
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, गंभीर चक्रवाती तूफान 'मुरासु' ने 3 नवंबर की सुबह 3:30 से 5:30 बजे के बीच आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट पर नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के पास दस्तक दी. इस दौरान हवा की रफ्तार 100-110 किमी प्रति घंटे रही, जबकि झोंकों की गति 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंची. सुबह 5:30 बजे तूफान ओंगोल के पास केंद्रित था. इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है. IMD के अनुसार, दोपहर तक इसके चक्रवाती तूफान और आधी रात तक गहरे अवदाब में बदलने का अनुमान है. मौसम विभाग के मछलीपट्टनम और विशाखापट्टनम स्थित डॉप्लर रडार लगातार तूफान पर नजर रख रहे हैं. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
महाराष्ट्र के जालना जिले में कभी मोसंबी की बागवानी किसानों के लिए कमाई का बड़ा जरिया हुआ करती थी, लेकिन अब मोसंबी उत्पादक किसान संकट में हैं. एक तरफ मोसंबी की फसल पर विभिन्न बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ सूखे की स्थिति के कारण बागों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है. इसके चलते पेड़ों से फल गिर रहे हैं और फल गलने की समस्या भी सामने आ रही है. हालात ऐसे हैं कि किसानों को मोसंबी की बागवानी से उत्पादन लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है. इसी वजह से कई किसान अपनी सालों पुरानी मोसंबी की बागों को उखाड़कर फेंकने को मजबूर हैं.(विजय गौरव साली का इनपुट)
सिक्किम में पिछले एक दशक के दौरान दूध उत्पादन में 79 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह के मुताबिक, राज्य में दूध का उत्पादन 1.37 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 2.45 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है.
तादोंग स्थित सिक्किम को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड के दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने डेयरी क्षेत्र की प्रगति की सराहना की. उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने के लिए डेयरी सहकारी समितियों को मजबूत करने, दूध खरीद व्यवस्था, प्रोसेसिंग सुविधाओं और उत्पादकता में सुधार पर जोर दिया.
सरकार का फोकस डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाकर किसानों को अधिक लाभ पहुंचाने और सिक्किम में डेयरी क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाने पर है.(PTI)
पंजाब के फरीदकोट जिले में प्रशासन की जागरुकता मुहिम के बावजूद धान की पराली जलाने के मामले सामने आने लगे हैं. किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से खेतीबाड़ी विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी खुद मैदान में उतर रहे हैं. इसके बावजूद जिले में अब तक पराली जलाने की 11 घटनाएं सामने आ चुकी हैं.
प्रशासन इस बार ड्रोन के जरिए भी खेतों पर नजर रख रहा है. वहीं, पराली जलाने के मामलों में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 6 किसानों के खिलाफ केस दर्ज किए हैं.(प्रेम पासी का इनपुट)
पंजाब के बरनाला में धान की पराली जलाने के मामलों को रोकने के लिए डिप्टी कमिश्नर (DC) हरप्रीत सिंह और SSP मोहम्मद सरफराज आलम ने धनौला, भैणी जस्सा, कालेके और काहनेके गांवों के खेतों का दौरा किया. इस दौरान मौके पर मिली आग को तुरंत बुझवाया गया और दोषी किसानों के खिलाफ रेड एंट्री, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई शुरू की गई. इसके अलावा, लापरवाही बरतने वाले क्लस्टर अधिकारियों पर भी विभागीय कार्रवाई की जा रही है. DC ने फील्ड टीमों को पूरी तरह मुस्तैद रहने और पराली जलाने की घटनाओं पर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए हैं.(आशीष शर्मा का इनपुट)
पंजाब के तरनतारन, फिरोजपुर, मोगा और संगरूर में पराली जलाने का सिलसिला जोरों पर है. सैटेलाइट डेटा और ज़मीनी रिपोर्टों से पता चलता है कि आग की घटनाएं तेज़ी से बढ़ रही हैं. 2 नवंबर तक, पंजाब में खेतों में आग लगने के 1,612 मामले दर्ज किए जा चुके हैं. इनमें से लगभग एक-तिहाई — यानी 489 घटनाएं — अकेले तरनतारन से हैं. इसके बाद फिरोजपुर का नंबर आता है, जहां 193 घटनाएं हुई हैं. संगरूर में 76 मामले सामने आए हैं, जबकि मोगा भी उन ज़िलों में शामिल है जहां मालवा बेल्ट में कटाई आगे बढ़ने के साथ-साथ आग की घटनाएं बढ़ रही हैं. यह सब तब हो रहा है जब दिल्ली की हवा की क्वालिटी लगातार और खराब होती जा रही है.
बिहार में सम्राट चौधरी सरकार ने नदियों में गाद (silt) जमा होने की समस्या से निपटने और राज्य में बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए एक नई नीति शुरू की है. 'बिहार जल संसाधन पुनरुद्धार और गाद प्रबंधन नीति 2026' (Bihar Water Resources Restoration and Silt Management Policy 2026) के तहत, वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करके नदियों, बैराजों और जलाशयों से गाद निकाली जाएगी. निकाली गई इस सामग्री का उपयोग सड़क निर्माण और तटबंध (embankment) परियोजनाओं में किया जाएगा. बिहार के लिए बाढ़ दशकों से एक बड़ी चुनौती रही है. हर साल कई जिलों में बाढ़ आती है, जिससे घरों, फसलों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचता है. नदियों में गाद का जमा होना उन कारकों में से एक माना जाता है, जो नदियों की पानी ले जाने की क्षमता को प्रभावित करते हैं.(रिपोर्ट-रोहित कुमार सिंह, पटना)
नई दिल्ली: मंगलवार को वायदा कारोबार में निवेशकों की ओर से अधिक खरीदारी के चलते ग्वार सीड की कीमतें 151 रुपये बढ़कर 8,294 रुपये प्रति क्विंटल हो गईं. नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) पर, नवंबर डिलीवरी के लिए ग्वार सीड के अनुबंध 151 रुपये (यानी 1.85 प्रतिशत) बढ़कर 8,294 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जिसमें ओपन इंटरेस्ट 43,820 लॉट रहा. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों की ओर से अधिक खरीदारी ने ग्वार सीड वायदा अनुबंधों को समर्थन दिया. (PTI)
नई दिल्ली: मंगलवार को वायदा कारोबार में निवेशकों की ओर से अधिक खरीदारी के चलते ग्वार सीड की कीमतें 151 रुपये बढ़कर 8,294 रुपये प्रति क्विंटल हो गईं. नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) पर, नवंबर डिलीवरी के लिए ग्वार सीड के अनुबंध 151 रुपये (यानी 1.85 प्रतिशत) बढ़कर 8,294 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जिसमें ओपन इंटरेस्ट 43,820 लॉट रहा. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों की ओर से अधिक खरीदारी ने ग्वार सीड वायदा अनुबंधों को समर्थन दिया. PTI
जयपुर: खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मंगलवार को जयपुर में उत्पाद और अन्य सामानों के साथ एक निर्माण और अनाज की फैक्ट्री को सील कर दिया और वहां से लगभग 35,000 लीटर घी जब्त कर लिया. खाद्य सुरक्षा विभाग की एक टीम ने राज्य सरकार के 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत 'हिम खाद्य उत्पाद' की तैयारियों का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने पाया कि वहां सात अलग-अलग ब्रांड के किले - राजस्थान सरस, आश्रम ब्रदर्स, श्री किरण सरस, मटुला, चॉइस आश्रम, रघु श्री और गणक - के नीचे घी की चट्टानें जा रही थीं. (पीटीआई)
अमरावती: भीषण चक्रवाती तूफान 'मुरासु' के कारण 15 जिलों में 30,000 हेक्टेयर से अधिक खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं. इसका सबसे ज्यादा असर कृष्णा, बापटला और नंड्याल जिलों में देखने को मिला. मंगलवार को जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अधिकारियों का अनुमान है कि धान, कपास और मक्के की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है. इसमें कहा गया है, "शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, 15 जिलों में 30,661 एकड़ क्षेत्र में फसलें बर्बाद हुई हैं. चक्रवात के कारण मुख्य रूप से कृष्णा, बापटला और नंड्याल जिलों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है." (पीटीआई)
ऊना: अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग प्राकृतिक खेती के तरीकों से उगाए गए मक्के की खरीद तभी करेगा, जब प्रयोगशाला परीक्षणों से यह पुष्टि हो जाए कि उपज में रसायनों का कोई अंश नहीं है. कृषि विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि ऊना जिले में पंजीकृत 87 किसानों में से 15 किसानों के नमूने जांच के लिए हमीरपुर स्थित सरकारी प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे. इस साल, नमूनों की जांच मोहाली की निजी प्रयोगशाला के बजाय हमीरपुर की सरकारी प्रयोगशाला में की जाएगी. विभाग का मैदानी अमला प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के खेतों में जाकर नमूने एकत्र करेगा. (पीटीआई)
सुल्तानपुर (यूपी): अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सुल्तानपुर जिले में अवैध खनन के खिलाफ छापेमारी के दौरान, इसमें शामिल लोगों ने कथित तौर पर राजस्व विभाग की टीम पर हमला कर दिया. इस घटना में एक नायब तहसीलदार का पैर टूट गया और दो लेखपाल घायल हो गए. यह घटना सोमवार देर रात कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के रामनगर इमलिया गांव में हुई. जिला मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह ने बताया कि इलाके में अवैध खनन की सूचना मिलने के बाद, खनन विभाग के अधिकारियों के साथ राजस्व विभाग की एक टीम को औचक निरीक्षण के लिए भेजा गया था. (पीटीआई)
आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'मुरासु' की रफ्तार हुई कम, आज आधी रात तक डीप डिप्रेशन में बदलने का अनुमान है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 3 नवंबर को सुबह 11:30 बजे गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु बापटला से करीब 40 किमी पश्चिम में केंद्रित था. इस दौरान हवा की रफ्तार 85-95 किमी प्रति घंटे रही, जबकि झोंकों की रफ्तार 105 किमी प्रति घंटे तक पहुंची. तूफान के उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और दोपहर तक चक्रवाती तूफान में कमजोर होने की संभावना है. इसके बाद आधी रात तक इसके डीप डिप्रेशन में बदलने का अनुमान है.
चंडीगढ़: सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को पंजाब में खेतों में आग लगने की घटनाएं बढ़कर 1,612 हो गईं, जिनमें से अकेले तरनतारन जिले में 489 घटनाएं दर्ज की गईं. आंकड़ों के मुताबिक, अमृतसर में खेतों में आग लगने की 192 और फिरोजपुर में 193 घटनाएं सामने आईं. आंकड़ों के अनुसार, 15 सितंबर से 2 नवंबर के बीच पंजाब में खेतों में आग लगने की कुल 1,612 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि 15 सितंबर से 23 अक्टूबर के बीच यह संख्या 542 थी - यानी पिछले 10 दिनों में इसमें तीन गुना बढ़ोतरी हुई है. (पीटीआई)
भारत के पूर्वी तटीय राज्यों में भारी बारिश के बीच एक हफ्ते के भीतर दूसरे भीषण चक्रवात का खतरा मंडरा रहा है. 'मुरासु' नामक इस चक्रवात (जिसका अर्थ 'युद्ध का नगाड़ा' होता है) के असर से सोमवार को कई उड़ानें रद्द कर दी गईं, आपदा राहत टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया और तटीय इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात के सोमवार आधी रात से मंगलवार तड़के के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश में नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से टकराने (Landfall) की संभावना है. इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किमी प्रति घंटा रहने और झोंकों के साथ 120 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका जताई गई है.
अमरावती: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री और वहां की जनता को धन्यवाद दिया. उन्होंने चक्रवाती तूफान 'मुरासु' के असर से निपटने में समय रहते मदद करने के लिए उनका आभार जताया. नायडू ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के 'X' (ट्विटर) पर किए गए एक पोस्ट का जवाब दिया. शिवकुमार ने अपने पोस्ट में कहा था, "हमारी टीमें चक्रवात प्रभावित इलाकों में राहत और बहाली के कामों में मदद करने के लिए आंध्र प्रदेश जा रही हैं." नायडू ने 'X' पर लिखा, "चक्रवात 'मुरासु' के दौरान आंध्र प्रदेश का साथ देने के लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री डी. के. शिवकुमार जी और कर्नाटक की जनता का तहे दिल से शुक्रिया. जरूरत के समय आपकी इस समयोचित मदद को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा." (PTI)
गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है. तूफान के असर से हजारों पेड़ उखड़ गए, सैकड़ों बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए और मछुआरों की नावों को नुकसान पहुंचा है. बापटला और प्रकाशम जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई, जिससे खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा और कई इलाके जलमग्न हो गए. मौसम विभाग के मुताबिक, मुरासु ने मंगलवार सुबह 3:30 से 5:30 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के पास आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट को पार किया. इस दौरान हवा की रफ्तार 100-110 किलोमीटर प्रति घंटे रही और झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची. प्रशासन ने करीब 400 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. मौसम विभाग ने मंगलवार को तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. (PTI)
लातूर: महाराष्ट्र आबकारी विभाग ने लातूर जिले में दो अलग-अलग छापों के दौरान 19.77 लाख रुपये मूल्य की अवैध शराब और अन्य सामान जब्त किया है. अधिकारियों के अनुसार, इसमें गोवा में बनी शराब का एक बड़ा स्टॉक मिला है, जिसे कथित तौर पर महाराष्ट्र में बेचने के लिए लाया गया था. एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि 30 अक्टूबर को मालवती रोड स्थित सद्गुरु नगर में की गई पहली छापेमारी के दौरान, अधिकारियों ने गोवा में बनी शराब की 1,152 सीलबंद प्लास्टिक बोतलें, अलग-अलग ब्रांड की 125 नकली शराब की बोतलें, शराब के विभिन्न ब्रांडों के 5,650 नकली ढक्कन, शराब की ढुलाई में इस्तेमाल होने वाला एक चार-पहिया वाहन और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं. (पीटीआई)
जम्मू: अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में 3.1 तीव्रता का भूकंप आया. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, यह भूकंप सोमवार रात 11:56 बजे आया और इसका केंद्र जमीन से 5 किलोमीटर की गहराई पर था. NCS ने बताया कि भूकंप का केंद्र किश्तवाड़ जिले में 33.292 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 75.892 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 3 नवंबर को प्रदेश की महिलाओं को दीपावली का तोहफा देंगे. लखनऊ के लोक भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 1,500 करोड़ रुपये की सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में ट्रांसफर करेंगे. इससे प्रदेश के 1.89 करोड़ से अधिक पात्र परिवारों को लाभ मिलेगा.
आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट पर चक्रवाती तूफान 'मुरासु' ने मंगलवार, 3 नवंबर की सुबह लैंडफॉल किया. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, गंभीर चक्रवाती तूफान ने सुबह 3:30 से 5:30 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के पास तट को पार किया. लैंडफॉल के दौरान तूफान की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि हवा के झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे. मौसम विभाग के अनुसार, सुबह 5:30 बजे चक्रवात ओंगोल के पास दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश में केंद्रित था. उस समय यह बापटला से करीब 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम, कवाली से 80 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पूर्व और मछलीपट्टनम से 120 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में स्थित था. तूफान के उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने का अनुमान है. इसके प्रभाव से तटीय इलाकों में तेज हवाओं और खराब मौसम की स्थिति बनी रह सकती है. IMD ने बताया कि मुरासु की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है. इसके मंगलवार दोपहर तक कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदलने और फिर आधी रात तक गहरे अवदाब में तब्दील होने का अनुमान है.