
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 3-4 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है. वहीं 26 अप्रैल को सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने का अनुमान है, जिसमें झोंकों की गति 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. 26 से 28 अप्रैल के बीच गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड और 26 और 27 अप्रैल को बिहार में भी तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
प्रयागराज (उत्तर प्रदेश): डीएम मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि इस समय तापमान काफी बढ़ गया है और गर्मी के कारण लू लगने का खतरा ज्यादा हो गया है. इसी को देखते हुए प्रशासन ने एक एडवाइजरी जारी की है.
उन्होंने कहा कि लोगों को गर्मी से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए और अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए. साथ ही स्कूलों के समय में भी बदलाव किया गया है ताकि बच्चों को तेज धूप और गर्मी से बचाया जा सके.
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाहर निकलते समय पूरी सावधानी रखें और गर्मी से बचाव के नियमों का पालन करें.
बद्रीनाथ धाम में एक बार फिर से मौसम ने करवट बदल दी है मौसम के करवट बदलने के साथ ही जहां बद्रीनाथ धाम की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी देखने को मिल रही है. वहीं बद्रीनाथ धाम में झमाझम बारिश हो रही है. बारिश के साथ धाम में मौसम सर्द हो गया है. बारिश के बीच श्रद्धालु दर्शन करने पहुंच रहे हैं. बताते चले पहाड़ों में इस समय भीषण गर्मी का दौर देखने को मिल रहा है, जहां मौसम सुहाना होने के साथ चटक धूप खिल रही है तो पहाड़ों में भी जबरदस्त गर्मी का एहसास हो रहा है. वही आज दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली और बद्रीनाथ धाम की चोटियों पर बर्फ तो नीचे बद्रीनाथ धाम में बारिश ने भीषण गर्मी से राहत दे दी है.
Bombay High Court ने एक अहम फैसले में महाराष्ट्र सरकार को किसान को मुआवजा देने का आदेश दिया है. यह मामला वर्धा जिले के किसान महादेव डेकाटे से जुड़ा है, जिनके अनार के पेड़ों को तोतों ने नुकसान पहुंचाया था. कोर्ट ने साफ कहा कि Wild Life (Protection) Act 1972 के तहत तोते भी ‘वन्य जीव’ माने जाते हैं, इसलिए उनसे हुए नुकसान की भरपाई सरकार को करनी होगी. अदालत ने सरकार के उस तर्क को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि मुआवजा सिर्फ हाथी और बाइसन जैसे जानवरों से हुए नुकसान पर ही मिलता है. कोर्ट ने इसे संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत समानता के अधिकार के खिलाफ बताया. आखिर में कोर्ट ने 200 पेड़ों के नुकसान पर प्रति पेड़ 200 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया और कहा कि अगर किसानों को मुआवजा नहीं मिला, तो वे वन्य जीवों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे कानून का उद्देश्य ही खत्म हो जाएगा.
सरकार ने वर्ष 2025–26 के लिए गेहूं उत्पादन को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि मौसम में उतार-चढ़ाव के बावजूद फसल पूरी तरह मजबूत बनी हुई है. अधिकारियों के मुताबिक, इस बार कहीं भी बड़े स्तर पर कीट या बीमारियों का कोई असर देखने को नहीं मिला है, जिससे किसानों को राहत मिली है. सरकार ने यह भी बताया कि गेहूं की खरीद (प्रोक्योरमेंट) के आंकड़े अच्छे संकेत दे रहे हैं और उत्पादन मजबूत रहने की पुष्टि कर रहे हैं. कुल मिलाकर, बदलते मौसम के बावजूद गेहूं की फसल ने अच्छा प्रदर्शन किया है, जो देश की खाद्य सुरक्षा के लिए एक सकारात्मक संकेत है.
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में उत्तर-पूर्व भारत की प्रगति और संभावनाओं पर खास जोर दिया। उन्होंने कहा कि बांस उद्योग इस क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है और रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है, खासकर महिलाओं के लिए। 2017 में कानून में बदलाव के बाद बांस सेक्टर को नई गति मिली है। पीएम ने लोगों से उत्तर-पूर्व के बांस उत्पाद अपनाने की अपील की। इसके अलावा, उन्होंने देश के डेयरी उद्योग की बढ़ती ताकत और विविध उत्पादों की वैश्विक मांग का भी जिक्र किया। साथ ही भारत की पवन ऊर्जा क्षमता 56 गीगावाट से अधिक होने को बड़ी उपलब्धि बताया और स्वच्छ ऊर्जा अपनाने पर जोर दिया।
आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में सेब की खेती ने एक नई उम्मीद जगाई है, जहां परंपरागत रूप से सूखे की समस्या रहती है. यहां के एक किसान ने इज़राइल की KLD किस्म के सेब उगाकर सफलता हासिल की, जिससे राज्य सरकार भी इस खेती को बढ़ाने पर विचार कर रही है. इस खेती की खास बात यह है कि यहां उगाए गए सेब बेहतर दाम पर बिक रहे हैं और जल्दी फल देने लगते हैं. जहां हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में सेब 7-8 साल में फल देते हैं, वहीं अनंतपुर में दूसरे साल से ही उत्पादन शुरू हो जाता है. हालांकि पानी की कमी, कीट नियंत्रण और बाजार स्थिरता जैसी चुनौतियां भी हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि सही योजना और तकनीक के साथ यह खेती किसानों की आय बढ़ाने का अच्छा विकल्प बन सकती है.
राजस्थान के धौलपुर जिले के सरमथुरा क्षेत्र के जारैला गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खेत के खलिहान में रखी अरहर की फसल में अचानक आग लग गई. इस हादसे में किसान अतरा गुर्जर की करीब 30 क्विंटल अरहर की फसल जलकर राख हो गई. किसान ने बताया कि उसने अपनी 15 बीघा जमीन की फसल काटकर खलिहान में रखी थी, लेकिन शनिवार को अचानक आग भड़क उठी और देखते ही देखते पूरी फसल को अपनी चपेट में ले लिया. ग्रामीणों ने पानी और मिट्टी की मदद से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था. वहीं दूसरी ओर बाड़ी उपखंड के सोने का गुर्जा जंगल में भी भीषण आग लग गई, जिससे करीब 50 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ. आग बुझाने के लिए पांच दमकलों को लगाया गया, जबकि बाड़ी, बसेड़ी, सरमथुरा और धौलपुर से भी अतिरिक्त दमकलें मौके पर पहुंचीं. गेल कंपनी के कार्यालय से भी एक दमकल बुलाई गई. तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती गई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई. भीषण गर्मी और अत्यधिक तापमान के चलते जंगल में छोटी सी चिंगारी भी बड़े हादसे का रूप ले रही है, और इस आग में भारी मात्रा में वनस्पति और पेड़-पौधे जलकर खाक हो गए.
उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान समेत देश के कई हिस्सों में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है. दिन के समय ऐसा महसूस हो रहा है मानो आसमान से आग बरस रही हो. यूपी के बांदा में तापमान अप्रैल में ही 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया. वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदला हुआ है, जहां आंधी और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है. IMD के मुताबिक 13 राज्यों में बारिश की संभावना है. असम, मेघालय समेत कई राज्यों में तेज हवाओं और भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है.