
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार, सबसे गंभीर स्थिति पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में रहने की आशंका है. असम और मेघालय में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जबकि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, केरल, तटीय कर्नाटक और कोंकण-गोवा में भी भारी बारिश की आशंका है. लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के उफान और यातायात बाधित होने का खतरा बना रहेगा. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
बागपत में आज पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय सत्यपाल मलिक की पहली पुण्यतिथि पर कांग्रेस की ओर से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जा रहा है. इस कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भी कार्यक्रम में पहुंचने की चर्चा है, हालांकि उनकी मौजूदगी की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इसके अलावा हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के भी सभा में शामिल होने की उम्मीद है. कार्यक्रम में किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी, विभिन्न खापों के प्रमुखों और कई अन्य किसान नेताओं के भी मंच साझा करने की संभावना है. श्रद्धांजलि सभा को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक और किसान संगठनों के बीच खासा उत्साह देखने को मिल रहा है.
गुजरात के नवसारी जिले में इस बार भारी बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. जिले में अब तक औसत 2200 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य बारिश का करीब 115 प्रतिशत है. सबसे ज्यादा नुकसान जलालपुर तालुका के तवडी गांव के किसानों को हुआ है. यहां 23 और 24 जुलाई को हुई करीब 35 इंच बारिश के बाद खेतों में कई फीट तक पानी भर गया, जिससे धान और गन्ने की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई. किसान जयदीप के मुताबिक, पिछले 50 सालों में ऐसी बारिश नहीं देखी गई. किसानों ने धान की बुआई में प्रति बीघा हजारों रुपये खर्च किए थे, लेकिन भारी बारिश ने उनकी पूरी मेहनत खराब कर दी. अब किसान दोबारा खेती करने की स्थिति में नहीं हैं और सरकार से आर्थिक मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं. खेतों का सर्वे शुरू हो चुका है.
उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में नकली लिक्विड यूरिया बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का खुलासा हुआ है. चरवा थाना क्षेत्र के पांसौर गांव में पुलिस, कृषि विभाग और कॉपीराइट टीम ने संयुक्त छापेमारी कर इस फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया. आरोप है कि यहां किसानों को मिलने वाली सब्सिडी वाली यूरिया का इस्तेमाल कर नकली लिक्विड यूरिया तैयार की जा रही थी और इसे BS-6 वाहनों में इस्तेमाल होने वाली असली यूरिया बताकर बाजार में बेचा जा रहा था. कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 70 बोरी यूरिया, लगभग 100 बाल्टी तैयार लिक्विड यूरिया, डिब्बे, स्टिकर और पैकिंग सामग्री बरामद की. फैक्ट्री संचालक मौके से फरार हो गया और वह कोई वैध दस्तावेज भी पेश नहीं कर सका. फिलहाल कृषि विभाग, GST विभाग और पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं. आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
देश में श्री अन्न यानी मोटे अनाज को बढ़ावा देने की सरकारी कोशिशों के बीच किसानों का रुझान इसकी खेती से कम होता दिख रहा है. कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक खरीफ सीजन 2026 में मोटे अनाज की बुवाई का क्षेत्रफल पिछले साल के मुकाबले 12.83 लाख हेक्टेयर घटकर 157.77 लाख हेक्टेयर रह गया है. बाजरा और मक्का जैसी प्रमुख फसलों के रकबे में भी गिरावट दर्ज की गई है. किसानों के अनुसार मोटे अनाज की खेती में सबसे बड़ी समस्या उपज का सही दाम और बाजार उपलब्ध न होना है. कई किसान बेहतर कमाई की उम्मीद में दूसरी फसलों की ओर बढ़ रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि श्री अन्न को बढ़ावा देने के लिए सिर्फ उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सरकारी खरीद, बेहतर एमएसपी, भंडारण और प्रोसेसिंग सुविधाओं को मजबूत करना जरूरी है. तभी किसान दोबारा मोटे अनाज की खेती की ओर आकर्षित होंगे.
महाराष्ट्र सरकार ने लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए एनालॉग यानी नॉन-डेयरी पनीर पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. अब राज्य में इस तरह के पनीर का निर्माण, बिक्री, भंडारण, परिवहन और वितरण नहीं किया जा सकेगा. सरकार ने कहा है कि अगर कोई एनालॉग पनीर को असली डेयरी पनीर बताकर बेचता है, तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. दोषी पाए जाने पर 6 महीने तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने भी इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ के बाद ऐसा कदम उठाने वाला दूसरा राज्य बन गया है. सरकार का कहना है कि यह फैसला उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए लिया गया है.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात के बाद किसान नेताओं ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) को अपना समर्थन दिया है. इससे पहले पंजाब समेत कई राज्यों के प्रमुख किसान नेताओं ने अरविंद केजरीवाल की ओर से E20 को लेकर फैलाई जा रही कथित भ्रामक जानकारियों पर चिंता जताई थी. किसान समुदाय का मानना है कि एथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ने से कृषि उत्पादों के लिए एक मजबूत बाजार तैयार होता है और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलती है. इसके साथ ही इससे भारत की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होती है और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा मिलता है. किसान नेताओं का कहना है कि E20 योजना देश के कृषि क्षेत्र और ऊर्जा सुरक्षा दोनों के लिए महत्वपूर्ण कदम है. अब तथ्यों के आधार पर इस मुद्दे पर चर्चा हो रही है और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ने की जरूरत है.
राजस्थान के फतेहपुर शेखावाटी में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. लंबे समय से गर्मी और सूखे का सामना कर रहे इलाके में जब बारिश हुई तो लोगों को राहत के साथ परेशानी का भी सामना करना पड़ा. तेज बारिश के कारण मुख्य बस स्टैंड पूरी तरह पानी में डूब गया और वह टापू जैसा नजर आने लगा. कई दुकानों में पानी भर गया, जबकि निचले इलाकों के घरों में भी पानी घुस गया. बस स्टैंड पर फंसे बैंक और अस्पताल के कर्मचारियों को ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकाला गया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद की व्यवस्थाएं भारी बारिश के सामने नाकाम साबित हुईं. शेखावाटी क्षेत्र, जहां गर्मियों में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच जाता है, अब बारिश से जलमग्न हो गया है. मौसम विभाग ने जिले में यलो अलर्ट जारी किया है और अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना जताई है.
देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और इसका असर उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक साफ दिखाई दे रहा है. दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदल गया है. उत्तर भारत के कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है. वहीं, दक्षिण और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में लगातार हो रही तेज बारिश से बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 5 अगस्त 2026 के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार, देश के करीब 19 राज्यों में भारी बारिश की संभावना है. दिल्ली और आसपास के इलाकों में पूरे दिन बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है. मौसम विभाग के मुताबिक, राजधानी में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. लोगों को बारिश के दौरान सावधानी बरतने और मौसम विभाग की ताजा सलाह पर नजर रखने की सलाह दी गई है.