उत्तर भारत में सर्दियों की दस्तक के साथ मौसम पूरी तरह बदल चुका है और ठंड का असर साफ नजर आने लगा है. पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बढ़ती शीतलहर के बीच जनजीवन और खेती-किसानी की गतिविधियों पर असर पड़ रहा है. वहीं दक्षिण भारत में लगातार बारिश का दौर बना हुआ है. इस लाइव और लगातार अपडेट होते सेक्शन में आपको खाद-बीज से जुड़ी जानकारी, खेती और गार्डनिंग के उपयोगी टिप्स, किसानों के लिए जरूरी सरकारी योजनाएं और कृषि जगत से जुड़े बड़े राष्ट्रीय घटनाक्रम एक ही जगह मिलते रहेंगे.
मंगलुरु: पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि दक्षिण कन्नड़ जिले में एक किसान पर एक छोटे ग्रुप के सदस्यों द्वारा कथित तौर पर जबरन वसूली की कोशिश और शारीरिक हमले के बाद मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि यह घटना कथित तौर पर गुरुवार शाम को मुल्की में हुई. पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने केलगिनमाने में शम्सु साहब के परिसर में जबरन घुसने की कोशिश की. (पीटीआई)
पटना: गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की जिसमें उन्होंने राज्य के छोटे गुड़ उत्पादकों और गन्ना किसानों को भी गुड़ प्रोत्साहन योजना का लाभ देने के निर्देश दिए. उन्होंने बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनः परिचालन और नई चीनी मिलों की स्थापना के साथ ही राज्य में गन्ना खेती का विस्तार कराने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दी.
उन्होंने कहा कि गन्ना की बेहतर उपज के लिए किसानों को भी प्रशिक्षित करना जरूरी है. इसके लिए राज्य के तीन हजार गन्ना किसान दूसरे राज्य में जाएंगे और वहां के प्रगतिशील किसानों से मिलकर मूल्य संबर्धित विधि सीखेंगे. उनके साथ अधिकारी भी जाएंगे और हर प्रशिक्षण के बाद सामूहिक रिपोर्ट विभाग को देंगे, ताकि गन्ना एवं गुड़ उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी प्रदेशों में अपनाई जा रही उन्नत एवं प्रभावी खेती पद्धतियों को राज्य में भी समान रूप से लागू किया जा सके.
हैदराबाद: मंत्री डी श्रीधर बाबू ने शुक्रवार को कहा कि ADB ने मूसी नदी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के पहले फेज के कुछ हिस्सों के लिए तेलंगाना सरकार को 4,100 करोड़ रुपये (500 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का लोन देने पर सैद्धांतिक रूप से सहमति दे दी है. शुक्रवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए श्रीधर बाबू ने कहा कि राज्य सरकार ने मूसी नदी प्रोजेक्ट के लिए नेशनल रिवर कंजर्वेशन प्लान के तहत 3,188 करोड़ रुपये मांगने के लिए जल शक्ति मंत्रालय को एक शुरुआती प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी भेजी है.
उद्योग मंत्री ने विधानसभा को बताया, "पूरे प्रोजेक्ट को पांच ज़ोन में बांटा गया है. ज़ोन I के लिए DPR पर काम चल रहा है. ज़ोन-I में कुल 55 किमी में से, पहले फेज में 21 किमी का काम मूसी रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MRDCL) कर रहा है. एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) ने सैद्धांतिक रूप से 4,100 करोड़ रुपये (500 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का लोन देने पर सहमति दी है." (पीटीआई)
हरियाणा सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और निर्णायक कदम उठाते हुए दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के दायरे का विस्तार कर दिया है. इस विस्तार के साथ ही राज्य की एक लाख से अधिक नई महिलाओं को योजना का सीधा लाभ मिलेगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का सशक्त माध्यम प्राप्त होगा. सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना के मानदंड अनुसार एक लाख रुपये सालाना पारिवारिक आय वाली महिलाओं को पहले की तरह योजना का लाभ मिलता रहेगा. किसी भी पात्र महिला का मौजूदा लाभ न तो रोका गया है और न ही समाप्त किया गया है। 2100 रुपये की सहायता पहले की तरह मिलती रहेगी.
नांदेड़: महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के कुछ हिस्सों के किसानों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अपने खून से एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें कहा गया है कि प्रस्तावित नागपुर-गोवा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे को या तो कैंसिल कर दिया जाए या उन्हें "सामूहिक रूप से मरने" की इजाज़त दी जाए. अर्धापुर और मालेगांव इलाकों के किसानों ने गुरुवार को CM को यह चिट्ठी भेजी. इस ज्ञापन पर 200 से ज़्यादा प्रभावित किसानों के दस्तखत हैं, जिनमें सुभाष मोरलवार और सतीश कुलकर्णी भी शामिल हैं, जो शक्तिपीठ हाईवे विरोधी कृति समिति के कोऑर्डिनेटर हैं, यह समिति इस प्रोजेक्ट का विरोध करने के लिए बनाई गई है. (पीटीआई)
दिल्ली विधानसभा परिसर में बार-बार घुस आने वाले बंदरों की समस्या से निपटने के लिए विधानसभा प्रशासन लंगूर की आवाज की नकल कर सकने वाले लोगों को नियुक्त करने की योजना बना रहा है. अधिकारियों ने बताया कि इलाके के आसपास कई बंदर हैं जो तारों और डिश एंटीना पर उछल कूद करते रहते हैं और उन्हें नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे परेशानी होती है. यह कदम विधानसभा परिसर में बंदरों के बार-बार घुसने की घटनाओं के बीच उठाया जा रहा है, जो विधायकों, कर्मचारियों और आगंतुकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे हैं. अधिकारी ने बताया कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने ऐसे प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती के लिए निविदा जारी की है, जो लंगूर की आवाज की नकल कर सकें। यह तरीका बंदरों को बिना नुकसान पहुंचाए भगाने में प्रभावी और मानवीय माना जाता है. लंगूरों की आवाज निकालने वाला व्यक्ति बंदरों को भगाने के लिए एक लंगूर भी साथ लाएगा. उन्होंने कहा, ‘'लंगूर के कटआउट लगाने की भी योजना थी, लेकिन हमने देखा है कि अब बंदर उनसे डरते नहीं हैं. उलटे वे उन कटआउट्स के ऊपर ही बैठ जाते हैं.' अधिकारी ने बताया कि पहले लंगूर की आवाज की नकल करने वाले कर्मी तैनात थे, लेकिन उनका अनुबंध समाप्त हो गया. अब लंगूर की आवाज की नकल कर सकने वाले प्रशिक्षित लोगों को नियुक्त करने के लिए नयी निविदा जारी की गई है. अधिकारियों के अनुसार, कार्यदिवसों और शनिवार को प्रशिक्षित प्रशिक्षक की तैनाती की योजना है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति आठ घंटे की पाली में काम करेगा. एक अधिकारी ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षित लोगों को नियुक्ति करने से संबंधित एजेंसी यह भी सुनिश्चित करेगी कि संचालन के दौरान उचित उपकरण, अनुशासन और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए.
राष्ट्रीय दिल्ली
महाराष्ट्र में 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनाव फरवरी के पहले हफ्ते में होने की उम्मीद है. सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) की ओर से इन चुनावों की तिथियों की घोषणा अगले सप्ताह किए जाने की उम्मीद है. छह जनवरी को एसईसी उन जिलों के अधिकारियों की बैठक करेगा, जहां तीसरे चरण में मतदान होना है. समीक्षा बैठक में आयोग तीसरे चरण के लिए तैयारियों, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की उपलब्धता और चुनावी मशीनरी की स्थिति का आकलन करेगा. इसके बाद जनवरी के दूसरे सप्ताह में चुनाव कार्यक्रम घोषित होने से पहले मतदान तिथि पर निर्णय लिए जाने की संभावना है. एसईसी को 12वीं कक्षा की परीक्षाएं शुरू होने की तिथि 10 फरवरी से काफी पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी करनी होगी. एसईसी के एक अधिकारी ने बताया, 'पूरी चुनाव प्रक्रिया में हमें लगभग 28 दिन लगेंगे. ‘इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड’ (ईसीआईएल) से नयी ईवीएम की आपूर्ति 15 जनवरी के बाद शुरू होने की उम्मीद है. नगर निकायों के चुनाव ड्यूटी से कर्मचारियों के मुक्त होते ही उन्हें जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में लगाया जा सकेगा.'
मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में नर्मदा नदी के किनारे खाद्य विषाक्तता के कारण कम से कम 200 तोतों की मौत हो गई है. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि बीते चार दिनों में बड़वाह क्षेत्र में नर्मदा नदी पर बने एक्वाडक्ट पुल के पास तोते मृत मिले हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की आशंका से इनकार किया गया है. जिला वन्यजीव वार्डन टोनी शर्मा ने बताया कि बचाव कार्य के दौरान कुछ तोते जीवित पाए गए थे लेकिन भोजन में मौजूद विषाक्तता इतनी अधिक थी कि वे कुछ ही देर बाद मर गए. तोतों की मौत से इलाके में बर्ड फ्लू को लेकर दहशत फैल गई , हालांकि पशु चिकित्सा परीक्षण में संक्रमण के कोई लक्षण नहीं मिले. वन विभाग ने एहतियात के तौर पर एक्वाडक्ट पुल के आसपास पक्षियों को भोजन कराने पर प्रतिबंध लगा दिया है और वहां निगरानी के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है. अधिकारियों ने बताया कि मृत पक्षियों के विसरा के नमूने आगे की जांच के लिए जबलपुर भेजे गए हैं. पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, खाद्य विषाक्तता और अनुचित आहार के कारण तोतों की मौत हुई है. स्थानीय लोगों की सूचना पर बीते चार दिनों से पशु चिकित्सा विभाग, वन विभाग और वन्यजीव शाखा की टीमें क्षेत्र की निगरानी कर रही हैं. पोस्टमार्टम करने वाली पशु चिकित्सक डॉ. मनीषा चौहान ने बताया कि तोतों में 'फूड पॉइजनिंग' के लक्षण पाए गए हैं और बर्ड फ्लू से जुड़ा कोई संकेत नहीं मिला. उन्होंने कहा कि लोग अक्सर अनजाने में पक्षियों को ऐसा भोजन खिला देते हैं जो उनके पाचन तंत्र के लिए घातक साबित होता है.
गंगा और रामगंगा नदियों के किनारे बसा बदायूं जिला अपनी गंगा-जमुनी तहजीब के साथ-साथ कृषि की संपन्नता के लिए भी जाना जाता है. यहां के खेतों में गेहूं, गन्ना, धान, आलू, दालें और बागवानी फसलों की खेती जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. खेती की इसी मजबूत नींव को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप के संयुक्त प्रयास से संचालित ‘किसान तक’ का किसान कारवां अपने तीसरे पड़ाव पर बदायूं जिले के लखनपुर गांव पहुंचा. राज्य के 75 जिलों में प्रस्तावित इस अभियान के तहत बदायूं तीसरा जिला रहा, जहां किसानों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की. किसानों को खेती में समय के साथ हो रहे बदलाव, नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी कृषि वैज्ञानिक और कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा दी जाएगी.कार्यक्रम के दौरान जादूगर द्वारा प्रस्तुत रोचक कलाओं ने किसानों का खूब मनोरंजन किया, वहीं इन कलाओं के माध्यम से खेती से जुड़ी उपयोगी जानकारियां भी साझा करेंगे.
हरियाणा में अब किसानों के लिए एग्री स्टैक प्रोजेक्ट के तहत किसान आईडी (किसान पहचान पत्र) बनवानी होगी नहीं हो तो उन्हें पीएम किसान योजना के अलावा केंद्र व राज्य सरकार की औऱ से मिलनी वाली सुविधाएं बंद हो जाएंगी. करनाल जिला प्रशासन की तरफ से किसान पहचान पत्र बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है.जिले में करीब 95 हजार आईडी जनरेट होनी है और अभी तक करीब 17 हजार किसान पहचान पत्र बनाएं जा चुके है. प्रशासन को उम्मीद है कि अगले एक माह में सभी किसानों की आईडी बना ली जाएगी. प्रशासन की तरफ से इसके लिए मुनादी, गांवों में कैंप, समाचार पत्रों और इलेट्रोनिक मीडियम से किसानों को अपनी आईडी बनवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है.
उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार को भालू के हमले से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया. यह घटना नंदानगर तहसील के खुनाना गांव की है, जहां सुबह के समय भेड़ें चराने गए एक ग्रामीण पर अचानक जंगली भालू ने हमला कर दिया. हमले में व्यक्ति को सिर और हाथों में गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे इलाज के लिए हवाई मार्ग से ऋषिकेश स्थित एम्स भेजा गया.खुनाना गांव निवासी 40 साल के केसर सिंह कठैत गुरुवार सुबह करीब 10 बजे गांव के पास एक स्कूल के नजदीक अपनी भेड़ों के झुंड के साथ मौजूद थे. इसी दौरान जंगल की ओर से अचानक एक भालू वहां आ गया और केसर सिंह पर हमला कर दिया. अप्रत्याशित हमले से वह संभल नहीं पाए और भालू ने उन्हें अपनी पकड़ में ले लिया. खुनाना ग्राम पंचायत के प्रधान महावीर सिंह ने बताया कि भालू और केसर सिंह के बीच कुछ देर तक संघर्ष होता रहा. आत्मरक्षा के लिए केसर सिंह के पास मौजूद एक बड़े हंसिए की मदद से उन्होंने किसी तरह खुद को भालू की पकड़ से छुड़ाया. हालांकि, तब तक उन्हें सिर और हाथों में गहरी चोटें लग चुकी थीं और अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था. घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और घायल केसर सिंह को प्राथमिक उपचार दिया गया. इसके बाद उन्हें गांव से नंदानगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर कर दिया. राज्य सरकार की मदद से केसर सिंह को एयरलिफ्ट कर एम्स, ऋषिकेश पहुंचाया गया. ग्राम प्रधान के अनुसार, एम्स में भर्ती होने के बाद उनकी हालत में सुधार है और वह खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं. डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है.
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने इंदौर जिले के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से सात लोगों की मौत और 40 से अधिक लोगों के बीमार पड़ने के मामले में मध्यप्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है. आयोग ने कहा कि ऐसी खबरें हैं कि स्थानीय लोग ‘कई दिनों से दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायत कर रहे थे’ लेकिन अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई. आयोग ने उन खबरों का स्वतः संज्ञान लिया है, जिनमें कहा गया है कि दूषित पानी पीने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और 40 से अधिक लोग बीमार पड़ गए. महापौर पुष्यमित्र भार्गव के अनुसार, शुरुआती जांच से पता चला है कि लीकेज के कारण नाले का पानी पीने के पानी की पाइपलाइन में घुस गया, जिससे भागीरथपुरा क्षेत्र में उल्टी-दस्त का प्रकोप फैल गया. आयोग ने पाया कि यह पीड़ितों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का एक गंभीर मुद्दा है इसलिए मध्यप्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो हफ्ते के अंदर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है. स्थानीय लोगों का दावा है कि भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से बीमार पड़ने के बाद पिछले एक सप्ताह में छह महिलाओं समेत कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार सभी मरीजों के इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी.
नए साल का जश्न मनाने के लिए हिमाचल प्रदेश आए हजारों टूरिस्ट निराश हो गए क्योंकि शिमला, धर्मशाला, मनाली और कसौली जैसे खास हिल स्टेशनों पर बर्फबारी नहीं हुई. हालांकि, कुल्लू, लाहौल और स्पीति और चंबा के ऊंचे इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई. लोकल मौसम विभाग ने गुरुवार को निचली पहाड़ियों में कुछ जगहों पर हल्की बारिश और कुछ जगहों पर हल्की बारिश या बर्फबारी का अनुमान लगाया है जिसके बाद अगले पांच दिनों तक मौसम सूखा रहेगा.डलहौजी और शिमला घूमने आए कुछ टूरिस्ट ने गुरुवार को डलहौजी के पास बाराकोट और ऊपरी शिमला के कुफरी, फागू और नारकंडा जैसे ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी देखी. सोशल मीडिया पर टूरिस्ट के बर्फबारी का मजा लेने के वीडियो वायरल हो रहे हैं. चंबा जिले के चुराह इलाके के टेपा गांव में हल्की बर्फबारी हुई, जिससे दो महीने से चल रहा सूखा खत्म हो गया और स्थानीय लोगों और किसानों को राहत मिली. लाहौल और स्पीति जिले के कोकसर और गोंडला में बुधवार दोपहर से क्रम से 1.7 सेमी और 0.3 सेंमी बर्फबारी हुई. कई जगहों पर न्यूनतम तापमान में थोड़ी गिरावट आई और यह सामान्य से नीचे रहा. कुकुमसेरी 4.2 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य की सबसे ठंडी जगह रही, इसके बाद ताबो में माइनस 3.4 डिग्री और कल्पा में माइनस 0.4 डिग्री तापमान रहा. नारकंडा में न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस, कुफरी में 1.5 डिग्री, शिमला में 4 डिग्री, धर्मशाला में 5 डिग्री और मनाली में 5.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया.
पंजाब सरकार खेती में एआई का इस्तेमाल करके खेती की उत्पादकता, पर्यावरण अनुकूल और किसानों की आय को बेहतर बनाने की योजना बना रही है. इसके लिए आईआईटी रोपड़ के उत्कृष्टता केन्द्र की मदद ली जाएगी. अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी है. कृषि और किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने यहां पंजाब भवन में एक बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में एआई-बेस्ड सॉल्यूशन के खेत स्तर पर इस्तेमाल के लिए प्रगति की समीक्षा की गई और दिशानिर्देश तैयार किया गया. खुड्डियां ने कहा कि नई टेक्नोलॉजी से किसानों को साफ फायदे मिलने चाहिए. उन्होंने एक्सपेरीमेंटल प्रोजेक्ट्स और पूरे राज्य में सफल एआई सॉल्यूशंस को बढ़ाने के लिए सरकारी मदद का भरोसा दिलाया. उन्होंने अधिकारियों को स्वाचालित मौसम केन्द्रों को लगाने, किसानों को डेटा कलेक्शन में शामिल करने, बागवानी संकुल का समर्थन करने और एआई-आधारित मवेशियों के उत्पादकता समाधानों को बढ़ाने का भी निर्देश दिया. मंत्री ने युवाओं और सरकारी अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए सटीक कृषि उपकरण और खेती में एआई पर राष्ट्रीय स्तर का पाठ्यकम शुरू करने की आईआईटी रोपड़ की योजना का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि पंजाब के छात्रों और अधिकारियों के लिए सीटें आरक्षित करने से राज्य की एग्रीकल्वर टेक्नोलॉजी क्षमता मजबूत होगी. इस साझेदारी से पंजाब को एआई से चलने वाले खेती के विकास में एक अगुवा राज्य बनाने, संसाधन क्षमता, जलवायु अनुकूल और टिकाऊ विकास में सुधार करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
देश की राजधानी में ठंडे मौसम के बीच, मौसम विभाग (IMD) ने गुरुवार को 2 से 5 जनवरी के बीच दिल्ली में कुछ जगहों पर कोल्ड वेव की संभावना जताई है. IMD के मुताबिक, कोल्ड वेव तब घोषित की जाती है जब मिनिमम टेम्परेचर नॉर्मल एवरेज टेम्परेचर से 4.5-6.5 डिग्री सेल्सियस कम हो जाता है. IMD ने बताया कि गुरुवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान नॉर्मल से दो डिग्री कम 17.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान नॉर्मल से 3.7 डिग्री ज्यादा 10.6 डिग्री सेल्सियस रहा. मौसम विभाग ने कहा कि 5 जनवरी तक राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में शीतलहर की स्थिति रहने का अनुमान है. IMD ने कहा कि 6 जनवरी तक दिल्ली में कई जगहों पर रात और सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा रहने की संभावना है.