
देश के बड़े हिस्से में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब तेजी से सक्रिय हो गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि अगले दो दिनों में मॉनसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के अन्य इलाकों तक आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. वहीं, मध्य भारत में अगले 5 से 6 दिनों तक बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
IMD ने रविवार को अनुमान लगाया कि अगले चार दिनों में झारखंड में हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज़ हवाएं चलेंगी.
मौसम विभाग ने 6 से 9 जुलाई के बीच राज्य के सभी 24 ज़िलों में कहीं-कहीं आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना को देखते हुए 'येलो' अलर्ट (जानकारी लेते रहें) जारी किया है.
IMD के अनुसार, इस दौरान राज्य में हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएं चलने की संभावना है.
IMD के बुलेटिन के मुताबिक, सोमवार को गढ़वा, पलामू, चतरा, हज़ारीबाग़, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और रांची ज़िलों में भारी बारिश होने की संभावना है.
सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के प्रभाव से रविवार को पश्चिमी घाट और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई. ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) के आंकड़ों के अनुसार, 0300 UTC से 0945 UTC के बीच महाराष्ट्र के पहाड़ी पर्यटन स्थल महाबलेश्वर में सर्वाधिक 111 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई.
महाराष्ट्र के पुणे जिले के कुर्वांडे में 103 मिमी बारिश हुई. वहीं, ओडिशा के भद्रक जिले स्थित एएमएफयू रानीताल में 80.5 मिमी और कर्नाटक के कोडागु जिले के गोनिकोप्पल केवीके में 75.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई.
छत्तीसगढ़ में देर रात से हो रही बारिश के कारण जोगीडीपा में पुल निर्माण में लगे 14 मजदूर पानी में फंसे
सूचना पर पहुंची नगर सेना की रेस्क्यू टीम ने सभी को निकाला सुरक्षित
मजदूरों में 10 पुरुष और 4 महिला शामिल
पुल निर्माण में लगे मजदूर पुल के किनारे खेत में झोपड़ी बनाकर रह रहे थे
बीती रात्रि से हो रही बारिश के कारण बगनाई नाला में पानी बढ़ा और ये लोग चारो तरफ पानी में फंस गये थे
खल्लारी थानाक्षेत्र का मामला.
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तोतापुरी आम उत्पादक किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आईसीएआर (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) के तहत एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं. यह कदम हाल ही में उनके आंध्र प्रदेश दौरे के बाद उठाया गया, जहां किसानों ने आम की कीमतों में लगातार गिरावट और उससे होने वाले आर्थिक नुकसान की जानकारी दी थी.
मंत्रालय के अनुसार, समिति में कृषि वैज्ञानिकों और संबंधित संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो टोटापुरी आम के पूरे वैल्यू चेन-उत्पादन, प्रोसेसिंग, मार्केटिंग, घरेलू व्यापार और निर्यात- का विस्तृत अध्ययन करेंगे. समिति किसानों की आय, लागत और बाजार की स्थिति का आकलन कर मूल्य स्थिरता, मूल्य संवर्धन और निर्यात बढ़ाने के उपाय सुझाएगी. समिति अगले दस दिनों में प्रमुख क्षेत्रों का दौरा कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर किसानों के हित में ठोस नीतिगत फैसले लिए जाएंगे.
पनवेल क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण हालात गंभीर हो गए हैं. कलुंडारे और गढ़ी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है. बाढ़ का पानी पनवेल-शिवकर रोड पर उसरली (खुर्द) गांव के पास सड़क पर भर जाने से इस मार्ग को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है. इससे गांव का संपर्क कुछ समय के लिए कट गया है और रोजाना इस रास्ते से आने-जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बाढ़ का पानी उसरली गांव के कुछ मंदिरों और श्मशान घाटों तक पहुंच गया है, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है. मौसम विभाग ने आगे भी भारी बारिश की संभावना जताई है. प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाने से बचें.
रामेश्वरम के प्रसिद्ध अग्नि तीर्थम समुद्र तट पर लोगों को वैश्विक मौसम परिवर्तन और एल नीनो (El Niño) के प्रभाव के प्रति जागरूक करने के लिए एक आकर्षक रेत की कलाकृति (सैंड स्कल्प्चर) बनाई गई है. इस अनोखी कलाकृति के माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि एल नीनो जैसी वैश्विक मौसम संबंधी घटनाएं बारिश, तापमान और कृषि पर किस तरह असर डालती हैं. समुद्र तट पर आने वाले पर्यटक इस सैंड स्कल्प्चर को देखकर जलवायु परिवर्तन और मौसम से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश को समझ रहे हैं. कलाकारों की इस पहल का उद्देश्य आम लोगों में पर्यावरण संरक्षण और बदलते मौसम के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, ताकि लोग समय रहते इसके प्रभावों को समझ सकें और आवश्यक सावधानियां अपना सकें.
राजधानी दिल्ली में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मॉनसून ने जोरदार दस्तक दे दी है. रविवार को शहर के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली. ओखला औद्योगिक क्षेत्र से सामने आई तस्वीरों में तेज बारिश का नजारा साफ देखा जा सकता है. लगातार हो रही झमाझम बारिश से सड़कें भीग गईं और मौसम पूरी तरह खुशनुमा हो गया. कई दिनों से मॉनसून का इंतजार कर रहे दिल्लीवासियों ने इस बारिश का स्वागत किया. हालांकि, भारी बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव और यातायात की रफ्तार धीमी पड़ने की भी आशंका है. मौसम विभाग ने पहले ही राजधानी में अच्छी बारिश का अनुमान जताया था, जो अब सही साबित होता नजर आ रहा है. फिलहाल बारिश का दौर जारी है और अगर इसी तरह बारिश होती रही तो दिल्ली का मौसम अगले कुछ दिनों तक सुहावना बना रह सकता है.
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गांव और गरीब हैं. उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब भी किसी श्रमिक को काम की आवश्यकता हो, उसे समय पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए. इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पूरे देश में विकसित भारत योजना और ग्रामीण रोजगार से जुड़ी ग राम जी योजना को लागू किया गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थायी और भरोसेमंद रोजगार मिल सके. शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि श्रमिक भाइयों और बहनों को समय पर मजदूरी उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार ने राज्यों को बड़ी वित्तीय सहायता जारी की है. इस कड़ी में केंद्र सरकार ने कुल 25,863 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर राज्यों को जारी की है, जिससे ग्रामीण रोजगार और विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी तथा गरीबों को सीधा लाभ मिलेगा.
मुंबई के लिए राहत की खबर है, क्योंकि पिछले 24 घंटों में शहर को पानी सप्लाई करने वाले सभी सात जलाशयों के जलस्तर में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अनुसार, शनिवार 4 जुलाई 2026 सुबह 6 बजे से रविवार 5 जुलाई 2026 सुबह 6 बजे तक भारी बारिश के कारण जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ा है. इस अवधि में कुल जल भंडार में 3.78 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे सभी सात जलाशयों में कुल जल स्तर अब 13.19 प्रतिशत तक पहुंच गया है. पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश का असर अब जल भंडारों पर साफ दिखाई दे रहा है. अगर इसी तरह बारिश जारी रहती है, खासकर जलग्रहण क्षेत्रों में, तो आने वाले दिनों में मुंबई के पानी के भंडार में और भी बढ़ोतरी होने की संभावना है. यह स्थिति शहर के लिए काफी राहत भरी मानी जा रही है.
पर्यटन नगरी लोणावला में मॉनसून पूरे शबाब पर है. पिछले 24 घंटों में यहां 267 मिलीमीटर यानी करीब 10 इंच बारिश दर्ज की गई, जो इस सीजन की अब तक की सबसे ज्यादा बारिश है.
मौसम विभाग का पूर्वानुमान बिल्कुल सटीक साबित हुआ. वीकेंड पर लगातार हो रही बारिश ने पर्यटकों का उत्साह दोगुना कर दिया है. झरने, पहाड़ और हरियाली का नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक लोणावला पहुंच रहे हैं. इससे पर्यटन पर निर्भर व्यापारियों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई है.
इस मानसून में अब तक लोणावला और आसपास के क्षेत्रों में कुल 1090 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है. अच्छी बारिश के चलते किसानों ने भी बुवाई का काम तेज़ कर दिया है.
हालांकि, पिछले साल आज ही के दिन तक 2392 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी. ऐसे में स्थानीय लोगों और किसानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मॉनसून इसी तरह मेहरबान रहेगा और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा.
किसानों को फसल बीमा के प्रति जागरूक करने और अधिक से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ देने के लिए पूरे देश में 1 जुलाई से 31 जुलाई तक ‘फसल बीमा माह’ मनाया जा रहा है. इस अभियान का उद्देश्य किसानों को यह समझाना है कि फसल बीमा उनके लिए कितना जरूरी है और यह उनकी आर्थिक सुरक्षा में कैसे मदद करता है. खेती अक्सर प्राकृतिक आपदाओं, अनियमित बारिश, सूखा और अन्य जोखिमों से प्रभावित होती है. ऐसे समय में समय पर किया गया फसल बीमा न केवल किसानों को आर्थिक सुरक्षा देता है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ खेती जारी रखने में भी मदद करता है. इस फसल बीमा माह के दौरान किसानों से अपील की गई है कि वे समय पर अपनी फसलों का बीमा कराएं, योजना से जुड़ी सही जानकारी प्राप्त करें और अपनी फसल को प्राकृतिक आपदाओं व अन्य जोखिमों से सुरक्षित रखें. अधिक जानकारी के लिए किसान हेल्पलाइन 14447 पर संपर्क किया जा सकता है.
मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच घाटकोपर इलाके में एक बड़ा हादसा टल गया. देर रात एक रिहायशी सोसायटी में खड़ा विशाल पेड़ अचानक गिर पड़ा. पेड़ इतना बड़ा था कि वह सोसायटी की मजबूत बाउंड्री वॉल तोड़ते हुए सीधे मुख्य सड़क पर जा गिरा. राहत की बात यह रही कि घटना रात में हुई, इसलिए उस समय सड़क पर कोई वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था. इससे किसी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ. घटना की सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस और बीएमसी की टीम मौके पर पहुंची. कर्मचारियों ने कई घंटे की मेहनत के बाद पेड़ को काटकर सड़क से हटाया, जिसके बाद यातायात फिर से सामान्य हो सका. लगातार बारिश के कारण मुंबई में कई जगह पुराने पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है. अब बारिश के दौरान लोगों को जलभराव के साथ-साथ पेड़ों के गिरने का खतरा भी सताने लगा है.
विदर्भ के अकोला और अमरावती में पिछले 12 घंटे से लगातार हो रही झमाझम बारिश से मौसम सुहावना हो गया है. लंबे इंतजार के बाद हुई इस बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है. जून में कम बारिश और तेज धूप के कारण कपास, सोयाबीन समेत खरीफ फसलों के अंकुर सूखने लगे थे, लेकिन अब लगातार बारिश से उन्हें नई जिंदगी मिली है. किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह संतुलित बारिश होती रही तो इस बार खरीफ की फसल अच्छी होने की उम्मीद है. वहीं, तेज बारिश और हवाओं के कारण अमरावती-परतवाड़ा-धारणी-बुरहानपुर मार्ग पर एक पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जिसे प्रशासन ने जल्द बहाल कर दिया. दूसरी ओर, सुहावने मौसम के चलते प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चिखलदरा में वीकेंड पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं.
देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी से अब लोगों को राहत मिलने वाली है. मानसून अब पूरे देश में तेजी से सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले तीन दिनों में उत्तर ओडिशा और छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा. इसका असर मध्य, पश्चिम और उत्तर भारत के कई राज्यों में देखने को मिलेगा, जहां अगले 4 से 5 दिनों तक तेज से बहुत तेज बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग ने बताया है कि अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, हरियाणा समेत 13 राज्यों में हल्की से भारी बारिश होने की संभावना है. इस दौरान 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. कई इलाकों में बिजली गिरने की भी आशंका है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.