भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने आज दक्षिण तमिलनाडु और दक्षिण केरल में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की आशंका जताई है. यह संभावना दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे भूमध्यरेखीय हिंद महासागर में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण बन रही है. मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है, खासकर बंगाल की खाड़ी, केरल तट, लक्षद्वीप और कोमोरिन क्षेत्र में 26 फरवरी तक समुद्री हालात खराब रह सकते हैं.
कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ सरकार के बजट के बारे में कहा कि यह बजट लोगों के लिए मददगार नहीं है. उन्होंने कहा कि यह “अज्ञान और दुर्गति का बजट” है. उनका मतलब था कि इसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं और अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए कोई खास योजना या फायदा नहीं है. साधारण शब्दों में समझें तो, भूपेश बघेल का कहना है कि इस बजट में आम लोगों की जरूरतों का ध्यान नहीं रखा गया है. इसमें कोई नई मदद, योजना या समर्थन नहीं है जो सीधे किसानों, महिलाओं, युवाओं या गरीब और वंचित लोगों के लिए फायदेमंद हो. इसलिए उन्होंने इसे नकारात्मक बजट कहा.
केंद्र सरकार ने सोमवार को प्याज को लेकर एक अहम फैसला लिया. इस फैसले के अंतर्गत डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने एक सर्कुलर जारी किया है. इसके मुताबिक, प्याज एक्सपोर्ट कंसेशन (RoDTEP) में पचास परसेंट की कटौती की गई है. जानकारों की मानें तो इस फैसले से प्याज उगाने वाले किसानों को भारी नुकसान होगा. किसान तो वैसे भी नुकसान में चल रहे थे, लेकिन हालिया कदम और गहरे घाटे में डालेगा.
सरकार के इस फैसले से भारतीय प्याज इंटरनेशनल मार्केट में कम कॉम्पिटिटिव (निर्यात में गिरावट) हो जाएगा. ये कंसेशन एक्सपोर्ट में अहम भूमिका निभाते हैं. नतीजतन, प्याज की कीमतों में तेजी से गिरावट आएगी. इसका प्याज उगाने वाले किसानों पर बड़ा असर पड़ेगा.
दरअसल, यह एक्सपोर्ट कंसेशन वही मुद्दा है जिसे लेकर कुछ महीने पहले महाराष्ट्र के सांसदों ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री और कृषि मंत्री से गुहार लगाई थी. गुहार में मांग की गई थी कि सरकार RoDTEP यानी एक्सपोर्ट कंसेशन को बढ़ाए. लेकिन सरकार का ताजा फैसला इसके विपरीत है. सरकार ने कंसेशन को बढ़ाने के बजाय 50 फीसद तक घटा दिया है. यह रोडटेप कंसेशन पहले 1.9 फीसद होता था जिसे घटाकर 0.95 फीसद कर दिया गया है. इससे प्याज एक्सपोर्ट पर मिलने वाली सब्सिडी अब आधी हो जाएगी. जानकारों का कहना है कि रोडटेप घटने से प्याज का निर्यात गिरेगा और किसानों को नुकसान होगा.
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य में “किसान कल्याण वर्ष” मनाया जाएगा. उन्होंने बताया कि सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अलावा 600 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस देगी. यानी किसानों को उनकी फसल का और ज्यादा पैसा मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत बड़ी और खास घोषणा है. उन्होंने यह भी बताया कि पूरे देश में ऐसी योजना शुरू करने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य है.
पंजाब के पूरे हिस्से में तापमान बढ़ने के साथ पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU), लुधियाना ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी गेहूं की फसल का खास ध्यान रखें ताकि नुकसान से बचा जा सके. PAU के वाइस चांसलर एसएस गोसल ने कहा कि किसानों को पहले ही एक एडवाइजरी जारी कर दी गई है, जिसमें उन्हें 2022 जैसी जल्दी गर्मी की लहर के आने वाले खतरे के बारे में आगाह किया गया है.
गोसल ने कहा, “हमने पंजाब के किसानों को हल्की सिंचाई सहित जरूरी सावधानी बरतने के लिए पहले ही एक एडवाइजरी जारी कर दी है, क्योंकि सर्दियों की फसल अनाज भरने के जरूरी स्टेज में है. 2022 में, जल्दी गर्मी की लहर ने प्रोडक्शन को लगभग 20% कम कर दिया था. हम नहीं चाहते कि इस साल वैसी ही स्थिति दोबारा हो.”
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छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी राज्य का बजट 2026-27 पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
नासिक में प्याज किसानों ने सोमवार को जिले के चांदवाड़ में एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमेटी के ऑफिस में विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने पिछले कुछ दिनों से होलसेल प्याज की औसत कीमत में लगातार गिरावट का विरोध किया. कुछ किसानों ने चांदवाड़ APMC के परिसर में भूख हड़ताल भी की. किसानों ने प्याज के लिए 3,000 रुपये प्रति क्विंटल का मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP), पिछले छह महीनों में प्याज की प्रोडक्शन कॉस्ट से कम पर अपनी फसल बेचने वाले प्याज किसानों को 1,500 रुपये प्रति क्विंटल की मदद राशि और प्याज एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए इंसेंटिव की मांग की.
APMC अधिकारियों के अनुसार, प्याज की औसत होलसेल कीमत लगभग तीन हफ्ते पहले के 1,500 रुपये प्रति क्विंटल से घटकर 1,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है. 'टाइम्स ऑफ इंडिया' की एक रिपोर्ट में इस बात की जानकारी मिली.
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किसानों ने 24 फरवरी 2026, मंगलवार को दोपहर 12.30 बजे जवाहर चौक, अटल पथ, भोपाल में महाचौपाल का आयोजन करने का आह्वान किया है. इस मौके पर किसानों ने साफ कहा कि ट्रेड डील के तहत उनके अधिकारों से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा. यह एक बड़ा किसान विरोध आंदोलन होगा.
गेहूं भारत की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ है, लेकिन हाल के वर्षों में जलवायु परिवर्तन ने इसकी खेती के सामने नई चुनौतियां पेश की हैं. इन्हीं में से एक उभरता हुआ संकट है 'फ्यूजेरियम हेड ब्लाइट' (FHB), जिसे 'स्कैब' रोग भी कहा जाता है. यह रोग मुख्य रूप से फ्यूजेरियम ग्रामिनीयरम नामक कवक (फंगस) के कारण फैलता है. आज के समय में बेमौसम बारिश, हवा में बढ़ती नमी और खेतों में फसल अवशेषों को छोड़ने की बदलती पद्धतियों के कारण यह बीमारी तेजी से पांव पसार रही है. यह रोग न केवल गेहूं की पैदावार को कम करता है, बल्कि दानों की गुणवत्ता को भी पूरी तरह नष्ट कर देता है.
सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह कवक दानों के भीतर 'मायकोटॉक्सिन' जैसे जहरीले तत्व पैदा करता है, जो इंसानों और पशुओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक साबित हो सकते हैं. इसलिए, इस रोग को समझना और समय रहते पहचानना हर किसान के लिए अनिवार्य हो गया है.
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केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा महिलाओं के लिए कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है. इन्हीं में एक स्कीम का नाम लखपति दीदी योजना है. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) द्वारा होली पर्व के अवसर पर स्वयं सहायता समूह (SHG) की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों के बिक्री को बढ़ावा देने के लिए विशेष राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत किया गया है. इस अभियान के तहत गुलाल/अबीर, पापड़, चिप्स, मिठाइयाँ, अगरबत्ती, हस्तशिल्प सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों की बिक्री को प्रोत्साहित किया जा रहा है.
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सीहोर के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है. यहां पुलिस ने खेत में हो रही गांजा और अफीम की गैर-कानूनी खेती का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये के नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं. इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सार और सखावदर गांवों की सीमा पर करकोलिया रोड के पास “मारबी धोरावली” नाम के खेत में लंबे समय से अवैध तरीके से गांजा और अफीम की खेती की जा रही है. सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने सुबह-सुबह छापा मारा.
जब पुलिस मौके पर पहुंची तो खेत में बड़े पैमाने पर हरे गांजे और अफीम की फसल देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए. खेत में दूर-दूर तक नशीली फसल उगाई गई थी. पुलिस ने तुरंत पूरे क्षेत्र को घेर लिया और जांच शुरू की.
किसानों के लिए, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सोयाबीन के लिए भावांतर योजना के तहत ₹1,500 करोड़ से ज़्यादा दिए गए, जिसकी देश भर में तारीफ़ हुई है और कई राज्यों ने इसे अपनाया है. उन्होंने कहा कि राज्य के किसान तेज़ी से "समृद्ध किसान, समृद्ध मध्य प्रदेश" की ओर बढ़ रहे हैं और लक्ष्य राज्य को ग्लोबल एग्रो-एक्सपर्ट के तौर पर स्थापित करना है.
भोपाल में किसान महापंचायत से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर किसानों को भ्रमित करने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने ट्रेड डील को किसान विरोधी बताया. सरकार ने भावांतर योजना, बोनस और सिंचाई विस्तार जैसी योजनाओं के जरिए किसानों की आय बढ़ाने के अपने काम गिनाए.
दिल्ली-एनसीआर में तापमान लगातार बढ़ रहा है और मौसम में गर्मी का असर साफ महसूस किया जा रहा है. हवाओं की रफ्तार भी अब काफी धीमी हो गई है. फिलहाल करीब 13 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल रही हवाएं तेज धूप को कम करने में नाकाम साबित हो रही हैं. सूरज की किरणें इतनी तेज हैं कि फरवरी में ही लोगों को मार्च-अप्रैल जैसी तपिश का एहसास होने लगा है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 फरवरी से 1 मार्च तक का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है. इसके अनुसार मार्च का पहला सप्ताह सामान्य से ज्यादा गर्म रह सकता है. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इस बार होली के दौरान भी गर्मी का असर देखने को मिल सकता है.