
भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने अपने ताजा पूर्वानुमान में बताया है कि 08 अक्तूबर को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों, गोवा, कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के कुछ हिस्सों, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों से वापस चला गया है. इस हफ्ते पूर्वी भारत के और हिस्सों और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी के लिए हालात अनुकूल होने की संभावना है. हफ्ते के मध्य (लगभग 11 अक्टूबर) में अंडमान सागर के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवाती सर्कुलेशन (upper air cyclonic circulation) बनने की संभावना है. इसके असर से, लगभग 13 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इसके और मजबूत होने और अगले 04 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम की ओर उत्तरी तमिलनाडु और दक्षिणी आंध्र तट की ओर बढ़ने की संभावना है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
योगी सरकार ने बाढ़ से 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की, किसानों को मिली राहत
बाढ़ सुरक्षा के अब तक 1549 प्रोजेक्ट पूरे होने से 2.21 करोड़ की आबादी को मिला लाभ
यूपी में बाढ़ के खतरे से बचाव के लिए व्यापक इंतजाम, भूमि और आबादी को मिला संरक्षण
सभी 75 जनपदों में नहरों, जलाशयों और नलकूपों का नेटवर्क भी किया गया मजबूत
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों से धान की कटाई के सीजन में पराली नहीं जलाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है. सरकार ने पराली के उचित प्रबंधन के लिए व्यवस्था की है. ऐसे में किसान पराली जलाने के बजाय सरकार की ओर से की गई व्यवस्था का लाभ उठाएं और पर्यावरण को साफ रखने में सहयोग करें.
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश की कृषि मंडियों में साफ-सफाई बेहतर बनाने के लिए ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान 2026’ चलाने के निर्देश दिए हैं. राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर अक्टूबर 2026 में सभी मंडियों और उपमंडियों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत मंडियों में जमा कूड़ा हटाया जाएगा और बंद नालियों, जलभराव वाले स्थानों, नीलामी चबूतरों तथा दुकानों की सफाई की जाएगी. शौचालयों, यूरिनल और किसान विश्राम गृहों में भी साफ-सफाई और पानी की उचित व्यवस्था पर ध्यान दिया जाएगा. धान और अन्य कृषि उत्पादों की बढ़ती आवक को देखते हुए मंडियों में यातायात और परिवहन व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश भी दिए गए हैं. इसके अलावा निर्माण कार्यों के बाद बचा मलबा और अनुपयोगी सामग्री हटाई जाएगी. इस अभियान का उद्देश्य किसानों को मंडियों में स्वच्छ वातावरण और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें फसल बेचने में कम परेशानी हो.
राजस्थान में रबी सीजन की बुवाई से पहले किसानों के लिए राहत की खबर है. राज्य सरकार ने भरोसा दिया है कि किसानों को जरूरत के अनुसार डीएपी और यूरिया खाद उपलब्ध कराया जाएगा. कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के अनुसार, खरीफ सीजन 2026 में डीएपी की 5.10 लाख टन मांग के मुकाबले 5.44 लाख टन से अधिक और यूरिया की 11 लाख टन मांग के मुकाबले 17.15 लाख टन से अधिक खाद उपलब्ध कराया गया. फिलहाल राज्य में 1,05,584 टन डीएपी और 3,63,969 टन यूरिया का स्टॉक मौजूद है. इसके अलावा, करीब 35 हजार टन डीएपी लेकर 14 रैक रास्ते में हैं, जिनके 14 अक्टूबर तक पहुंचने की संभावना है. सरकार के मुताबिक, मौजूदा स्टॉक से करीब 18 दिन का डीएपी और 35 दिन का यूरिया उपलब्ध है. सरकार खाद की आपूर्ति पर नजर रख रही है और वितरण में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है.
उत्तराखंड के बाजपुर में भीषण ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है. इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. हालात का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रभावित इलाके में पहुंचे. हल्द्वानी से देहरादून लौटते समय उन्होंने अपने हेलीकॉप्टर का रास्ता बदलकर प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया. इसके बाद उन्होंने जमीन पर उतरकर किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का जल्द सर्वे करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं और पूरी प्रक्रिया तय समय में पूरी की जाए. ओलावृष्टि से हुए नुकसान के बाद किसानों को सरकार से मदद की उम्मीद है. अब किसानों की नजर नुकसान के आकलन और राहत से जुड़े अगले कदमों पर है. समय पर सर्वे और सहायता मिलने से प्रभावित किसानों को मुश्किलों से उबरने में मदद मिल सकती है.
बिहार के सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के लिए आज बड़ा दिन है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लाभार्थियों के बैंक खातों में पेंशन की राशि ट्रांसफर करेंगे. बता दें कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 1.08 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को हर महीने 1100 रुपये दिए जा रहे हैं. इसको लेकर पटना में 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. मुख्यमंत्री प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में यह राशि भेजेंगे. सरकार ने पेंशन भुगतान के लिए हर महीने की 10 तारीख निर्धारित की है, ताकि लाभार्थियों को समय पर राशि मिल सके.
नौकरी की तलाश में भटक रहे युवाओं के लिए मछली पालन कमाई का एक विकल्प बन रहा है. बिहार में इस कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए सरकार किसानों और इच्छुक उद्यमियों को आधुनिक तकनीक का मुफ्त प्रशिक्षण दे रही है. मकसद है कि लोग तालाब में मछली पालने से लेकर उत्पादन और बिक्री तक की बारीकियां समझें और इसे बेहतर आमदनी का जरिया बना सकें. जहानाबाद के रवि रंजन कुमार की कहानी इसी बदलाव की एक मिसाल है. बेरोजगारी के दौर से गुजरने के बाद उन्होंने मत्स्य विभाग से मार्गदर्शन लिया और मछली पालन शुरू किया. उनके मुताबिक, एक एकड़ के तालाब से सालाना 10 से 12 लाख रुपये का कारोबार होता है और खर्च निकालने के बाद 4 से 5 लाख रुपये की बचत होती है. वह रोहू, कतला, मृगल और पंगास जैसी मछलियों का पालन कर रहे हैं.
बिहार में जमीन के कागजात से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 45 दिवसीय विशेष अभियान तेज करने की तैयारी की है. राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने सभी जिलों के अपर समाहर्ताओं को लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए हैं. अभियान के तहत जमाबंदी में गलत नाम और विवरण सुधारने के साथ मृत जमीन मालिकों के उत्तराधिकारियों के नाम दर्ज किए जाएंगे. विभाग ने दाखिल-खारिज के लंबित आवेदनों को तय समय में निपटाने और जमीन की मापी में तेजी लाने पर भी जोर दिया है. इसके अलावा, पुराने भूमि रिकॉर्ड को स्कैन करके डिजिटल बनाने और दस्तावेजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों को गांवों से सही जानकारी जुटाने और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मदद लेने को कहा गया है. अभियान का उद्देश्य जमीन मालिकों की परेशानियां कम करना, रिकॉर्ड को सही करना और जमीन से जुड़ी सरकारी सेवाओं में होने वाली देरी को कम करना है.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. स्टेशन परिसर में दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान तैनात हैं. सुरक्षाकर्मी लगातार मार्च कर रहे हैं. वहीं, पूरे इलाके पर नजर रखने के लिए ड्रोन की मदद से भी निगरानी की जा रही है.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रांची के गढ़खटंगा स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (ICAR-IIAB) में कई नई सुविधाओं का उद्घाटन किया. इनमें प्रशासनिक एवं स्कूल भवन, बिरसा मुंडा बहुउद्देशीय हॉल, जयपाल सिंह मुंडा खेल परिसर और नेक्स्टजेन ब्रीडिंग फैसिलिटी शामिल हैं. उन्होंने 119 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए गेस्ट हाउस की आधारशिला भी रखी. शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को बेहतर बीज, संतुलित खाद और नई कृषि तकनीक अपनाने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि झारखंड की मिट्टी और मौसम के अनुसार खेती के तरीके अपनाने चाहिए. उन्होंने अनाज, सब्जियों और पशुपालन को साथ लेकर चलने पर भी जोर दिया. संस्थान की ओर से रबी सीजन से पहले किसान गोष्ठी और कृषि सामग्री वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें रांची, खूंटी, गुमला और रामगढ़ के करीब 1,500 किसानों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक और टिकाऊ खेती के बारे में जागरूक करना था.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के कुछ हिस्सों समेत कई क्षेत्रों से लौट चुका है. अगले सप्ताह पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के अन्य हिस्सों से भी मॉनसून की विदाई हो सकती है. 11 अक्टूबर के आसपास अंडमान सागर में चक्रवाती सर्कुलेशन बनने और 13 अक्टूबर तक बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इसके प्रभाव से दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है. उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के आसार हैं. केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है. IMD के मुताबिक, 15 से 21 अक्टूबर के दौरान दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की विदाई और उत्तर-पूर्वी मॉनसून की शुरुआत के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं. इस दौरान दक्षिण भारत में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है.