
नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन अगले 24 घंटे में और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल सकता है. इसके 27 जुलाई को ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तट से टकराने की संभावना है. इसके असर से पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार भले ही देर से जागी हो, लेकिन सही फैसला लिया है. उन्होंने कहा, "जब जागे तभी सवेरा." चढूनी के मुताबिक, यदि यह फैसला पहले लिया जाता तो आंदोलन इतना बड़ा रूप नहीं लेता. उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज ने लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया था. आंदोलन को डंडे के बल पर कभी नहीं दबाया जा सकता और जनता की आवाज को बल प्रयोग से नहीं रोका जा सकता. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक घटना का परिणाम नहीं, बल्कि लगातार हुई घटनाओं के कारण जनता में बढ़े आक्रोश का नतीजा है. चढूनी ने यह भी कहा कि सरकार ने आंदोलनकारियों की दो मांगें पहले ही मान ली थीं, लेकिन सबसे बड़ी मांग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की थी, जो अब पूरी हुई है. भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यह समझौता हुआ तो देशभर में बड़ा आंदोलन होगा, क्योंकि इससे करोड़ों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी.
राजस्थान में फिलहाल मॉनसून की रफ्तार कुछ धीमी पड़ गई है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और जयपुर मौसम केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, पश्चिमी राजस्थान और आसपास बना लो प्रेशर एरिया अब कमजोर होकर चक्रवाती परिसंचरण में बदल गया है. इसी वजह से 27 जुलाई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम रहने की संभावना है. हालांकि दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिणी राजस्थान के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है. वहीं, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल चुका है और अगले 24 घंटों में इसके डीप डिप्रेशन बनने की संभावना है. इस मौसम प्रणाली के असर से 28 जुलाई से पूर्वी राजस्थान में मॉनसून फिर से सक्रिय होगा. इसके बाद 29 जुलाई से 2 अगस्त के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है. इस दौरान पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है.