
देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में बारिश का दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 2 सितंबर तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 सितंबर तक और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के बीच तेज बारिश का अनुमान है. दूसरी ओर, प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियां सामान्य से कमजोर रहने की संभावना जताई गई है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
रांची: अधिकारियों ने बताया कि अचानक बाढ़ की चेतावनी के कारण बुधवार को झारखंड के गढ़वा और लातेहार जिलों में सभी स्कूल बंद रहे. IMD ने बुधवार के लिए 10 जिलों - गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी और पूर्वी सिंहभूम और सिमडेगा - में अचानक बाढ़ की चेतावनी जारी की थी. लातेहार जिला शिक्षा प्रशासन ने आज सुबह IMD की चेतावनी को देखते हुए सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया. (पीटीआई)
वाराणसी (यूपी): अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि गंगा नदी का जलस्तर यहां चेतावनी के निशान से ऊपर चला गया है, जिसके चलते जिला प्रशासन ने नावों का परिचालन रोक दिया है और बाढ़ प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, जिले में नदी का जलस्तर 70.29 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी का स्तर 70.26 मीटर है. खतरे का स्तर 71.26 मीटर है, जबकि बाढ़ का अधिकतम स्तर 73.90 मीटर तय किया गया है. (पीटीआई)
काठमांडू: नेपाल के अधिकारियों ने बुधवार को देश के मध्य, पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने को कहा है. देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई बारिश के बाद तीन बड़ी नदियों में पानी का स्तर चेतावनी के निशान से ऊपर चला गया है. हाइड्रोलॉजी और मौसम विज्ञान विभाग के बाढ़ पूर्वानुमान डिवीजन के अनुसार, 2 सितंबर को सुबह 6 बजे तक सिंधुली जिले में सुन कोशी नदी, गोरखा में बुढ़ी गंडकी नदी और डडेलधुरा में महाकाली नदी का जलस्तर चेतावनी के निशान से ऊपर था.
डिवीजन ने मंगलवार को बताया कि लमजुंग जिले में मार्स्यांगडी नदी का जलस्तर रात 11:15 बजे भुकुंडेबेसी जलस्तर निगरानी केंद्र पर खतरे के निशान से ऊपर चला गया. डिवीजन द्वारा जारी ताजा जानकारी के अनुसार, मार्स्यांगडी नदी में पानी का स्तर अभी भी बढ़ रहा है। नदी में पानी का बहाव बढ़ने से बाढ़ का खतरा अधिक है. (पीटीआई)
मेरठ: भारतीय किसान यूनियन (BKU) के बुलावे पर, मंगलवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से सैकड़ों किसान ट्रैक्टर और ट्रॉली लेकर मेरठ के कमिश्नर चौक पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया. किसानों की महापंचायत को संबोधित करते हुए, BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बिजली सप्लाई, खाद की उपलब्धता, गन्ने के बकाया भुगतान और गन्ने के सही दाम से जुड़ी मांगें उठाईं. किसानों ने कर्ज माफी का मुद्दा भी उठाया और सरकार से कर्ज माफी की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी मांगी. (पीटीआई)
अमरावती: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू बुधवार को पोलावरम प्रोजेक्ट की 'लेफ्ट मेन कैनाल' (बाईं मुख्य नहर) के ज़रिए उत्तरी आंध्र क्षेत्र के लिए गोदावरी नदी का पानी छोड़ेंगे. इस नहर को लगभग 4,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है. मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री बुधवार को अनाकापल्ली ज़िले के पायकाराओपेटा में पारंपरिक 'जल आरती' करके गोदावरी के पानी का स्वागत करेंगे. बयान में कहा गया है, "मुख्यमंत्री नहर पर बने रेगुलेटर को चालू करेंगे और गोदावरी का पानी उत्तरी आंध्र की ओर छोड़ेंगे." (पीटीआई)
महाराजगंज (UP): अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी देश में अचानक आई बाढ़ में बहे और बाद में उत्तर प्रदेश के कुशीनगर ज़िले में गंडक नदी से बरामद किए गए नेपाल के पांच नागरिकों के शव मंगलवार को सोनौली बॉर्डर पर नेपाल पुलिस को सौंप दिए गए. कुशीनगर के बरवा पट्टी और खड्डा इलाकों से दो महिलाओं और तीन पुरुषों के शव बरामद किए गए थे.
शवों को शाम करीब 4 बजे सोनौली लाया गया और नेपाल के बेलहिया पुलिस स्टेशन के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर हरिराम डांगी को सौंप दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि शवों को बुटवल ले जाया गया, जहां नेपाल पुलिस उनकी पहचान करेगी और परिवारों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी करेगी. (पीटीआई)
देश के कई हिस्सों में मॉनसून सक्रिय बना हुआ है और 2 सितंबर को भी कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और पूर्वी भारत के ऊपर बने वेदर सिस्टम का असर मध्य और पूर्वी भारत के साथ उत्तर भारत के कुछ हिस्सों तक दिखाई देगा. खासतौर पर छत्तीसगढ़ में 2 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में लगातार तेज बारिश का दौर बना रह सकता है. बिहार, झारखंड, ओडिशा और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी मौसम बिगड़ने की आशंका है. पूरी खबर पढ़ें...