उत्तर भारत में सर्दियों की दस्तक के साथ मौसम पूरी तरह बदल चुका है और ठंड का असर साफ नजर आने लगा है. पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बढ़ती शीतलहर के बीच जनजीवन और खेती-किसानी की गतिविधियों पर असर पड़ रहा है. वहीं दक्षिण भारत में लगातार बारिश का दौर बना हुआ है. इस लाइव और लगातार अपडेट होते सेक्शन में आपको खाद-बीज से जुड़ी जानकारी, खेती और गार्डनिंग के उपयोगी टिप्स, किसानों के लिए जरूरी सरकारी योजनाएं और कृषि जगत से जुड़े बड़े राष्ट्रीय घटनाक्रम एक ही जगह मिलते रहेंगे. साथ ही बात करेंगे उन्नत क़िस्मों की बीजों के बारे में जिसका लाभ उठाकर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. आज किसान कारवां का सातंवा पड़ाव एटा पहुंचेगा.
उत्तराखंड में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा हैं. इस समय तीर्थ नगरी में ठंड शीतलहर और कोहरा अपने चरम पर है. शीतलहर और कोहरे ने आज तीर्थनगरी हरिद्वार को अपनी आगोश में ले लिया है. सुबह से ही हरिद्वार में जबरदस्त कोहरा छाया हुआ है. घने कोहरे के चलते विजिबिलिटी बहुत कम है और थोड़ी दूर का भी कुछ दिखाही नही दे रहा है. साथ ही घने कोहरे की वजह से हर की पौड़ी पर श्रद्धालु और पर्यटक न के बराबर नजर आ रहे हैं. सर्दी की वजह से गंगा घाट भी खाली पड़े है और इक्का-दुक्का तीर्थयात्री ही घाटों पर दिखाई दे रहे और स्नान करते दिखाई दे रहे बल्कि घाटों पर लोग आग जलाकर ठंड से निजात पाने का प्रयास करते दिखाई दे रहे है.
सरकार ने एक इंटरनेशनल न्यूज ऑर्गेनाइजेशन की उस रिपोर्ट को गलत बताया है जिसमें कहा गया था कि सरकार स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों को अपना सोर्स कोड सरकार के साथ शेयर करने के लिए मजबूर करना चाहती है और इसके लिए कई सॉफ्टवेयर बदलाव करने की योजना बना रही है. इस खबर में यह भी कहा गया था कि एप्पल और सैमसंग जैसी बड़ी कंपनियां इसका विरोध कर रही हैं. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार इन न्यूज रिपोर्ट्स में न तो किसी स्मार्टफोन कंपनी का बयान दिया गया है और न ही उन उद्योग संगठनों का, जो इन कंपनियों का प्रतिनिधित्व करते हैं. मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'इन रिपोर्टों ने जानबूझकर उद्योग संगठन की बातों को नजरअंदाज किया है जिससे साफ लगता है कि खबर को सनसनीखेज
बनाने की कोशिश की गई है.'
किसान कारवां सोमवार को आगरा पहुंचा. ताजमहल के लिए मशहूर इस शहर के किसानों से किसान तक का यह कारवां मुखातिब होगा. काफी संख्या में किसान यहां पर पहुंचे हैं और इस दौरान कृषि वैज्ञानिक,कृषि और पशुपालन से जुड़े अधिकारी किसानों को खेती से जुड़ी अहम जानकारियां मुहैया कराएंगे.
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर के काशीपुर के एक किसान ने रविवार सुबह हल्द्वानी के एक होटल के कमरे में आत्महत्या कर ली. यह कदम उठाने से पहले किसान सुखवंत सिंह ने फेसबुक पर कई लोगों पर जमीन के सौदे में तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी करने का आरोप लगाया. साथ ही यह भी कहा कि जिला पुलिस ने इस मामले में उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की. घटना को गंभीरता से लेते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिया है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या गलती पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए. कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने भी मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं.
पूरी घाटी इन दिनों खून जमा देने वाली ठंड का सामना कर रही है. श्रीनगर में जहां रात का तापमान -6 डिग्री तक पहुंच गया तो ऊपरी इलाकों में भी ठंड का सितम जारी रहा. कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों जैसे शोपियां, कुलगाम, बारामुल्ला में छोटे झरने, नाले और पाइपलाइन जम गए हैं. फिलहाल कोई वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय नहीं है और IMD ने अगले 1 हफ्ते तक इसी तरह की ठंड का अनुमान लगाया है. इसका असर पूरे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में महसूस किया जाएगा, जहां तापमान में भी तेजी से गिरावट होगी.
कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में 'योगी-मोदी की ट्रबल इंजन' सरकार ने पुलिस को वाराणसी में पार्टी के राष्ट्रव्यापी ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे एनएसयूआई प्रदर्शनकारियों पर 'क्रूरतापूर्वक लाठीचार्ज' करने का आदेश दिया. कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने एक वीडियो क्लिप साझा की जिसमें पुलिस को प्रदर्शनकारियों को धक्का देते और उनके खिलाफ बल प्रयोग करते हुए देखा जा सकता है. रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मेरे युवा साथी वरुण चौधरी के नेतृत्व में छात्रों ने मनरेगा बचाओ संग्राम मार्च निकाला. रमेश ने आरोप लगाया, 'यह पूरी तरह से शांतिपूर्ण और संवैधानिक अधिकारों के तहत किया गया लोकतांत्रिक प्रदर्शन था, लेकिन योगी-मोदी की ट्रबल-इंजन सरकार को सवालों से इतनी घबराहट है कि उसने पुलिस के जरिये बेरहमी से लाठीचार्ज करा दिया.' नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) कांग्रेस की छात्र शाखा है.
कर्नाटक के गडग में अपनी वास्तुकला विरासत के लिए मशहूर गांव लक्कुंडी में एक घर के विस्तार के लिए नींव खोदते समय मिला सोना 'खजाना नहीं है'. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) धारवाड़ सर्कल के वरिष्ठ पुरातत्वविद् रमेश मुलिमानी ने सोने से भरा तांबे का बर्तन मिलने के एक दिन बाद उस जगह का दौरा किया. मुलिमानी ने कहा, 'यह कोई खजाना नहीं है. यहां से मिले कई गहने टूटे हुए हैं. वो घर के किचन में मिले थे. पहले, हमारे पूर्वज गहनों को किचन के चूल्हे के पास गाड़कर छिपाते थे... यह पहले एक चलन था और अब जो मिला है, वह भी वैसा ही लगता है.' उन्होंने कहा, 'गहने कितने पुराने है इसका पता लगाना जरूरी है. कई टूटे हुए हैं. अगर सिक्के मिलते, तो हम अंदाजा लगा पाते कि वे किस समय के थे.' उन्होंने कहा कि सोने को अब राजकोष में सुरक्षित रखा गया है. सरकार ने 470 ग्राम सोने को अपने कब्जे में ले लिया है जिसमें हार, चूड़़ी और झुमके जैसे अलग-अलग तरह के गहने शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, आठवीं कक्षा के एक छात्र ने तांबे के बर्तन में गहने देखे. पुलिस अधीक्षक (एसपी) रोहन जगदीश ने कहा, 'लड़के ने ईमानदारी से गांव के बड़े-बुजुर्गों को बताया. जानकारी मिलते ही अलग-अलग विभाग के अधिकारी और जांच करने वाले मौके पर पहुंचे. बर्तन में 22 चीजें रखी थीं, जिन्हें कब्जे में ले लिया गया है.'
रविवार को देश की राजधानी दिल्ली में कुछ जगहों पर कोल्ड वेव की स्थिति रही. कुछ इलाकों में तो न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया. मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शीलहर के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया है और कहा कि दिल्ली में न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया और यह सीजनल तापमान से 2.6 डिग्री ज्यादा है.IMD के मुताबिक, सोमवार को भी कोल्ड वेव जारी रहने की उम्मीद है.