
भारत मौसम विभाग के अनुसार पूर्वोत्तर भारत में आने वाले दिनों में मौसम सक्रिय रहने वाला है. 18 और 19 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश में गरज-चमक और तेज बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि 17 और 18 अप्रैल को असम और मेघालय तथा 18 अप्रैल को नगालैंड में भी ऐसी ही स्थिति बन सकती है. इसके साथ ही पूरे सप्ताह उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने के संकेत हैं. वहीं मध्य, पूर्व, पश्चिम और दक्षिण भारत के अलग-अलग हिस्सों में हीटवेव और गर्म व उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है.
धर्मशाला के पुलिस मैदान में हिमाचल दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में कृषि एवं पशु पालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में ध्वजारोहण किया और मार्च पास्ट की सलामी ली. उन्होंने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य पिछले तीन वर्षों में विकास और जनकल्याण की दिशा में आगे बढ़ा है. मंत्री ने बताया कि सरकार ने नए संसाधन जुटाकर 49,500 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है, लेकिन राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से प्रदेश को हर साल 8 से 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है.
इस मौके पर कांगड़ा के ढगवार में 225 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे आधुनिक मिल्क प्लांट की जानकारी दी, जिससे पशुपालकों को लाभ मिलेगा. उन्होंने फिन्ना सिंह मध्यम सिंचाई योजना को अहम बताते हुए कहा कि 643.68 करोड़ रुपये की इस परियोजना में लगभग 49 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वीरगति प्राप्त सूबेदार मेजर पवन कुमार की पत्नी सुषमा देवी को भी सम्मानित किया गया.
लातूर: अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र के लातूर ज़िले में पुलिस विभाग ने किसानों के बीच होने वाले विवादों को रोकने के लिए एक पहल शुरू की है. उन्होंने बुधवार को बताया कि हाल ही में, पाइपलाइन लगाने को लेकर दो गुटों के बीच पैदा हुआ तनावपूर्ण गतिरोध, 'पुलिस ऑन फार्मर्स फील्ड्स' (किसानों के खेतों पर पुलिस) नामक इस पहल के तहत शांतिपूर्ण तरीके से सुलझा लिया गया. यह घटना 10 अप्रैल को होसुर गाँव में हुई थी, जहां एक तालाब से खेतों तक पाइपलाइन बिछाने का काम, आधिकारिक अनुमति होने के बावजूद, लगभग एक महीने से रुका हुआ था. (पीटीआई)
अखिलेश यादव ने केंद्र के महिला आरक्षण बिल पर कहा कि ये सशक्तिकरण के लिए नही है, तृष्टिकरण के लिए है. हम महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन 2011 के जनगणना का मुद्दा है- अगर आंकड़े सही नही होंगे तो आरक्षण किस आधार पर देंगे.
उत्तर प्रदेश में शुष्क मौसम और गर्म पछुआ हवाओं के असर से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. पिछले 4 दिनों में अधिकतम तापमान में औसतन 10°C से ज्यादा की वृद्धि हुई है. बांदा 42.6°C के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि दक्षिणी हिस्सों में तापमान 40°C के पार पहुंच गया है. मौसम विभाग के अनुसार अगले 4-5 दिनों तक कोई सक्रिय मौसम तंत्र नहीं रहेगा, जिससे शुष्क हवाएं जारी रहेंगी. कर्नाटक और महाराष्ट्र पर बने प्रतिचक्रवात के प्रभाव से तापमान में और 3-4°C तक बढ़ोतरी हो सकती है. राजधानी लखनऊ समेत कई इलाकों में तापमान सामान्य से ऊपर जाने की संभावना है.
इस साल मॉनसून को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने अपने लॉन्गटर्म मॉनसून आउटलुक में कहा है कि 2026 में बारिश सामान्य से कम, यानी करीब 92 प्रतिशत (+/- 5 प्रतिशत) रह सकती है. हालांकि, मौसम के ऐसे अनुमान कई बार बदल भी जाते हैं, इसलिए पूरी तस्वीर अभी साफ नहीं है. साल 2002 में ज्यादा बारिश का अनुमान था, लेकिन असल में बारिश काफी कम हुई. 2009 में भी ऐसा ही हुआ. वहीं 2007 और 2019 जैसे सालों में उम्मीद से ज्यादा बारिश हुई. इसका मतलब यह है कि सिर्फ कुल बारिश ही नहीं, बल्कि कब और कितनी बारिश होती है, यह ज्यादा जरूरी होता है.
खाने-पीने की चीजों पर पड़ता है सीधा असर
कम या कमजोर बारिश का सबसे पहले असर खाने-पीने की चीजों पर पड़ता है. धान, दाल, तिलहन और सब्जियां बारिश पर काफी निर्भर होती हैं. अगर जुलाई और अगस्त में बारिश कम रही तो बुवाई और पैदावार दोनों प्रभावित होते हैं. इससे बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं. आने वाले कुछ महीने इस लिहाज से बहुत अहम रहने वाले हैं. फिलहाल देश में महंगाई काबू में है. मार्च में खुदरा महंगाई 3.4 प्रतिशत रही, जो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के तय लक्ष्य 4 प्रतिशत से कम है. लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में यह 5 से 6 प्रतिशत तक जा सकती है. (इनपुट- पीयूष अग्रवाल)
महाराष्ट्र में तेज गर्मी और लू का असर लगातार बढ़ता जा रहा है, जहां कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है. राज्य स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 1 मार्च से 12 अप्रैल के बीच 15 हीटस्ट्रोक के मामले सामने आए हैं, हालांकि अब तक किसी की मौत नहीं हुई है. सबसे ज्यादा 6 मामले रत्नागिरी में दर्ज किए गए हैं, जबकि पालघर में 2 केस सामने आए हैं. इसके अलावा Pune समेत रायगढ़, नासिक, नंदुरबार, जलगांव, जालना और गढ़चिरौली में भी छिटपुट मामले सामने आए हैं. पुणे में स्थिति ज्यादा चिंताजनक है, जहां पिछले एक महीने में 600 से अधिक लोग गर्मी से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए पहुंचे हैं. नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार मार्च में ही 654 मरीजों का इलाज किया गया, जिनमें डिहाइड्रेशन और हीट एक्सॉशन के मामले सबसे ज्यादा रहे. लोहेगांव, कोरेगांव पार्क और शिवाजीनगर जैसे इलाकों में तापमान लगातार 40 डिग्री से ऊपर बना हुआ है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सूखा मौसम, साफ आसमान और बारिश की कमी इस भीषण गर्मी की मुख्य वजह है. (इनपुट- ओमकार वाबले)
देश में 2025-26 के चीनी सीजन में उत्पादन ने रफ्तार पकड़ ली है और अब तक 273.9 लाख टन तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की समान अवधि के 254.3 लाख टन के मुकाबले करीब 8 फीसदी ज्यादा है. सहकारी संस्था नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड (NFCSF) के आंकड़े बताते हैं कि इस बढ़ोतरी के पीछे महाराष्ट्र और कर्नाटक की मजबूत उत्पादन वृद्धि मुख्य वजह रही है.
ईटानगर: एक आधिकारिक बयान के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश के गवर्नर के.टी. परनाइक ने बुधवार को नई दिल्ली में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (DoNER) मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया से मुलाकात की और खेल इंफ्रास्ट्रक्चर तथा कृषि-बागवानी क्षेत्रों में विकास सुनिश्चित करने के लिए उनसे मदद मांगी. परनाइक ने खेलों में अरुणाचल प्रदेश के युवाओं की अपार क्षमता पर ज़ोर दिया और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए आधुनिक और सुलभ सुविधाओं की ज़रूरत पर बल दिया. उन्होंने राज्य की राजधानी में एक विशेष फुटबॉल स्टेडियम के विकास के साथ-साथ राज्य के पश्चिमी और पूर्वी क्षेत्रों में एकीकृत खेल परिसरों और खेल अकादमियों की स्थापना के लिए, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (DoNER) के केंद्रीय मंत्री से मदद का अनुरोध किया. (पीटीआई)
भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने कहा है कि देश के कई हिस्सों में मौसम का अलग-अलग असर देखने को मिलेगा. IMD के मुताबिक, पूर्वोत्तर भारत में 15 से 19 अप्रैल के बीच गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका है. अरुणाचल प्रदेश में 18 और 19 अप्रैल को भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि असम-मेघालय में 17-18 अप्रैल और नगालैंड में 18 अप्रैल को भारी बारिश की संभावना है. इसके अलावा मध्य, पूर्व, पश्चिम और दक्षिण भारत के कई इलाकों में हीटवेव और गर्मी-उमस भरा मौसम रहने की चेतावनी जारी की गई है.