थानीय लोगों के मुताबिक बिना फेंसिंग वाले इस क्षेत्र में पहले मवेशी चोरी और सीमा पार से आने वाले असामाजिक तत्वों की गतिविधियों की शिकायतें रहती थीं. ग्रामीणों को कई बार रात में पहरा देना पड़ता था और बीएसएफ से शिकायत के बाद दोनों देशों के सीमा बलों के बीच बैठकें भी होती थीं. अब स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय के बाद हालात में सुधार की बात कही जा रही है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि फेंसिंग का काम पूरा होने के बाद सीमा पार अपराधों पर स्थायी रूप से रोक लगाने में मदद मिलेगी.

Jun 10, 2026, 5:44 PM (5 मिनट पहले)

फिरोजपुर टोल प्लाजा के ऊपर किसान ने की खेती, एक्टिव हुआ प्रशासन

Posted by :- Prateek

फिरोजपुर के गांव फिरोजशाह टोल प्लाजा पर उस समय एक अलग ही नजारा देखने को मिला, जब एक किसान ने टोल प्लाजा की जमीन के एक हिस्से पर अपना हक जताते हुए वहां मिट्टी डलवाकर धान की रोपाई कर दी। किसान की इस कार्रवाई के बाद प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचकर किसानों के साथ बातचीत करते दिखाई दिए. किसान गुरस्वेक सिंह और सतनाम सिंह दावा कर रहे है यह उनकी जमीन है और यह मामला साल 2018 से जुड़ा हुआ है. उस समय जब टोल प्लाजा का निर्माण किया जा रहा था, तब किसानों की कुछ जमीन टोल प्लाजा क्षेत्र में शामिल हो गई थी. इसके बाद से जमीन को लेकर दावेदारी और विवाद चलता रहा. मामला अदालत तक भी पहुंचा, लेकिन किसानों का कहना है कि उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला.

इसी के चलते आज किसानों ने उस जमीन पर, जिस पर वे अपना दावा कर रहे हैं, मिट्टी डालकर धान की रोपाई कर दी. साथ ही किसानों ने रास्ता बंद करने का भी फैसला लिया. जैसे ही इसकी सूचना प्रशासन को मिली, अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंच गए और किसानों को समझाने का प्रयास किया. हालांकि, किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और जमीन पर अपना हक जता रहे हैं. वहीं पुलिस और प्रशासन किसानों के साथ लगातार बातचीत कर किसी समाधान तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. (इनपुट- अक्षय कुमार)

Jun 10, 2026, 5:03 PM (एक घंटा पहले)

राेहतक में BKU सिद्धूपुर में किसानों ने कम‍िश्‍नर कार्यालय तक निकाला मार्च, 11 जून को मांगों पर अफसरों से होगी चर्चा

Posted by :- Prateek

रोहतक में भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के बैनर तले किसानों ने मानसरोवर पार्क में पंचायत आयोजित कर कमिश्नर कार्यालय तक मार्च निकाला. किसानों ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन कमिश्नर कार्यालय के ओएसडी को सौंपा. बातचीत के बाद किसानों के प्रतिनिधिमंडल को कल सुबह 10 बजे चर्चा के लिए बुलाया गया है. पंचायत से पहले किसानों ने रोहतक में आग की घटना में जान गंवाने वाले व्यापारी भाइयों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी. घटना के सम्मान में मार्च के दौरान किसानों ने नारेबाजी नहीं की. किसानों की मुख्य मांग है कि बिजली की हाईटेंशन लाइनों के मुआवजे में मार्केट वैल्यू तय करने की लॉटरी व्यवस्था खत्म की जाए और 30 जनवरी 2026 के हरियाणा सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार मुआवजा दिया जाए. पंचायत और मार्च में हजारों किसान शामिल रहे.

Jun 10, 2026, 4:37 PM (एक घंटा पहले)

पंजाब-हरियाणा में गहराया जल संकट, किसानों को सिंचाई के लिए करनी पड़ रही ज्यादा मशक्कत

Posted by :- Prateek

पंजाब और हरियाणा में भूजल स्तर लगातार नीचे जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है. कई इलाकों में खेती के लिए पानी जुटाना मुश्किल होता जा रहा है और किसानों को पहले से ज्यादा गहराई तक बोरिंग करनी पड़ रही है. पंजाब के फाजिल्का जिले में किसानों ने नहर के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया. किसानों का कहना है कि पानी की कमी से किन्नू के बाग प्रभावित हो रहे हैं और पीने के पानी की समस्या भी बढ़ रही है. किसानों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग को ज्ञापन देकर समाधान की मांग की है. वहीं मानसा और संगरूर क्षेत्रों में भूजल स्तर गिरने से किसान अब गहरे सबमर्सिबल पंप लगाने को मजबूर हैं. किसानों का कहना है कि पहले जहां ट्यूबवेल पर कम खर्च आता था, अब सिंचाई व्यवस्था पर लाखों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं. किसानों ने जल संरक्षण, नहर व्यवस्था मजबूत करने और फसल विविधीकरण की जरूरत बताई है.

Jun 10, 2026, 4:00 PM (2 घंटे पहले)

हरियाणा के कृषि मंत्री के अधिकारियों को निर्देश- खरीफ सीजन के लिए खाद की कोई कमी न हो

Posted by :- Prateek

चंडीगढ़: हरियाणा के कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बुधवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि राज्य में आने वाले खरीफ सीजन के दौरान खाद की कोई कमी न हो. उन्होंने कहा कि पर्याप्त स्टॉक और वितरण से जुड़ी सभी तैयारियां सीजन शुरू होने से काफी पहले पूरी कर ली जानी चाहिए, ताकि किसानों को लंबी लाइनों में न खड़ा होना पड़े या किसी परेशानी का सामना न करना पड़े. कृषि मंत्री की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. (पीटीआई)

Jun 10, 2026, 3:30 PM (2 घंटे पहले)

‘आज तक’ रिपोर्ट के बाद सिस्टम में बड़ा सुधार, किसानों को मिली राहत

Posted by :- prachi

महाराष्ट्र के अकोला जिले में यूरिया खाद की भारी कमी के कारण किसान कई दिनों से परेशान थे. किसान सुबह 3 बजे से लाइन में लगकर भी 8 दिनों तक खाद नहीं पा रहे थे. इस समस्या को ‘आज तक’ की ग्राउंड रिपोर्ट ने प्रमुखता से दिखाया, जिसके बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया. अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नई व्यवस्था लागू की और किसानों को कूपन वितरित किए, जिससे खाद का वितरण व्यवस्थित हो सका. अब किसानों को आसानी से खाद मिलने लगा है. इस कार्रवाई से किसानों को बड़ी राहत मिली है और उनकी लंबी परेशानी खत्म हुई है.

Jun 10, 2026, 1:44 PM (4 घंटे पहले)

प्याज किसानों को मिलेगी राहत? महाराष्ट्र सरकार ने उठाया बड़ा कदम

Posted by :- prachi

महाराष्ट्र सरकार ने प्याज की गिरती कीमतों और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेषज्ञ उप-समिति का गठन किया है. यह समिति प्याज की कीमतों में गिरावट के कारणों का अध्ययन करेगी और राज्य के प्याज क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुझाव देगी. समिति पिछले 7-8 वर्षों की केंद्र सरकार की प्याज निर्यात नीति के प्रभाव की भी समीक्षा करेगी. इसके अलावा बेहतर प्याज किस्मों को बढ़ावा देने, भंडारण व्यवस्था, प्याज से बनने वाले उत्पादों और मूल्य श्रृंखला में सुधार पर रिपोर्ट तैयार करेगी. समिति को अपनी सिफारिशों सहित रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर राज्य सरकार को सौंपनी होगी.

Jun 10, 2026, 1:04 PM (5 घंटे पहले)

यमुना में अब नहीं गिरेगा डेयरी कचरा! सरकार का बड़ा एक्शन प्लान

Posted by :- prachi

मोदी सरकार यमुना नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. इसी दिशा में यमुना की सफाई और प्रदूषण नियंत्रण कार्यों की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में बताया गया कि दिल्ली के डेयरी सेक्टर से निकलने वाले कचरे को यमुना में जाने से रोकने के लिए नगर निगम (MCD) और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के बीच एक समझौता (MoU) किया जाएगा. इस पहल के तहत डेयरी वेस्ट से गोबर गैस और जैविक खाद का उत्पादन किया जाएगा, जिससे प्रदूषण कम होगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग भी हो सकेगा. यमुना में गिरने वाले नालों की सफाई का कार्य भी तेजी से जारी है. इस वर्ष 28.57 लाख मीट्रिक टन गाद (सिल्ट) निकालने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से लगभग 97 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है. निकाली गई सिल्ट का उपयोग निर्माण कार्यों में किया जाएगा, ताकि वह दोबारा यमुना में न पहुंचे. इसके अलावा यमुना को साफ रखने के लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अब तक 129 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) शुरू किए जा चुके हैं. सरकार की योजना है कि वर्ष 2027 के अंत तक 59 नए STP और स्थापित किए जाएं, जिससे नदी में जाने वाले गंदे पानी का प्रभावी ढंग से उपचार किया जा सके और यमुना को स्वच्छ बनाने का लक्ष्य तेजी से पूरा हो सके.

Jun 10, 2026, 12:46 PM (5 घंटे पहले)

PM किसान से मखाना बोर्ड तक, बिहार के किसानों को मिली विकास की नई रफ्तार

Posted by :- prachi

बिहार में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाया गया है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य के लगभग 1 करोड़ किसान परिवारों को आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे खेती की लागत कम करने में मदद मिली है. सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए बागमती-बूढ़ी गंडक रिवर लिंक योजना लगभग पूरी हो चुकी है, जबकि कोसी-मेची रिवर लिंक परियोजना पर काम जारी है. बाढ़ नियंत्रण और जल प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं. हाल ही में बिहार में मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मखाना बोर्ड के गठन की पहल की गई है, जिससे किसानों को बेहतर बाजार और आय के अवसर मिलेंगे. केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से कृषि ढांचे को मजबूत करने, सिंचाई सुविधाएं बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार लाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.

Jun 10, 2026, 11:10 AM (7 घंटे पहले)

ड्रिप सिंचाई से MSP तक, सहारनपुर में खेती बनी सफलता की मिसाल

Posted by :- prachi

सहारनपुर में खेती अब केवल जीवन यापन का साधन नहीं रही, बल्कि यह किसानों की खुशहाली और प्रगति का प्रतीक बनती जा रही है. पहले जहां किसान सिंचाई की कमी, बढ़ती लागत और फसलों के उचित दाम न मिलने से परेशान रहते थे, वहीं अब स्थिति में बड़ा बदलाव आया है. आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं के सहयोग से खेती अधिक लाभकारी हो गई है. ड्रिप सिंचाई, सोलर पंप, मृदा परीक्षण, किसान सम्मान निधि, MSP और FPO जैसी योजनाओं ने किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है. छोटे किसान और महिला किसान भी आत्मनिर्भर बन रहे हैं और खेती में नई मिसाल पेश कर रहे हैं. बेहतर उत्पादन और आय वृद्धि के कारण किसानों का जीवन स्तर सुधरा है. हरे-भरे खेत और किसानों के चेहरों की मुस्कान इस बदलाव की स्पष्ट तस्वीर पेश करती है, जो सहारनपुर की कृषि प्रगति को दर्शाती है.

Jun 10, 2026, 10:17 AM (8 घंटे पहले)

भूजल बढ़ा, लेकिन राहत नहीं! रोहतक में पानी बना परेशानी का कारण

Posted by :- prachi

रोहतक जिले में भूजल स्तर को लेकर एक अनोखी स्थिति देखने को मिल रही है. जहां हरियाणा के कई जिलों में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है, वहीं रोहतक के सांपला, महम, कलानौर और अन्य क्षेत्रों में भूजल स्तर काफी ऊपर, लगभग 5 से 25 फीट तक पहुंच गया है. लेकिन यह पानी खारा होने के कारण न तो पीने योग्य है और न ही सिंचाई के काम आ रहा है. इसलिए जिले की पेयजल और कृषि व्यवस्था मुख्य रूप से नहरी पानी पर निर्भर है. विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय से नहरी सिंचाई और धान की खेती बढ़ने से भूजल स्तर ऊपर आया, लेकिन उसकी गुणवत्ता खराब हो गई. 1995 की बाढ़ के बाद भी इसमें बदलाव देखा गया. पहले यहां का पानी मीठा था, लेकिन अब अधिकतर भूजल खारा हो चुका है, जिससे यह गंभीर जल प्रबंधन समस्या बन गई है.

Jun 10, 2026, 8:48 AM (9 घंटे पहले)

यूरिया के लिए रातभर जागे किसान! अकोट में लंबी लाइनों ने खोली व्यवस्था की पोल

Posted by :- prachi

महाराष्ट्र के अकोला जिले के अकोट में यूरिया खाद के लिए किसानों की भारी परेशानी सामने आई है. खरीफ सीजन शुरू होते ही किसान रात 3 बजे से कृषि केंद्रों के बाहर लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं. सुबह होते-होते यह लाइन सैकड़ों किसानों की भीड़ में बदल जाती है, जहां नंबर को लेकर बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन रही है. जिले में 7,000 मीट्रिक टन यानी 2.14 लाख यूरिया बैग उपलब्ध होने के बावजूद किसानों में कमी का डर बना हुआ है. कृषि केंद्र संचालक शरद घुगे के अनुसार अकोट कपास उत्पादक क्षेत्र है, जहां यूरिया की मांग सबसे अधिक रहती है. हालिया खाद संकट और वैश्विक परिस्थितियों के कारण किसान पहले से ही यूरिया खरीदकर सुरक्षित रखना चाहते हैं.

Jun 10, 2026, 7:34 AM (10 घंटे पहले)

सम्राट चौधरी सरकार का बड़ा फैसला, किसानों को मिलेगा फसल बीमा का सुरक्षा कवच

Posted by :- prachi

बिहार सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है. सोमवार को माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य में "प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना" (PMFBY) को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई. इस निर्णय के तहत रबी मौसम 2026-27 से राज्य में वर्तमान में संचालित "बिहार राज्य फसल सहायता योजना" की जगह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की जाएगी. सरकार का मानना है कि इस योजना के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, बेमौसम बारिश, सूखा और अन्य जोखिमों से होने वाले फसल नुकसान पर बेहतर सुरक्षा और आर्थिक सहायता मिल सकेगी. गौरतलब है कि बिहार सरकार ने वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पाई गई कुछ कमियों और किसानों की शिकायतों को देखते हुए "बिहार राज्य फसल सहायता योजना" शुरू की थी. अब आवश्यक सुधारों और बेहतर व्यवस्था के साथ राज्य सरकार ने दोबारा केंद्र की इस महत्वाकांक्षी योजना को अपनाने का निर्णय लिया है.

Jun 10, 2026, 7:18 AM (11 घंटे पहले)

अगले 24 घंटे भारी! तेज आंधी और बारिश को लेकर IMD की चेतावनी

Posted by :- prachi

देशभर में मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और उत्तर भारत के लोगों को जल्द भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 72 घंटे बेहद अहम बताए हैं. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी, पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है. उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा समेत 17 राज्यों में 70 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. इससे पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है.