
देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों तक पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और बिहार के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 4 से 5 दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है. दूसरी ओर, उत्तर-पश्चिम, पश्चिम-मध्य और दक्षिण भारत के मैदानी इलाकों में अगले 6 से 7 दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने की संभावना है. ऐसे में आइए जानते हैं आज के मौसम का हाल. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
सूत्रो के हवाले से खबर देश भर में मॉनसून की प्रगति से सरकार सतर्क है
अभी 20 जुलाई तक बारिश के आसार नहीं केवल तराई के कुछ क्षेत्रों में ही बारिश की संभावना
हालाँकि 20 जुलाई के बाद फिर से मॉनसून गति पकड़ सकता है
फिलहाल देश के 372 ज़िलों में कमजोर मॉनसून
और 68 जिले बुरी तरह प्रभावित है
इस वर्ष अभी तक बुआई में एक करोड़ हेक्टेयर की कमी है
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सबसे अधिक प्रभावित चौदह राज्यों के मुख्यमंत्रियों से करेंगे चर्चा, जिनमें मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ जैसे राज्य शामिल है
इससे पहले एक बार सभी प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कर चुके हैं चर्चा और अब राज्यवार समीक्षा की जाएगी
केंद्र सरकार अपनी ओर से पूरी सहायता दे रही है
अप्रैल से ही सरकार ने एहतियातन कदम उठाने शुरू कर दिए थे
बुआई अमूमन जुलाई के अंत तक होती है
इस बार 15 अगस्त तक बुआई का सीज़न
अगर मॉनसून सुधरा तो बुआई के हालात में सुधार आ सकता है
जिला मुख्यालय से करीब 200 किलोमीटर दूर स्थित ओसला-गंगाड़ क्षेत्र और हरकीदून वैली से चिंताजनक तस्वीरें सामने आई हैं. सड़क मार्ग वाशआउट होने के कारण ग्रामीणों और पर्यटकों को उफनते नाले को पार करने के लिए JCB मशीन के बकेट का सहारा लेना पड़ रहा है.
जालना में बंजर हो चुकी पहाड़ियों को फिर से हराभरा बनाने की दिशा में एक अनोखी और आधुनिक पहल शुरू की गई है. पहली बार ड्रोन तकनीक के जरिए पहाड़ियों पर देशी वृक्षों के बीजों की बुआई की जा रही है.
पर्यावरण संरक्षण में योगदान के लिए, पांच साल के पर्यावरण प्रेमी रुद्रांश उपाध्याय को केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्मानित किया.
मूल रूप से वाराणसी के रहने वाले और अब पंचकूला में रहने वाले रुद्रांश को नई दिल्ली में 'वृक्ष मित्र कार्यक्रम' में शामिल होने के लिए बुलाया गया था, जहां उन्होंने मंत्री के साथ पौधारोपण अभियान में हिस्सा लिया.
हरियाणा में फसल बीमा योजना को लेकर नया विवाद सामने आया है. दरअसल, सिरसा से कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा ने आरोप लगाया है कि राज्य में मृत किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से फसल बीमा क्लेम पास किए गए. उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है. एक बयान में कुमारी शैलजा ने कहा कि अगर यह मामला सही है, तो यह किसानों और सरकारी व्यवस्था दोनों के साथ बड़ा धोखा है. उन्होंने कहा कि किसानों की सुरक्षा के लिए बनाई गई योजना का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया है, जो बेहद गंभीर है.
कर्नाटक के बिदादी में तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब JMC अधिकारियों द्वारा किए जा रहे ज़मीन के सर्वे के खिलाफ़ किसानों ने ज़ोरदार विरोध किया. किसानों का आरोप था कि अधिकारी उनकी सहमति के बिना सर्वे करने आए थे और उन्होंने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ने से रोक दिया.
प्रदर्शनकारियों की सर्वे अधिकारियों और पुलिसकर्मियों से बहस हुई और मौके पर तीखी नोक-झोंक हुई. पुलिस ने नाराज़ किसानों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन जब भीड़ ने अधिकारियों की गाड़ी को घेर लिया तो विरोध और बढ़ गया.
गुस्से में आकर कुछ किसानों ने कथित तौर पर गाड़ी को नुकसान पहुंचाया और उस पर लाठियां मारीं. प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़े रहे कि किसी भी हाल में सर्वे नहीं होने दिया जाएगा. पुलिस स्थिति को काबू में लाने की कोशिश करती रही.
चंडीगढ़ में भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) और उससे जुड़े किसान संगठनों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर बाइक रैली निकाली. किसानों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध करते हुए कहा कि इससे अमेरिका से सस्ते कृषि उत्पादों का आयात बढ़ सकता है, जिससे दाल, फल, सब्जी समेत कई घरेलू कृषि उत्पादों से जुड़े किसानों, छोटे व्यापारियों और उद्योगों पर नकारात्मक असर पड़ेगा. इसके अलावा किसानों ने पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग नीति पर भी सवाल उठाए. उनका आरोप है कि यह नीति कॉरपोरेट और रियल एस्टेट कंपनियों को फायदा पहुंचाने वाली है, जिससे किसानों के भूमि अधिकार प्रभावित हो सकते हैं. प्रदर्शनकारियों ने बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और खाद की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी जैसी लंबित मांगों को भी उठाया. किसानों ने केंद्र और पंजाब सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए विरोध दर्ज कराया.
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 13 और 14 जुलाई को पश्चिम बंगाल के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वह राज्य के कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर उच्चस्तरीय बैठक करेंगे. 13 जुलाई की शाम कोलकाता पहुंचने के बाद उनकी मुख्यमंत्री आवास पर रात्रिभोज के साथ बैठक होगी, जिसमें खेती, किसानों की योजनाएं, ग्रामीण सड़क, आवास और रोजगार जैसे विषयों पर चर्चा होगी. 14 जुलाई को नए सचिवालय भवन में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, राज्य और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक होगी. इसमें पीएम-किसान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, एमएसपी, ग्रामीण सड़क, आवास और पंचायतों को मिलने वाले फंड सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की जाएगी. इसके बाद शिवराज सिंह चौहान बैरकपुर स्थित आईसीएआर-सीआरआईजैफ पहुंचकर जूट किसानों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद करेंगे. यहां किसानों की समस्याएं सुनने के साथ जूट की उन्नत खेती, वैल्यू एडिशन और रोजगार बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा होगी.
पालघर जिले के बोईसर–मनोर मार्ग पर मवेशी चोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. शिगांव इलाके से तीन गायों और दो बैलों को स्कॉर्पियो में भरकर कुछ आरोपी फरार होने की कोशिश कर रहे थे. सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और गौरक्षकों ने उनका पीछा शुरू कर दिया. करीब एक घंटे तक चले पीछा के दौरान जब गौरक्षकों ने अपनी गाड़ी स्कॉर्पियो के सामने लगाकर उसे रोकने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने तेज रफ्तार में करीब दो मिनट तक स्कॉर्पियो को रिवर्स दौड़ाया और बच निकलने की कोशिश की. इस दौरान पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी गौरक्षकों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया. आखिरकार मनोर थाना क्षेत्र के फुलाचा पाड़ा इलाके में आरोपी स्कॉर्पियो को खेत में छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए. इसके बाद गौरक्षकों और ग्रामीणों ने वाहन से तीन गायों और दो बैलों को सुरक्षित बाहर निकाला. सूचना पर पहुंची मनोर पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है.
चंडीगढ़ में भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) और उससे जुड़े किसान संगठनों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर बाइक रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया. किसानों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे अमेरिका से सस्ते कृषि उत्पादों, जैसे दाल, फल और सब्जियों का आयात बढ़ सकता है, जिससे भारतीय किसानों, छोटे व्यापारियों, मजदूरों और स्थानीय उद्योगों को नुकसान हो सकता है. किसान संगठनों ने पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग नीति का भी विरोध किया. उनका आरोप है कि यह नीति किसानों के भूमि अधिकारों की कीमत पर बड़े बिल्डरों और रियल एस्टेट कंपनियों को फायदा पहुंचा सकती है. इसके अलावा किसानों ने बढ़ती महंगाई, डीजल, रसोई गैस, खाद और अन्य कृषि लागतों में बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया. संगठनों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी समेत लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की और केंद्र व पंजाब सरकार की किसान नीतियों पर सवाल उठाए.
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले की दुर्गम हरकीदून वैली में पिछले 10 दिनों से मुख्य मार्ग बंद होने के कारण पांच गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. हराल खड़ और घीया गाड़ के पास पैदल रास्ता टूटने और घीया गाड़ पर बना पुल बह जाने से तालुका, ढटमिर, गंगाड, पवाणी और ओसला गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है. मजबूरी में ग्रामीण उफनती नदी को पार करने के लिए मानव श्रृंखला बना रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार, करीब 2 जुलाई को मानसून के दौरान तेज बारिश और नदी के बढ़े जलस्तर के कारण पुल बह गया था. इसके बाद से लोगों को राशन, जरूरी सामान और बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. सबसे बड़ी परेशानी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर है. बीमार लोगों और गर्भवती महिलाओं को करीब 25 किलोमीटर दूर सांकरी तक पहुंचाने में काफी जोखिम उठाना पड़ रहा है. हरकीदून वैली देश-विदेश के पर्यटकों और ट्रेकर्स के बीच प्रसिद्ध है, लेकिन हर साल मानसून में रास्ते और पुल टूटने से ग्रामीणों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं.
बिहार के कृषि बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल से जुड़ी व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है. अब किसानों को हर महीने बिजली बिल का भुगतान करना होगा. नई व्यवस्था 1 जुलाई से लागू कर दी गई है. इससे पहले कृषि श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को लगभग तीन महीने के अंतराल पर बिल जारी किया जाता था. साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) ने इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर नई व्यवस्था की जानकारी दी है. पत्र के अनुसार, बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने IAS-1 कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए मौसमी (सीजनल) बिलिंग व्यवस्था को खत्म कर मासिक बिलिंग प्रणाली लागू करने की मंजूरी दी है. गौरतलब है कि इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किसानों को कृषि कार्यों के लिए सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे. अब नई बिलिंग व्यवस्था के लागू होने से कृषि बिजली उपभोक्ताओं को हर महीने बिजली खपत के अनुसार बिल मिलेगा.
El Nino के संभावित प्रभाव और किसानों की समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार ने तैयारी तेज कर दी है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देशभर के किसान संगठनों की बैठक बुलाई है. इस बैठक में El Nino के असर, कृषि परिस्थितियों और किसानों के लिए जरूरी कदमों पर चर्चा होगी. साथ ही फसलों को नुकसान से बचाने के लिए कंटिजेंसी प्लान पर भी विचार किया जाएगा. कृषि मंत्रालय के अनुसार, सरकार El Nino के प्रभाव पर लगातार नजर बनाए हुए है और हर मंगलवार हालात की समीक्षा की जा रही है. जून महीने में देश में सामान्य से 33 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन जुलाई में बारिश की स्थिति में सुधार आया है. अब बारिश की कमी घटकर 24 प्रतिशत रह गई है. सरकार के मुताबिक, जून तक कम बारिश वाले जिलों की संख्या 262 थी, जो अब घटकर 178 रह गई है. इन जिलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. इनमें महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश समेत कई राज्य शामिल हैं. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जुलाई में अच्छी बारिश होने से खरीफ फसलों की बुवाई की संभावनाएं बढ़ी हैं और आने वाले दिनों में बुवाई की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है.
महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में सोयाबीन बीजों की खराब गुणवत्ता को लेकर किसानों की शिकायतों के बाद अब बीज कंपनियों पर कार्रवाई शुरू हो गई है. अकोला और अमरावती में कई बीज कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. किसानों ने आरोप लगाया था कि महंगे दामों पर खरीदे गए सोयाबीन बीज खेतों में बोने के बाद अंकुरित नहीं हुए, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा. कृषि विभाग को पांच जिलों से ढाई हजार से अधिक शिकायतें मिली थीं. विभाग ने बीजों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे, जिसमें कुछ कंपनियों के बीज गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे. इसके बाद संबंधित कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई और उनके बीजों की बिक्री पर रोक लगाई गई. किसानों ने मीडिया की पहल की सराहना करते हुए दोषी कंपनियों पर सख्त कार्रवाई और कड़े कानून बनाने की मांग की है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से 'एक पेड़ मां के नाम' महा पौधारोपण अभियान का शुभारंभ करते हुए प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि यह अभियान धरती माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का महायज्ञ है, क्योंकि प्रकृति ही हमें अन्न, जल, ऑक्सीजन और जीवन के लिए आवश्यक संसाधन प्रदान करती है. मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों के दौरान 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं. इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस पर 5 करोड़ से अधिक पौधारोपण किया गया, जबकि एक ही दिन में 12 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और विकास साथ-साथ चल सकते हैं. जलवायु परिवर्तन, अनियमित बारिश और बढ़ते तापमान से बचने के लिए हर नागरिक को पौधारोपण के साथ उसकी सुरक्षा भी करनी होगी. यही आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा उपहार होगा.
उत्तर भारत में पिछले कुछ दिनों तक कहर बरपाने वाली मॉनसून की बारिश फिलहाल कमजोर पड़ती नजर आ रही है. दिल्ली-एनसीआर में बारिश लगभग थम गई है, जबकि राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मॉनसून के बावजूद उमस और गर्मी लोगों को परेशान कर रही है. हालांकि, राहत ज्यादा दिन की नहीं है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 राज्यों के लिए आंधी, तेज बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार, अगले 12 घंटों के दौरान कई इलाकों में 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. आईएमडी के मुताबिक, मॉनसून ट्रफ फिलहाल हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होते हुए मणिपुर तक फैली हुई है. वहीं, उत्तरी बांग्लादेश और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से करीब 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है. इसके प्रभाव से अगले 2 से 3 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और बिहार के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी अगले 4 से 5 दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया है.