
दक्षिण-पूर्व राजस्थान के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र के असर से आज 25 जुलाई को गुजरात में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी से लेकर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने प्रभावित इलाकों में सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है.यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
मुजफ्फरनगर: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि यह फैसला 36 दिन के छात्र आंदोलन के बाद आया है. उन्होंने कहा कि अभी भी छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने जैसी मांगें बाकी हैं. टिकैत ने कहा कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक छात्र आंदोलन खत्म नहीं करें. उन्होंने दावा किया कि संयुक्त किसान मोर्चा का इस आंदोलन को पूरा समर्थन है और जरूरत पड़ने पर किसान दिल्ली पहुंचने के लिए तैयार हैं. साथ ही उन्होंने आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की. (इनपुट- संदीप सैनी)
नई दिल्ली. NEET मुद्दे पर चल रहा कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन शनिवार को समाप्त हो गया. संगठन ने कहा कि सरकार ने उसकी सभी प्रमुख मांगें मान ली हैं, जिनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस लेना और प्रभावित छात्रों के परिवारों को नियमों के तहत मुआवजा देना शामिल है. इसके बाद CJP ने तत्काल प्रभाव से अपना धरना खत्म करने और प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक घर लौटने की अपील की. (पीटीआई)
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कावेरी जल विवाद को लेकर कर्नाटक सरकार के साथ किसी भी तरह की बातचीत का विरोध किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि कावेरी जल बंटवारे के मुद्दे पर बातचीत का रास्ता तमिलनाडु के कानूनी अधिकारों को कमजोर करेगा और अदालत में राज्य की स्थिति को नुकसान पहुंचा सकता है. स्टालिन ने कहा कि डीएमके ने पहले भी ऐसे प्रस्तावों का विरोध किया था और आगे भी करेगी. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी, कृषि संगठनों से चर्चा की जाएगी और उसके बाद आगे की रणनीति तय होगी. साथ ही उन्होंने तमिलनाडु सरकार से कर्नाटक जाकर बातचीत का फैसला वापस लेने की अपील की.
चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कावेरी नदी के पानी के बंटवारे के लंबे समय से चले आ रहे विवाद का शांतिपूर्ण समाधान खोजने के लिए कर्नाटक के अपने समकक्ष के साथ द्विपक्षीय बातचीत का प्रस्ताव रखा है. इस कदम की राज्य में किसान संगठनों और राजनीतिक दलों ने आलोचना की है. विजय 3 अगस्त को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के साथ बातचीत के लिए पड़ोसी राज्य का दौरा करने वाले हैं. पूर्व मुख्यमंत्री एम. जी. रामचंद्रन ने 1970 और 1980 के दशक के आखिर में कर्नाटक के साथ सीधी बातचीत की थी. उन्होंने अपने व्यक्तिगत संबंधों और राजनीतिक सद्भावना का इस्तेमाल करके कानूनी प्रक्रिया से हटकर तुरंत पानी हासिल किया था. सूत्रों के मुताबिक, राजनीतिक परंपरा को तोड़कर किए गए उनके अचानक दौरों से तमिलनाडु को पानी हासिल करने में मदद मिली थी. (पीटीआई)
रायपुर: अधिकारियों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को छत्तीसगढ़ PSC के पूर्व चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में गिरफ़्तार किया. यह मामला कथित तौर पर परीक्षा का पेपर लीक होने से जुड़ा है. यह जांच छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा 2020 और 2021 में आयोजित राज्य सेवा परीक्षाओं के प्रश्न-पत्रों के "लीक" होने और उनमें "हेराफेरी" से संबंधित है. अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के बाद सोनवानी को प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया. उन्होंने दावा किया कि सोनवानी अपने जवाबों में "टाल-मटोल" कर रहे थे. (पीटीआई)
श्रीनगर: अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को लगातार पांचवें दिन कश्मीर के कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हुई, हालांकि बाढ़ का खतरा कम हो गया है क्योंकि ज़्यादातर जल निकायों में पानी का स्तर घट रहा है. अधिकारियों ने बताया कि घाटी के ज़्यादातर हिस्सों में लगातार पांचवें दिन बारिश हुई; ताज़ा जानकारी मिलने तक श्रीनगर और अन्य जगहों पर रुक-रुक कर बारिश हो रही थी. मौसम विभाग ने कहा कि कश्मीर के ज़्यादातर इलाकों में अभी हो रही बारिश का दौर देर दोपहर तक जारी रहने की संभावना है और उसके बाद स्थिति में सुधार होगा. (पीटीआई)
कैथल में भारतीय किसान यूनियन (मान) के प्रदेशाध्यक्ष ठाकुर गुणीप्रकाश ने दिल्ली में हुए NEET परीक्षा से जुड़े प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की और सरकार से वास्तविक छात्रों से संवाद कर समाधान निकालने की अपील की. उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में वास्तविक NEET अभ्यर्थियों की संख्या कम थी, जबकि विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों ने आंदोलन को हिंसक और अराजक बना दिया. उनके अनुसार तोड़फोड़, हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली घटनाओं को शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन नहीं कहा जा सकता. उन्होंने कहा कि NTA ने परीक्षा रद्द कर सीबीआई जांच शुरू की, दोबारा परीक्षा कराई और बायोमेट्रिक सत्यापन, AI मॉनिटरिंग तथा CCTV जैसी नई सुरक्षा व्यवस्थाएं लागू कीं. गुणीप्रकाश ने आरोप लगाया कि कुछ समूह सोशल मीडिया और संगठित नेटवर्क के जरिए आंदोलनों को राजनीतिक रंग देते हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन का समर्थन करने से पहले उसके उद्देश्य और नेतृत्व का निष्पक्ष मूल्यांकन किया जाना चाहिए.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG 2026 परीक्षा में हुई अनियमितताओं को लेकर जारी विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेज दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने गड़बड़ी सामने आते ही सीबीआई जांच के आदेश दिए, परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित कराई और अगले वर्ष से इसे कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराने का फैसला लिया. उन्होंने बताया कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सफलतापूर्वक कराई गई और 16 जुलाई को परिणाम घोषित किए गए. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की, जिससे उन्हें गहरा दुख हुआ. उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि छात्रों का भविष्य कानूनी विवादों और राजनीतिक टकराव में उलझे. युवाओं के हित और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के लिए उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने का फैसला किया.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए कहा कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने यह फैसला किया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने परीक्षा में गड़बड़ी सामने आते ही सीबीआई जांच के आदेश दिए, परीक्षा रद्द की और दोबारा परीक्षा कराई. साथ ही अगले वर्ष से नीट-यूजी को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में कराने का निर्णय लिया गया है. प्रधान ने बताया कि 20 लाख से अधिक छात्रों की दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक कराई गई और 16 जुलाई को परिणाम भी घोषित किए गए. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य किसी कानूनी विवाद में न फंसे और राष्ट्र विरोधी ताकतें मौजूदा स्थिति का फायदा न उठाएं, इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया. उन्होंने राष्ट्रसेवा जारी रखने का संकल्प भी दोहराया.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार ने केंद्रीय कर्नाटक में सूखे की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा के लिए बेंगलुरु में होने वाली क्षेत्रीय विकास समीक्षा बैठक को चित्रदुर्ग में आयोजित करने का फैसला किया है. इस बैठक में चित्रदुर्ग के अलावा तुमकुरु, शिवमोग्गा और दावणगेरे जिलों की स्थिति पर भी चर्चा की जाएगी. मुख्यमंत्री ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के दौरान कहा कि सरकार किसानों और आम लोगों को पानी की कमी का सामना नहीं करने देगी. उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को एक साथ बुलाकर सूखे से निपटने के लिए जरूरी एहतियाती कदमों पर चर्चा की जा रही है. शिवकुमार ने कहा कि सरकार अब सभी समीक्षा बैठकें केवल बेंगलुरु में नहीं करना चाहती. उन्होंने बताया कि आलमट्टी को छोड़कर राज्य के अन्य हिस्सों में जल स्थिति अच्छी नहीं है और सूखे की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. सरकार पहले ही किसानों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दे चुकी है.
असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है. लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण राज्य में अब तक 61 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि नौ जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में सिवसागर, चराइदेव और जोरहाट शामिल हैं. सिवसागर में करीब 3.5 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं. राज्य सरकार के अनुसार, लगभग 80 हजार प्रभावित लोगों तक अभी राहत सामग्री नहीं पहुंच पाई है. कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. बाढ़ से 856 गांव जलमग्न हैं और 56 हजार हेक्टेयर से अधिक फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है. प्रशासन ने 363 राहत शिविर और वितरण केंद्र संचालित किए हैं, जहां 1.15 लाख से ज्यादा विस्थापित लोगों को सहायता दी जा रही है. सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं.
गुजरात के अमरेली जिले में भारी मॉनसूनी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. जिले के कई तालुका और ग्रामीण इलाके जलभराव की चपेट में हैं. वडिया तालुका में रातभर हुई मूसलाधार बारिश से सुबह तक 7 इंच पानी दर्ज किया गया, जिससे कई चेकडैम ओवरफ्लो हो गए और नदियां उफान पर आ गईं. नाना भंडारिया, पाणिया और अन्य गांवों में सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे कई मार्ग बंद हो गए. लीलिया तालुका में नावली नदी के उफान और शेत्रुंजी नदी में बाढ़ से यातायात प्रभावित हुआ. कई घरों में पानी घुस गया और किसानों की फसलें जलमग्न हो गईं. इस बीच लाठी तालुका के मालविया पीपरिया गांव के पास तेज बहाव में तीन वर्षीय बच्ची नंदनी बह गई, जिसकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. लगातार बारिश से जिले में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं.
पंजाब के फिरोजपुर जिले के जीरा क्षेत्र के गांव मंसूरवाला स्थित मालब्रोस इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के इथेनॉल प्लांट के बाहर चल रहा सांझा मोर्चा का धरना चार साल पूरे कर चुका है. इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अभी भी आंदोलन पर डटे हुए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जब तक इथेनॉल प्लांट पूरी तरह बंद नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा. धरने की चौथी वर्षगांठ पर प्रदर्शन स्थल पर अरदास का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के गांवों के लोगों और किसान संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया. सांझा मोर्चा के सदस्य रोमन बराड़ ने कहा कि यह आंदोलन स्वच्छ पानी, साफ हवा और उपजाऊ जमीन बचाने की लड़ाई है. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद प्लांट बंद करने के लिखित आदेश जारी नहीं हुए हैं. यह मामला राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) में लंबित है और प्रदर्शनकारी अंतिम सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं. ग्रामीणों ने 2022 में भूजल प्रदूषण के आरोप लगाए थे, जिसके बाद जांच में पानी के नमूने भी लिए गए थे. हालांकि, प्लांट बंद करने की मांग को लेकर आंदोलन अब भी जारी है.
दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मॉनसूनी द्रोणी (Monsoon Trough) अपनी सामान्य स्थिति से काफी दक्षिण की ओर खिसक गई है. वर्तमान में यह जैसलमेर, निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, कोटा, गुना, सिद्धी और डाल्टनगंज होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है. इसके कारण मॉनसून की सक्रियता का क्षेत्र पश्चिम-मध्य भारत की ओर स्थानांतरित हो गया है, जिससे उत्तर प्रदेश में फिलहाल मॉनसूनी गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 26 जुलाई तक बारिश की गतिविधियां सामान्य से कम रह सकती हैं. हालांकि, गंगा के पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश के ऊपर ऊपरी क्षोभमंडल तक बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से एक नए निम्न दबाव क्षेत्र के बनने के संकेत हैं. इसके चलते मॉनसूनी द्रोणी के दोबारा उत्तर दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है. इसके प्रभाव से 27 जुलाई से उत्तर प्रदेश में मॉनसून फिर सक्रिय होने के आसार हैं. प्रदेश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश होने के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा भी दर्ज की जा सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है.
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर से श्री अमरनाथ यात्रा छह दिन के निलंबन के बाद एक बार फिर शुरू हो गई है. 19 जुलाई 2026 को भारी बारिश और खराब मौसम के कारण इस वार्षिक तीर्थयात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था. यात्रा दोबारा शुरू होने के साथ ही आज तड़के जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से श्रद्धालुओं का नया जत्था रवाना हुआ. यह काफिला उधमपुर से होकर कश्मीर घाटी की ओर बढ़ा. प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आगे बढ़ सकें.
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने आज सुबह 7:30 बजे से राजधानी के 18 मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद करने का फैसला किया है. यह वीडियो सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन का है, जो बंद किए गए 18 स्टेशनों में शामिल है. हालांकि, यात्रियों की सुविधा को देखते हुए राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर इंटरचेंज की सुविधा पहले की तरह उपलब्ध रहेगी. यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले मेट्रो की आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें.
देश के कई हिस्सों में मॉनसून पूरी सक्रियता तरह से सक्रिय है, जिसके चलते तेज बारिश देखने को मिल रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. दक्षिण-पूर्व राजस्थान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसकी मॉनसून ट्रफ के कारण पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. IMD के अनुसार गुजरात में 25 जुलाई को कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जबकि मध्य महाराष्ट्र में भी कई इलाकों में बहुत तेज बारिश की आशंका है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण जलभराव, स्थानीय बाढ़, भूस्खलन और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं. लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है. पूरी खबर पढ़ें...