उत्तर भारत में सर्दियों की दस्तक के साथ मौसम पूरी तरह बदल चुका है और किसानों के लिए बुआई का व्यस्त सीजन शुरू हो गया है. पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बढ़ती शीतलहर के बीच रबी फसलों की बुवाई तेजी पकड़ रही है. वहीं दक्षिण भारत में लगातार बारिश का दौर जारी है. इस लाइव और लगातार अपडेट होते सेक्शन में आपको खाद-बीज, खेती और गार्डनिंग के उपयोगी टिप्स, किसानों के लिए जरूरी सरकारी योजनाओं की जानकारी और कृषि जगत से जुड़े बड़े राष्ट्रीय घटनाक्रम एक ही जगह मिलते रहेंगे.
सिलवानी में सैकड़ों किसानों ने अघोषित बिजली कटौती के विरोध में जोरदार प्रदर्शन करते हुए स्टेट हाईवे–44 (सिलवानी–भोपाल मार्ग) पर चक्का जाम कर दिया. यह चक्का जाम एमपीईबी कार्यालय के सामने किया गया, जहां बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हुए. किसानों ने बिजली विभाग और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से खेती-किसानी का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. चक्का जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन और पुलिस मौके पर मौजूद रही.
नोएडा के डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन को लेकर किसानों का आज जोरदार प्रदर्शन हुआ. हजारों की संख्या में किसान सेक्टर-16 स्थित बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर कार्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया.किसानों का आरोप है कि डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन नही देने से काफी परेशानी हो रही है. कई बार मांग को लेकर अधिकारियों से मुलाकात की लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं किया गया. इसी नाराजगी को किसानों ने सीधे चीफ इंजीनियर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. बड़ी संख्या में किसान पहले सेक्टर 5 हरौला बारात घर पर इकट्ठा हुए उसके बाद किसानों ने पैदल मार्च निकालाते हुए सेक्टर 16 बारात बिजली विभाग के दफ्तर पहुंचे. किसानों ने चीफ इंजीनियर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन की मांग की. किसानों का कहना है कि डूब क्षेत्र में लगभग ढाई लाख मजदूर वर्ग के लोग रहते है. बिजली कनेक्शन नही होने से बच्चो के भविष्य अंधेरे में डूबा हुआ है. किसानों की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.
तमिलनाडु के थेनी से रामनाथपुरम और शिवगंगा जिलों में सिंचाई के लिए वैगई बांध से 2,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. पांच जिलों के लिए बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है.
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को निरस्त करने और उसके स्थान पर एक नया ग्रामीण रोजगार कानून लाने वाले विधेयक को लेकर सोमवार को सरकार की कड़ी आलोचना हुई. विपक्षी सांसदों ने सवाल उठाया कि राष्ट्रपिता का नाम क्यों हटाया जा रहा है. विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) बिल, 2025, सोमवार को जारी पूरक कार्यसूची में लोकसभा में सूचीबद्ध किया गया है. इसका मकसद महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 को निरस्त करना और 'विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप ग्रामीण विकास ढांचा' स्थापित करना है. इसके तहत प्रत्येक वित्तीय वर्ष में उन सभी ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं. ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष, कांग्रेस सांसद सप्तगिरि उलका ने कहा कि समिति ने MANREGA के तहत वर्किंग डेज और मजदूरी में वृद्धि सहित कई सिफारिशें की हैं.
झारखंड के लातेहार जिले में हाथियों के झुंड ने 21 साल के एक आदमी को कुचलकर मार डाला. इस बात की जानकारी एक फॉरेस्ट अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी. अधिकारी ने बताया कि यह घटना रविवार रात बालूमाथ पुलिस स्टेशन के तहत भैसदों गांव में हुई, जब आर्यन लोहरा शौच के लिए अपने घर के बाहर गया था. बालूमाथ फॉरेस्ट रेंजर नंद कुमार मेहता ने कहा कि रविवार रात जब वह शौच के लिए बाहर गया था तो 10-12 हाथियों का झुंड इलाके से गुजर रहा था. अंधेरे की वजह से वह आदमी हाथियों को आते हुए नहीं देख सका और उनके पैरों तले कुचल गया.मरने वाले के परिवार को तुरंत 40,000 रुपये की मदद दी गई है, और बाकी मुआवजा कुछ ऑफिशियल प्रोसेस के बाद दिया जाएगा. आपको बता दें कि झारखंड में हाथी के हमले से मौत होने पर 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है.
झारखंड की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने शुक्रवार को घोषणा की है कि राज्य में ‘मिलेट मिशन’ को अब ‘‘झारखंड मडुआ क्रांति’’ के नाम से जाना जाएगा. मंत्री ने रांची में पशुपालन निदेशालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 32,911 मडुआ उत्पादक किसानों के बैंक खातों में 15.63 करोड़ रुपये भी ट्रांसफर किए. तिर्की ने कहा, '‘राज्य में मडुआ की खेती करने वाले हर किसान को 3,000 रुपये प्रति एकड़ का प्रोत्साहन दिया जा रहा है. आज दूसरी किस्त किसानों के बैंक खातों में जमा कर दी गई है.' कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कहा, ‘झारखंड मिलेट मिशन अब झारखंड मडुआ क्रांति के नाम से जाना जाएगा.’ मंत्री ने कहा कि योजना का नाम बदलने का कारण यह है कि झारखंड के अधिकतर किसान ‘मिलेट’ का अर्थ नहीं समझते हैं, वे इस योजना को ‘मडुआ’ के नाम से जानते हैं. उन्होंने कहा कि जब यह योजना वर्ष 2024-25 में शुरू की गई थी, तब सिर्फ 18,000 किसानों को ही मोटे अनाज की खेती के लिए प्रोत्साहन राशि का लाभ मिला था. पिछले एक साल में करीब 14,911 किसान इस अभियान का हिस्सा बने हैं. कृषि, पशुपालन और सहकारिता विभाग ने धान की खरीद की तर्ज पर मडुआ की खरीद के लिए गुमला, सिमडेगा और खूंटी जिलों की पहचान की है.
उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बिगड़ते वायु प्रदूषण के स्तर से संबंधित याचिका पर 17 दिसंबर को सुनवाई करेगा. चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पामचोली की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह की दलीलों पर गौर किया, जो न्याय मित्र के रूप में न्यायालय की सहायता कर रही हैं. सिंह ने कहा कि हालांकि उपाय लेकिन मसला अधिकारियों की तरफ से उन्हें खराब तरीके से लागू करना है. सिंह ने कहा कि जब तक यह अदालत कोई निर्देश नहीं देती, अधिकारी पहले से मौजूद प्रोटोकॉल का पालन नहीं करते हैं.इस पर सीजेआई ने कहा, ‘यह मामला बुधवार को तीन न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष आएगा. इस पर सुनवाई होगी.' एक और वकील ने बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे से जुड़े एक आवेदन का हवाला देते हुए कहा कि पहले के आदेशों के बावजूद स्कूल बाहरी खेल गतिविधियों का आयोजन कर रहे हैं. सीजेआई ने कहा, '‘हम समस्या को जानते हैं और हम ऐसे आदेश पास करेंगे जिनका पालन किया जा सके. कुछ निर्देश ऐसे हैं जिन्हें बलपूर्वक लागू किया जा सकता है. इन शहरी महानगरों में लोगों की अपनी जीवनशैली होती है. लेकिन गरीबों का क्या होगा…....' न्याय मित्र ने कहा कि गरीब मजदूर सबसे ज्यादा पीड़ित हैं.
दिल्ली में सोमवार को धुंध छाई रही और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 498 रहा जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है. दिल्ली के 38 मॉनिटरिंग सेंटर्स पर एयर क्वालिटी ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई ,जबकि दो केंद्रों पर यह ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई. जहांगीरपुरी में एक्यूआई 498 दर्ज किया गया, जहां सभी 40 केंद्रों में से सबसे खराब वायु गुणवत्ता दर्ज की गई. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मानकों के अनुसार, एक्यूआई शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 ‘संतोषजनक’, 101 से 200 ‘मध्यम’, 201 से 300 ‘खराब’, 301 से 400 ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 ‘गंभीर’ माना जाता है. दिल्ली में रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 461 तक पहुंच गया, जो इस सर्दी में राष्ट्रीय राजधानी का सबसे प्रदूषित दिन था और दिसंबर का दूसरा सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाला दिन रहा. कमजोर हवाओं और कम तापमान के कारण प्रदूषक कण सतह के करीब ही रहे.वजीरपुर स्थित वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र ने दिन के दौरान अधिकतम एक्यूआई 500 दर्ज किया. सीपीसीबी, एक्यूआई के 500 के पार हो जाने के बाद डेटा दर्ज नहीं करता है. एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम (एक्यूईडब्ल्यूएस) के अनुसार, दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘गंभीर' श्रेणी में रहने की आशंका है और अगले छह दिनों के लिए भी वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में रहने की आशंका है. वहीं आईएमडी ने कहा कि वर्तमान में हवा की औसत गति 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम है, जो प्रदूषक कणों के बिखराव के लिए प्रतिकूल है. मौसम विभाग के अनुसार, दिन में अधिकतम तापमान लगभग 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.
जम्मू में डायरेक्टर एग्रीकल्चर जम्मू अनिल गुप्ता ने रबी 2025-26 के लिए PMFBY एनरोलमेंट की समीक्षा की और बीमा कंपनियों और फील्ड स्टाफ को समय पर, सुचारू तौर पर और ज्यादा से ज्यादा किसानों को कवर करने का निर्देश दिया. खरीफ 2025 के लिए क्लेम की स्थिति की भी समीक्षा की गई ताकि सेटलमेंट में तेजी लाई जा सके.
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने रविवार को कहा कि सही जमीन के रिकॉर्ड सुनिश्चित करने और फसल के मुआवजे, बीमा और सब्सिडी से जुड़ी योजनाओं में गड़बड़ियों को खत्म करने के लिए दिल्ली में खेती की जमीन और किसानों का एक डिजिटल डेटाबेस बनाया जाएगा. गुप्ता ने खेती के रिकॉर्ड को डिजिटाइज करने के फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि किसानों की एक डिजिटल पहचान होगी और खेती की जमीन का जियो-मैप्ड रिकॉर्ड रखा जाएगा.यह डेटाबेस केंद्र सरकार की राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता (SASCI) योजना के तहत बनाया जाएगा, जिसमें तय लक्ष्य हासिल होने पर केंद्र सरकार द्वारा फंड जारी किया जाएगा. एक आधिकारिक बयान के अनुसार, केंद्र की वित्तीय सहायता एक बार का सब्सिडी नहीं होगी, बल्कि इसे परफॉर्मेंस से जुड़े चरणों में दिया जाएगा.
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में घना कोहरा छाया हुआ है, ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं. कुछ राहगीरों ने बताया कि उन्हें सावधानी से गाड़ी चलानी पड़ रही है ताकि कोई एक्सीडेंट न हो जाए. इस कोहरे का असर ट्रेनों पर भी पड़ा है और कुछ ट्रेनें देरी से चल रही हैं.
चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत ने खराब मौसम की स्थिति के मद्देनजर वकीलों और वादियों को उच्चतम न्यायालय में सूचीबद्ध मामलों के लिए ‘हाइब्रिड मोड’ के माध्यम से पेश होने की सलाह दी है. उच्चतम न्यायालय प्रशासन द्वारा रविवार को जारी एक परिपत्र में यह जानकारी दी गई. यह सलाह ऐसे समय में आई है जब दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 461 तक पहुंच गया, जो इस सर्दी का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया. हेल्थ एक्सपर्ट्स ने खतरनाक हवा से गंभीर स्वास्थ्य खतरों की चेतावनी दी है. इससे पहले 26 नवंबर को अत्यधिक प्रदूषण के कारण सीजेआई ने अस्वस्थ महसूस करने की बात कहते हुए ‘वर्चुअल’ सुनवाई पर विचार किया था. वर्तमान में शीर्ष अदालत प्रत्यक्ष और ‘वर्चुअल’ दोनों तरीकों से ‘हाइब्रिड मोड’ में कार्य कर रही है.
बहराइच जिले के कैसरगंज इलाके में वन विभाग के ‘शूटर’ ने आतंक का पर्याय बनी एक मादा भेड़िया को रविवार शाम मार गिराया, जबकि एक दिन पूर्व नर भेड़िए को मारा गया था. अधिकारियों ने बताया कि कैसरगंज तहसील के गोड़हिया नंबर चार गांव में भेड़िए के एक जोड़े को वन विभाग के शूटर ने दो दिन के भीतर एक-एक कर मार गिराया है. उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के बाद करीब ढाई महीने के दरमियान वन विभाग के शूटरों द्वारा यहां छह भेड़िए मारे जा चुके हैं. प्रभागीय वनाधिकारी राम सिंह यादव ने रविवार को बताया, 'आज शाम कैसरगंज तहसील के गांव- गोड़हिया नंबर चार के मजरा- जरूआ में फिर भेड़िया आने की सूचना मिली थी. वन विभाग की बचाव टीम ड्रोन के साथ गांव में पहुंची. दो ड्रोन कैमरे लगाकर लगातार नजर रखी गयी. नदी की तरफ कछार में दूसरा ड्रोन आगे की तरफ से लगाया गया जिसमें भेड़िया दिखाई दिया. भेड़िया बड़े घास के झुरमुट में भाग रहा था. बचाव टीम ने गोली चलाई जिससे भेड़िए की मृत्यु हो गई.