
मॉनसून की वापसी के बीच देश के कई हिस्सों में अभी बारिश का दौर जारी है. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कुछ घंटे मौसम के लिहाज से अहम रहने वाले हैं, जहां भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि म्यांमार के तट के पास नया लो प्रेशर एरिया बन गया है, जो आगे बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ेगा. IMD के मुताबिक 29 सितंबर से उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर, मध्य भारत और दक्षिणी राज्यों तक कई जगह बारिश और गरज-चमक का सिलसिला बना रहेगा. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
उत्तर प्रदेश की सभी 251 कृषि उपज मंडियां अब राष्ट्रीय कृषि बाजार सूचना नेटवर्क एगमार्कनेट 2.0 से जुड़ गई हैं. मंडी परिषद के ई-मंडी पोर्टल का एपीआई आधारित एकीकरण पूरा होने के बाद प्रदेश में 100 फीसदी मार्केट रिपोर्टिंग सुनिश्चित हुई है. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने इस उपलब्धि की सराहना की है. ई-मंडी व्यवस्था के जरिए मंडियों की प्रक्रियाओं को डिजिटल किया गया है. अब किसान राष्ट्रीय स्तर पर मंडियों में कृषि उपज के भाव और आवक की जानकारी हासिल कर सकेंगे. इससे बाजार सूचना की पहुंच बढ़ने और मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता आने की उम्मीद है.
नई दिल्ली: सरकार ने मंगलवार को अल नीनो मौसम की चिंताओं के बीच 2026-27 फसल वर्ष (जुलाई-जून) के लिए अनाज उत्पादन का लक्ष्य घटाकर 373.93 मिलियन टन तय किया. अनाज उत्पादन का यह कुल लक्ष्य, 2025-26 फसल वर्ष में हुए 376.56 मिलियन टन के वास्तविक उत्पादन से 2.63 मिलियन टन कम है, लेकिन इस साल तय किया गया लक्ष्य, 2025-26 फसल वर्ष के लिए तय 362 मिलियन टन के लक्ष्य से अभी भी ज़्यादा है. 2026-27 के लिए तय कुल लक्ष्य में से, 2026 खरीफ सीज़न के लिए अनाज उत्पादन का लक्ष्य 196.21 मिलियन टन और रबी फसल सीज़न के लिए 177.72 मिलियन टन है.
कोझिकोड: केरल के मंत्री शिबू बेबी जॉन ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने जंगली जानवरों के हमलों से होने वाली मौतों और फसल के नुकसान के लिए मुआवज़ा दोगुना करने का फ़ैसला किया है. उन्होंने कहा कि यह फ़ैसला मुख्यमंत्री (वी.डी. सतीशन) - जिनके पास वित्त विभाग भी है - और कृषि मंत्री के साथ बातचीत के बाद लिया गया. जॉन यहां वन और कृषि विभागों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित 'किसान सुरक्षा - मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना' विषय पर राज्य-स्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे.
हिंगोली: महाराष्ट्र के हिंगोली ज़िले के एक गांव में खेत में तेंदुआ दिखने से लोगों में दहशत फैल गई, जिसके बाद वन विभाग ने चौबीसों घंटे निगरानी शुरू कर दी है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. सोमवार को तेंदुआ दिखने के बाद, अधिकारियों ने सिंदगी गांव में पानी के स्रोतों के पास पांच कैमरा ट्रैप लगाए ताकि इस बड़े जानवर की गतिविधियों पर नज़र रखी जा सके. साथ ही, किसानों से समूहों में चलने की अपील भी की गई. बताया जा रहा है कि सोमवार दोपहर एक खेत में तेंदुआ देखा गया था, जिसके बाद उसकी गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए इलाके में दो कैमरा ट्रैप लगाए गए. मंगलवार को पानी के स्रोत के पास जानवर के दोबारा दिखने के बाद, तीन और कैमरे लगाए गए. (पीटीआई)
मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को घोषणा की कि फसल के नुकसान का आकलन मंडल (सर्कल) स्तर तक किया जाएगा, ताकि उन इलाकों के किसानों को भी आर्थिक मदद मिल सके जो सूखे के तय मानदंडों में शामिल नहीं हो पाए हैं. कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि ऐसे किसानों को सरकारी मदद दिलाने के लिए विशेष प्रावधानों को मंज़ूरी दी गई है, जिन्हें वास्तव में फसल का नुकसान हुआ है, भले ही उनके इलाके सूखे के तय मानकों को पूरा न करते हों. महाराष्ट्र के 358 तालुकों में से 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है, जो राज्य का लगभग 74 प्रतिशत हिस्सा है। सरकार ने कहा है कि फसल के नुकसान का आकलन ही प्रभावित किसानों को दी जाने वाली आर्थिक मदद तय करेगा. (पीटीआई)
हरियाणा में आज से धान की सरकारी खरीद शुरू हो गई है. करनाल की अनाज मंडी में खरकाली गांव के किसान तजेंद्र अपनी धान की पहली ढेरी लेकर पहुंचे, जिसे सरकार ने एमएसपी पर खरीद लिया. इस साल धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. किसान ने बताया कि कल हुई बारिश के कारण परेशानी हुई, लेकिन आज सरकारी खरीद शुरू होते ही फसल बिक जाने से राहत मिली. उन्होंने कहा कि अगर खरीद 25 सितंबर से शुरू होती तो किसानों को और सुविधा होती. उन्होंने 15 एकड़ में धान की खेती की है और उम्मीद जताई कि आगे भी किसानों की फसल बिना परेशानी खरीदी जाएगी. धान खरीद का जायजा लेने जिला उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा भी मंडी पहुंचे. उन्होंने धान की नमी की जांच की और अधिकारियों को किसानों को किसी तरह की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए. उन्होंने किसानों से अपील की कि मंडी में फसल अच्छी तरह सुखाकर लाएं.
महाराष्ट्र सरकार ने फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को राहत देने को लेकर प्रक्रिया में बदलाव की जानकारी दी है. कई मंत्रियों ने मांग की है कि जिन किसानों की फसल खराब हुई है, लेकिन किसी कारण से नुकसान का रिकॉर्ड दर्ज नहीं हो पाया, उन्हें भी सहायता मिलनी चाहिए. सरकार ने कहा कि जिन किसानों की फसल का नुकसान हुआ है, उन्हें मदद दी जाएगी. इसके लिए अब मंडल स्तर तक जाकर प्रक्रिया पूरी करने का निर्णय लिया गया है. साथ ही किसानों को यह जानकारी भी देने की बात कही गई है कि उनकी फसल के नुकसान का पंचनामा किस स्तर तक हुआ है, ताकि पूरी प्रक्रिया स्पष्ट रहे. वहीं अग्निवीरों को लेकर सरकार ने कहा कि महाराष्ट्र में पुलिस और अन्य सरकारी पदों पर उन्हें अवसर देने पर विचार किया जा रहा है. राज्य में सेवा करने के इच्छुक अग्निवीरों को अवसर देने के साथ कोस्टल सिक्योरिटी में शामिल करने पर भी विचार है. राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के आंदोलन पर सरकार ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को आंदोलन का अधिकार है.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन-रबी अभियान 2026-27 के दौरान किसानों को खाद, बीज और राहत को लेकर सरकार की तैयारियों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि रबी सीजन के लिए देश में 163 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा खाद का स्टॉक मौजूद है और किसानों को डीएपी-यूरिया की कमी नहीं होने दी जाएगी. सरकार ने रबी फसलों के लिए 177.72 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य रखा है. शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक देशभर में ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाया जाएगा. इसमें किसानों को मिट्टी के हिसाब से संतुलित खाद के इस्तेमाल, सही फसल और उन्नत बीज की जानकारी दी जाएगी. उन्होंने कहा कि दाल और तिलहन के भाव MSP से नीचे जाने पर NAFED और NCCF सीधे खरीद करेंगे. प्राकृतिक आपदा प्रभावित राज्यों के लिए 3 अक्टूबर को केंद्रीय टीमें भेजी जाएंगी. पराली के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि प्रदूषण के लिए सिर्फ किसानों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है.
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में एक बाघिन खेत में मृत मिली है. शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि बाघिन की मौत करंट लगने से हुई है. वन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, खेत में बिछे खुले बिजली के तार के संपर्क में आने से बाघिन को करंट लगा होगा. सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी. अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर बाघिन की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जरूरी जांच की. फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है.
महाराष्ट्र में सूखे को लेकर सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने मंगलवार को राज्य सरकार पर सूखा प्रभावित क्षेत्रों के चयन में “राजनीतिक भेदभाव” करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सूखा प्रभावित इलाकों की पहली सूची में 33 राज्य मंत्रियों में से 28 के तालुके शामिल किए गए हैं, जबकि विपक्षी दलों के विधायकों वाले क्षेत्रों को नजरअंदाज किया जा रहा है. वडेट्टीवार ने कहा कि सूखे जैसी गंभीर स्थिति में राजनीति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने दावा किया कि चंद्रपुर जिले का ब्रह्मपुरी तालुका गंभीर सूखे से जूझ रहा है, लेकिन उसे सूची में शामिल नहीं किया गया. उन्होंने सरकार से ब्रह्मपुरी को भी सूखा प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग की. उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो कांग्रेस किसानों के मुद्दे पर सड़कों पर उतरकर सरकार से सवाल करेगी. महाराष्ट्र सरकार ने बारिश की कमी के बीच राज्य के 358 में से 265 तालुकों में सूखा घोषित किया है और किसानों के लिए कई राहत उपायों का ऐलान किया है.
सोनीपत के सोहटी गांव में अपनी जमीन के उचित मुआवजे की मांग को लेकर बड़ी संख्या में किसान सड़कों पर उतर आए. किसानों का आरोप है कि मुआवजे को लेकर प्रशासन और सरकार के साथ कई बार बैठक हो चुकी है, लेकिन अभी तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है. इसके विरोध में किसानों ने सोहटी-खरखौदा रोड पर धरना देते हुए सड़क जाम कर दी. किसानों का यह प्रदर्शन नरेला से सीकर तक जाने वाली पावर ग्रिड की बिजली लाइन के मुआवजे को लेकर हो रहा है. आंदोलन का नेतृत्व किसान नेता अभिमन्यु कुहाड़ कर रहे हैं. प्रदर्शन में हरियाणा के अलग-अलग इलाकों से बड़ी संख्या में किसान सोहटी गांव पहुंचे हैं. किसानों के साथ महिला किसान भी सड़क पर धरने पर बैठी हैं. मौके पर किसान, पुलिस और प्रशासन आमने-सामने हैं. किसान नेताओं का कहना है कि जब तक जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. (पवन राठी का इनपुट)
आज भारतीय किसान यूनियन (मान) का प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से उनके निवास पर मिला. प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संगठन के प्रदेशाध्यक्ष ठाकुर गुणीप्रकाश ने किया. इसमें प्रदेश महासचिव प्रवीण मथाना, सरदार बलविंदर सिंह बाजवा समेत अन्य किसान नेता शामिल रहे. किसान नेताओं ने धान खरीद की अनुमति देने के लिए केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया. उन्होंने आरोप लगाया कि शेलर मालिक नमी के नाम पर किसानों से 300 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक की कटौती कर रहे हैं. किसानों ने इसे तुरंत रोकने की मांग की. साथ ही धान की खरीद में 17 फीसदी की जगह 22 फीसदी नमी की सीमा करने, खरीद की सीमा संबंधी आदेश रद्द करने और बारिश से खराब फसलों का तुरंत मुआवजा देने की मांग रखी. किसानों ने कंबाइन हार्वेस्टर से कटाई के समय संबंधी आदेश वापस लेने और मंडियों में अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग भी की. मुख्यमंत्री ने किसानों को उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया.
पूर्व सांसद और किसान नेता राजू शेट्टी ने गन्ना किसानों के साथ मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर कोल्हापुर से हुबली की दिशा में मार्च शुरू किया है. राजू शेट्टी और किसान दोपहर में केंद्रीय अन्न एवं आपूर्ति मंत्री प्रल्हाद जोशी के घर का घेराव करने जा रहे हैं. गन्ना किसानों की दो प्रमुख मांगों को लेकर राजू शेट्टी धरने पर बैठे हैं. उनकी मांग है कि चीनी का दाम 50 रुपये प्रति किलो और इथेनॉल का दाम 70 रुपये प्रति लीटर किया जाए. किसानों का कहना है कि इन कीमतों में बढ़ोतरी से उन्हें गन्ने की बेहतर कीमत मिल सकेगी.
बुंदेलखंड की ग्रामीण महिलाओं के लिए पशुपालन अब सिर्फ घर की जरूरत नहीं, बल्कि नियमित आमदनी और आत्मनिर्भरता का जरिया बन रहा है. झांसी में आयोजित बलिनी की नौवीं वार्षिक आमसभा में इस बदलाव की तस्वीर सामने आई. वर्ष 2019 में सिर्फ 6-7 महिलाओं से शुरू हुई बलिनी पहल से आज करीब 1.05 लाख महिला दुग्ध उत्पादक जुड़ी हैं. संगठन का कारोबार भी बढ़कर पिछले वित्तीय वर्ष में करीब 651 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. बेहतर नस्ल के पशु, पशुपालन प्रशिक्षण और डेयरी प्रबंधन से दूध उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई है. पहले जहां एक पशु से रोजाना 1-2 लीटर दूध मिलता था, वहीं कई महिलाएं अब 6-8 लीटर तक दूध उपलब्ध करा रही हैं. दूध की बिक्री का पैसा सीधे महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए पहुंचता है. बलिनी अब पैकेट दूध के साथ दही, छाछ और पनीर जैसे उत्पाद शुरू करने की तैयारी कर रही है. पिछले साल महिलाओं को करीब 6 करोड़ रुपये का बोनस भी दिया गया था.
मेरठ में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पुराने वाहनों पर कार्रवाई और संपत्तियों को सील करने के मुद्दे पर प्रदर्शन किया. किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहले कमिश्नरी चौराहे पर जुटे और फिर मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) कार्यालय पहुंचे. यहां किसानों ने एमडीए वीसी संजय मीणा को 10 मांगों का ज्ञापन सौंपा. किसानों की मुख्य मांग शहर की संपत्तियों से जुड़े विवादों का समाधान और पुराने वाहनों पर कार्रवाई रोकने को लेकर थी. भाकियू के मेरठ जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि किसान न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हैं, लेकिन प्रभावित लोगों की समस्याओं का समाधान भी होना चाहिए. किसानों ने पुराने वाहनों पर कार्रवाई के दौरान सही वाहनों को भी उठाने का आरोप लगाया. एमडीए के बाद किसान आरटीओ कार्यालय पहुंचे और वहां भी विरोध जताया. संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो आगे आंदोलन किया जाएगा.
बगहा के पास गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से पश्चिमी चंपारण में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. गंडक नदी का जलस्तर अब तक के उच्चतम फ्लड लेवल 90.90 मीटर को पार कर करीब 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है. इसके चलते बगहा-1 प्रखंड के खैरटवा गांव के पास चंपारण तटबंध में करीब 10 मीटर लंबाई में अचानक धसान हो गया और वहां छोटा सा टूटान बन गया. इससे नदी का पानी खेतों में फैल रहा है और आगे चंपारण तटबंध के 9.50 किलोमीटर के पास दोबारा गंडक नदी में मिल जाएगा. पानी फैलने से अगस्तिया, खैरटवा और चंद्रपुर गांवों के निचले इलाकों में जलभराव होने और संपर्क मार्ग प्रभावित होने की आशंका है. राष्ट्रीय राजमार्ग-727 करीब तीन किलोमीटर दूर है. हालांकि, फिलहाल इसके बड़े स्तर पर प्रभावित होने की संभावना कम है, क्योंकि इस इलाके में गंडक नदी का प्रवाह तेजी से घट रहा है. जल संसाधन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर तटबंध की मरम्मत में जुटी है. जिला प्रशासन भी स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है.
कुशीनगर में सोमवार देर रात नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने से एपी तटबंध के ततवा टोला के पास बांध टूट गया. बांध टूटने के बाद आसपास के कई गांवों में पानी फैलने से नुकसान की आशंका जताई गई है. घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली और राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही प्रभावित लोगों की मदद के लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा. उनके निर्देश पर प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन और राहत-बचाव से जुड़ी टीमें मौके पर पहुंच गईं और स्थिति संभालने में जुट गईं. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी बचाव अभियान में लगाया गया है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लगातार स्थिति पर नजर रखने और प्रभावित क्षेत्रों में हरसंभव सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं. प्रशासन की टीमें ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने और राहत कार्य में जुटी हैं.
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब धीरे-धीरे वापस लौट रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून की वापसी की रेखा पंजाब के गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया से होकर गुजर रही है. उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में 30 सितंबर से मौसम मुख्य रूप से सूखा रहने की संभावना है. हालांकि, 29 सितंबर को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक हो सकती है. वहीं, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में मौसम खराब रहने की आशंका है. उत्तर अंडमान सागर और म्यांमार तट के पास बना डिप्रेशन 29 सितंबर को डीप डिप्रेशन में बदल सकता है. इसके प्रभाव से भारी बारिश के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. हवा के झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है.